क्या GST अधिकारी बताएंगे कि GST के नए रजिस्ट्रेशन में कितना समय लगता है
मेरा एप्लिकेशन 04/03/2025 को ही सबमिट किया गया है लेकिन कोई अपडेट नहीं है
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उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। उनकी हार के बावजूद, बीजेपी ने उन्हें 2025 बिहार चुनावों के लिए कुशवाहा वोटों को मजबूत करने हेतु राज्यसभा में नामित किया। वे "लव-कुश" वोटों के लिए महत्वपूर्ण हैं, पर तेजस्वी यादव और अभय कुमार सिन्हा के उभरने से उनकी समाज में स्थिति चुनौतीपूर्ण है। फिर भी, उनका प्रभाव बना हुआ है।
छुटभैये किसी नेता को केन्द्र में कैबिनेट मंत्री बना दिए....तथा विद्वान, मुद्दों की राजनीति करनेवाले नेता प्रोफेसर उपेन्द्र कुशवाहा जी को सिर्फ एक सदस्य एक मंत्रालय में?
आपके अनुसार इनके समर्थक बेवकूफ है जो एक मंत्रालय में मामूली सदस्य बनाने से आपको भर भर के वोट मिल जाएगा?
बिहार की जातिगत जनगणना में भले ही कुशवाहा समेत अन्य जातियों के साथ जनगणना घोटाला/षड्यंत्र किया गया/हुआ हो लेकिन कुशवाहा समेत उन जातियों की वास्तविक संख्या हर उस बड़े स्तर के जमीनी नेताओ को बिहार में पता हैl प्रोफेसर उपेन्द्र कुशवाहा सिर्फ 11% कुशवाहा के नेता नहीं अपितु ओबीसी और दलितों की कई बिरादरी भी इन्हे दिल खोलकर समर्थन देती हैl
वैसे....क्या चाहते हो आप, 2024 लास्ट फेज वाली लोकसभा जैसा हाल बिहार में हो जाए?
No Doubt, उपेन्द्र कुशवाहा जी सीधे साधे व्यक्ति है और कभी उटपटांग नहीं बोलते,किसी के साथ धोखा नहीं करते..लेकिन उनके समर्थक इतने बड़े वाले बुद्धू तो नहीं है न.. वो लोग सबकुछ समझते हैl
अगर उपेन्द्र जी को केन्द्र में कैबिनेट रेलमंत्री अथवा कैबिनेट शिक्षामंत्रालय नहीं मिला तो जो दुर्गति लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में हुई थी वो गति बिहार के विधानसभा चुनाव के शुरुआती चरणों से देखने को मिल जाएगीl
समय रहते भाजपा प्रबंधन को चेत जाने की जरूरत है और वैसे भी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में कुशवाहा प्रतिनिधित्व शून्य है लिहाजा उपेन्द्र जी फ़िलहाल कैबिनेट मंत्री के लिए सबसे फिट नेता हैl भाजपा का सामाजिक समीकरण भी ठीक हो जाएगा जैसा भाजपा चुनावी प्रचार में घोषणा करती रहती हैl
#UpendraKushwaha #MinistryofRailway #EducationMinistry #NarendraModi #AmitShah
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किसी अन्य पार्टी में शामिल हो जाने पर आक्रोशित मित्र कृपया हरिवंश राय बच्चन साहब की निम्नलिखित पंक्तियों का स्मरण करें --
"जो बीत गई सो बात गई
मधुवन की छाती को देखो
सूखी कितनी इसकी कलियां
मुरझाई कितनी वल्लरियां
जो मुरझाई फिर कहां खिलीं
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है
जो बीत गई सो बात गई "
वैसे जदयू के लोगों से आग्रह है कि कुछ और उम्मीदवार की जरूरत हो तो बताइएगा, प्लीज़।
सोशल मीडिया टीम से बताया गया कि मेरा issue को आगे बढ़ा दिया गया है और 24 oct ka समय दिया गया था
तब अभी आपके social media team के Azahar आए और अपने लीडरशिप टीम को ट्रांसफर किए को भी Investigation की बात कर रहे है
7 Oct का पिकअप किया गया प्रॉडक्ट जिसका अभी तक कोई रिस्पॉन्स नही है