जमुई की घटना के बारे में -
1. मड़वा पहाड़ के पास यह इकलौती घटना नहीं है।
2. यह पहाड़ एक ऐसा स्पॉट है, जहां लोग घूमने आते हैं। किशोर/ युवा लड़के, लड़कियां भी आते हैं।
3. असामाजिक तत्व इससे पहले भी कई जोड़ों को परेशान कर चुके हैं। ज्यादातर मौके पर ऐसे लोग बदनामी, घरवालों की डर से शिकायत नहीं दर्ज करा पाते।
4. करीब 6 महीने पहले भी एक लड़की के साथ असामाजिक तत्वों ने छेड़खानी की थी। लड़के के साथ मारपीट की थी।
5. मड़वा गाँव के कई लोगों ने ऑन कैमरा मुझसे कहा कि वे ऐसे लोगों से परेशान हैं। इनमें ज्यादातर बालू के कारोबार में शामिल लोग हैं, जो शराब का भी धंधा करते हैं।
6. यानी इस स्पॉट पर ऐसी घटनाएं आम हैं लेकि�� फिर भी पुलिस गश्त जीरो।
बिहार की सुमन को उसकी माँ ने राजस्थान के एक लड़के को बेच दिया था। तब उसने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा था,"मैं पढ़ना चाहती हूं, मेरी खरीद फरोख्त न हो।" सुमन बिकने से बच गई। लेकिन अनुसूया जैसी हजारों लड़कियां नहीं बच पाई। यह उन्हीं लड़कियों की कहानी है। जिनकी न कोई सुनता है, न ही कोई उनके लिए बोल पाता। जिन घरों में वे ब्याही जात�� हैं, वहां भी जलालत ही पाती हैं। यह खरीद बिक्री समाज के बड़े हिस्से में आम है। इतना कि इसपर काफी भद्दे गाने भी बनते हैं। मीम भी।
भेड़ बकरियों की तरह लड़कियों का सौदा होता है। हजार से लेकर कुछ लाख तक में। इसे रोकने वाली एजेंसी खुद कर्मियों की कमी से जूझ रही।
राजस्थान में शादी के नाम पर लड़कियों की तस्करी पर मेरी रिपोर्ट - https://t.co/Fv0rQp0DuY
Don’t forget, candidature of Swati Singh, most popular candidate from Left Panel was cancelled by the JNU Administration at 2 AM when the polling was to begin at 9 AM, to even deny her the chance of moving the court.
Yet, Left panel swept #JNUSUElection2024.
Former SC Judge Ramasubramaniam who was the ‘observer’ of the elections, remained a mute spectator.
दो मुख्यमंत्री जेल में हैं। लगभग सभी विपक्षी दलों के ख़िलाफ़ जाँच चल रही है। मुख्य विपक्षी पार्टी के खाते चुनाव से ठीक पहले फ्रीज कर दिए है���
क्या आपको इसमें एक ऑथ़ॉरिटेरिअन रीजिम की बदबू नहीं आ रही? विपक्ष को आख़िरी बार जब इस तरह से रौंदा गया था, उसे आज हम आपातकाल की शक्ल में याद करते हैं।
हम पत्रकार त्रासदियों को प्रहसन की तरह घटते हुए देखने को अभिशप्त है।
The RTI is used by journalists & activists to investigate & place reports in the public domain on many issues where personal info is vital for accountability. We oppose amendments proposed by the Data Protection Bill to the RTI & demand transparency from the govt #SaveRTI
So jaipur Bhaskar team consists of 114 members and guess what only 10 of them are women!
That's 8.7 percent!
Where's the participation?
Who's going to raise the voice of 50% of population?
( It's not about just Bhaskar )