‘जल्दी द लेट’ से लेकर ‘होम फ्रॉम वर्क’ और हाल ही में ‘मनी फॉलोज माय ब्रदर’ वाले Memes से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं रवि किशन. उन्होंने इस पॉपुलैरिटी के लिए जेन जी का शुक्रिया भी अदा किया. उन्होंने कहा, 'पहले मुझे किसी ने भी नहीं ढूंढा. अब लोग मुझे ज्यादा देखना चाहते हैं. जेन जी ने मझे स्वीकार कर लिया है. मैं सच में उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं और उनकी क्रिएटिविटी के सैल्यूट करता हूं.'
रवि किशन ने आगे बताया कि उनके लिए सबसे ज्यादा सरप्राइजिंग क्या था. वो कहते हैं, 'मेरे लिए बेस्ट पार्ट ये रहा, जो हो सच में हो रहा है. बीजेपी, दिल्ली पुलिस, महाराष्ट्र सरकार ने भी मीम्स बनाए. मैं पर्सनली ये सब फॉलो और लाइक कर रहा हूं.'
दरअसल, वह जो भी कर रहे हैं वो मीम मटेरियल बन रहा है। हाल ही में एक्टर ने वायरल मीम्स को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कि वह खुद बिना कुछ बोले ही वायरल हो गए थे। ऐसे में अब एक्टर ने वायरल मीम्स पर बात की और कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि क्या हो रहा है, जो भी हो रहा है वो अचानक हो रहा है
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छात्रों की बात.....छात्रों के साथ
झारखंड के मेरे सभी युवा साथियों,
जोहार!
मेरा हमेशा से यह विश्वास रहा है कि संवाद से ही सुधार आते हैं और संवाद आपकी भागीदारी के बिना अधूरा है।
झारखंड के लाखों युवाओं के सपने हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जब कोई छात्र वर्षों तक मेहनत करता है, तो उसके साथ केवल उसका भविष्य ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। इसलिए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष, विश्वसनीय और समयबद्ध बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
सभी जानते हैं कि वर्षों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आयोग और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल सकी। हमारी सरकार ने समस्याओं से मुंह मोड़ने के बजाय उन्हें स्वीकार किया और एक-एक कर सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किए।
राज्य गठन के बाद पहली बार हमारी सरकार ने JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर कठोर रोक लगाने के उद्देश्य से सख्त कानूनी व्यवस्था भी लागू की गई। यह कानून झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए बनाया गया। उस समय इस पर अनेक प्रकार की आलोचनाएँ भी हुईं, लेकिन हमारा विश्वास था और आज भी है कि ईमानदार विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं।
आज देश के अनेक राज्यों को भी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि समाधान का रास्ता भी दिखाए।
हम झारखंडी हैं। हमारे पूर्वजों ने हमें कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारना सिखाया है। हमने मिलकर कोरोना जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया। उसी आत्मविश्वास के साथ मुझे विश्वास है कि आपके सहयोग से झारखंड परीक्षा सुधार के क्षेत्र में भी एक नई मिसाल कायम करेगा।
हमारी सरकार का प्रयास है कि झारखंड के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और अवसर मिले। इसी उद्देश्य से नियुक्ति प्रक्रियाओं में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। झारखंडी फर्स्ट की भावना के साथ हम स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा और उनके लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आज 25 वर्ष का झारखंड एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। यह केवल सरकार की यात्रा नहीं, बल्कि हम सभी झारखंडवासियों की साझा यात्रा है। इस यात्रा को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका युवाओं की होगी।
साथियों,
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। लेकिन ऐसा केवल सरकार अकेले नहीं कर सकती। इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण भागीदार आप हैं। इसी उद्देश्य से हमने "छात्रों की बात - छात्रों के साथ" अभियान प्रारंभ किया है।
मैं झारखंड के प्रत्येक जिले, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान और प्रत्येक छात्र-छात्राओं से आग्रह करता हूँ कि खुलकर अपने सुझाव दीजिए -
📌परीक्षा प्रणाली में क्या-क्या कमी दिखाई देती है, हमें बताइए।
📌यदि आपके पास कोई बेहतर व्यवस्था का सुझाव है, उसे साझा कीजिए।
📌यदि आपने किसी समस्या का सामना किया है, उसका अनुभव लिखिए।
📌यदि आपके पास कोई नया समाधान है, उसे हमारे साथ साझा कीजिए।
आपके प्रत्येक सुझाव का अध्ययन किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा उनका परीक्षण किया जाएगा और जहाँ भी संभव होगा, उन्हें नियमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप तय समय सीमा के अन्दर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
क्योंकि यह केवल परीक्षा सुधार का विषय नहीं है। यह झारखंड के युवाओं के विश्वास का, लाखों परिवारों के सपनों का, राज्य के भविष्य का विषय है।
मैं आप सभी युवा साथियों से आग्रह करता हूँ कि इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनें और अपने सुझाव नीचे दिए गए पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें—
https://t.co/1Tf2OisNV9
आइए, हम सब मिलकर ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाएं जिस पर हर छात्र गर्व कर सके और भरोसा कर सके।
जोहार!
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
E20 पेट्रोल पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि किन वाहनों के माइलेज पर ई20 पेट्रोल का असर होगा. लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में उन्होंने ये जानकारी दी है. ई20 पेट्रोल को लेकर इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कुछ वाहनों पर पड़ने वाले असर की भी जानकारी दी थी. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
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माँ भारती की आन-बान-शान की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों को कारगिल विजय दिवस पर सादर नमन।
कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के साहस, शौर्य व स्वाभिमान को विश्व भर में गौरवान्वित करने की स्वर्णिम तिथि है।
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