समाजवाद की प्रबल आवाज़ आज शांत ज़रूर हुई है पर प्रेरणा बनकर हमारी स्मृतियों में सदा कौंधती रहेगी!
मंडल आंदोलन के अलंबरदार को अश्रुपूरित भावभीनी श्रद्धांजलि।
#sharadyadav
‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है। आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं।
भाजपा व उनके संगी-साथी समय-समय पर जिस तरह कभी ‘समीक्षा’ तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं या कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं, वो सदियों से शोषित-वंचित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं।
आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा!
"रोंगटे खड़े हो गए खूंखार पिटबुल का ये वीडियो देखकर.. बेचारे दंपति मकान देखने गए थे.. पिटबुल ने काट-काट के खून से लथपथ कर दिया.."
वीडियो पटियाला का है जहां एक दंपति प्रॉपर्टी डीलर के साथ मकान देखने गए थे.. मकान उन्हें खरीदना था. प्रॉपर्टी डीलर जैसे ही दरवाजा खोलकर भीतर गया, मकान मालिक का पालतू पिटबुल बाहर निकाल आया..
पिटबुल ने सीधे महिला पर अटैक कर दिया.. उन्हें जमीन पर गिराकर खूब जमकर काटा.. पति ने बचाने की कोशिश की तो उन पर भी हमला कर दिया..
इसके बाद खूंखार पिटबुल ने दोनों को पूरे शरीर में जगह-जगह काट-काट के खून से लथपथ कर दिया..
दंपति की चीखें सुनकर आसपास के लोग दोनों की जान बचाने आए.. पिटबुल को लाठी, डंडे, वाइपर से पीट कर भागने की कोशिश की लेकिन कुत्ता इतना ढीठ था कि माना ही नहीं..
लोगों के डंडे टूट गए, काफी देर बाद वो डर कर भागा.. लेकिन तब तक बेचारे दंपति की हालत खराब हो चुकी थी.. फिलहाल दोनों निजी अस्पताल में भर्ती हैं.. इलाज चल रहा है..
लखनऊ में तो पिटबुल अपनी बुजुर्ग मकान मालकिन की हत्या भी कर चुका है..
कुत्ते मुझे पसंद हैं लेकिन ऐसे भी नहीं..
#Dogs #DogAlert #DogAttack #Pitbull #Patiyala #Pets #DangerousPets
ये किसी एक शख़्सियत पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चेहरे पर फेंकी गई एक स्याही है… ऐसी वारदात किसी शासन सत्ता की तानाशाही के ख़िलाफ़ लड़ने वाली शख़्सियतों को और मज़बूती और माद्दा देती हैं… सनद रहे
साभार @umashankarsingh
महोदय, कृपया इनकी बातों का संज्ञान लें। थाना अध्यक्ष महोदय इनकी एफआईआर (FIR) तथा कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और ये दो दिनों से लगातार परेशान हैं।
@Uppolice@jaunpurpolice@adgzonevaranasi
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां ने वाराणसी की उस घटना पर टिप्पणी की है जिसमें मुस्लिम युवकों ने गंगा नदी में नाव पर बिरयानी खाई थी और 3 महीने जेल में रहे थे।
यहां एक सवाल यह भी है कि अगर इस मामले की जानकारी थी, और पता था कि यह गलत है तो फिर सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए था।
पहली तस्वीर में पेपर लीक माफिया विधायक बेदीराम है जिसे STF ने गिरफ़्तार किया था, अभी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है
दूसरी तस्वीर में पेपरलीक माफिया विपुल दुबे है, पेपर लीक में अरेस्ट हुए लेकिन कोर्ट में ट्रायल लटका
दोनों विधायक इस समय बीजेपी के सहयोगी विधायक है इसलिए उनपर कार्यवाही नहीं होती
यूपी में करीब 20 पेपर लीक हो चुके है लेकिन किसी पर कार्यवाही नहीं हुई क्यूँकि पेपर लीक कराने वाले बीजेपी के ही लोग होते है।
प्रोटेस्ट में एक छात्र हाथ जोड़कर खड़ा है पुलिस लाठियों से पीटती रही उस सिपाही ने आखिर में उसके सिर पर लाठी मारा उसके बाद वह छात्र वहीं सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया।
कुत्ते पुलिस वाले हत्या के लिए भेजे गये हैं।
उस पुलिस वाले पर attempt to murder का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाय।
@HMOIndia@AmitShah
480 Pakistan-based social media handles involved in coordinated misinformation campaigns were identified and blocked.
Delhi Police appeals to students and youth to be wary of such foreign accounts spreading rumours to mislead the situation.
@LtGovDelhi#DPUpdates
पेपर लीक माफिया को विधायक बना रखा है इन लोगों ने और फास्ट ट्रैक का ढोंग कर रहे
कभी सुना है आरोप तय होने के बाद सजा ही न हो?
आजम खान हों या राहुल गांधी, मिनटों में सदस्यता खत्म होती है.
लेकिन पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई की बात आती है तो योगी-मोदी की प्राथमिकता देखिए