सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय: UPSI भर्ती 2025 (विज्ञापन संख्या-पीआरपीबी-बी (उपनिरीक्षक संवर्ग)-03/2025) में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने, लिखित परीक्षा परिणाम के साथ ही स्कोरकार्ड/अंकपत्र जारी करने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों के रहने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट जारी कर पद भरने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्र हैं। हम पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित UPSI 2025-26 परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। जो 14 और 15 मार्च 2025 को संपन्न हो चुकी है। महोदय हम आपके संज्ञान में वर्तमान में जारी भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि और अन्य खामियों हेतू कुछ महत्वपूर्ण चीजें लाना चाहते है,
1. भारी कंपटीशन: इस वर्ष लगभग 16.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने मात्र 4543 पदों के लिए आवेदन किया है, जो बताता है कि कंपटीशन बहुत ज्यादा है।
2. काफी समय से भर्ती न होना: यह भर्ती 05 वर्षों बाद आई है, जिसकी वजह से लाखों फॉर्म भरे गए और लगभग 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है।
3. रिक्त पदों की उपलब्धता: उत्तर प्रदेश पुलिस में अभी भी सब-इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं जिन्हें वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्ती में पदवृद्धि कर भरा जा सकता है।
4. पिछली बार UPSI भर्ती 2020-21 में कुल पदों की संख्या 9534 थी लेकिन इस बार लगभग 05 वर्षों के बाद 2025-26 भर्ती में 4543 पदों के लिए भर्ती हो रही है किन्तु पदों की संख्या पिछली बार से आधी से भी कम है। जो भारी कंपटीशन होने के कारण बहुत ही कम है। यदि वर्तमान परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो यह योग्य युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा।
5. पुलिस भर्ती बोर्ड की पूर्व परीक्षाओं में देखा गया है कि केवल सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है, जिससे बहुत से अभ्यर्थी यह जानने से वंचित रह जाते हैं कि वे कितने अंकों से अनुत्तीर्ण हुए हैं। अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि UPSI भर्ती 2025 का लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करते समय DV/PST रिजल्ट के दौरान ही सभी अभ्यर्थियों (सफल और असफल) का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए। परिणाम के साथ ही नॉर्मलाइज्ड अंक (Normalized Marks) और विषयवार अंक (Sectional Marks) भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छात्रों का बोर्ड पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
6. श्रीमान अंतिम चयन परिणाम के बाद मेडिकल प्रक्रिया के बाद और कुछ चयनित उम्मीदवारों द्वारा जोइनिंग न लेने के कारण कुछ सीटें खाली रह जाती है। जिन्हें उसी भर्ती के अन्य अभ्यर्थियों में से वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाना चाहिए जिससे कोई सीट खाली न जाए और कुछ अन्य अभ्यर्थियों को मौका मिल जाएं।
अतः आदरणीय मुख्यमंत्री जी आपसे हम सभी UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों का विनम्र निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवा बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से, UPSI भर्ती 2025- 26 की जारी भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या 4543 से बढ़ाकर उसे कम से कम 6500-7000 करवाने, लिखित परीक्षा के स्कोरकार्ड दिखाएं जाने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरवाए जाने की कृपा करें। हम आपके सदा आभारी रहेंगे।
#UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों की उत्तर प्रदेश सरकार से मुख्य 03 मांगे~
01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन #UPSI भर्ती में कम से कम 02 हजार पदों की वृद्धि हो।
02. रिज़ल्ट के साथ व्यक्तिगत और सार्वजनिक रूप से स्कोरकार्ड तथा रैंक सूची दिखाएं जाए।
03.अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी हो।
निवेदक~ समस्त #UPSI परीक्षार्थी..🙏🚩
#UPSI_INCREASE_2000_POST
#UPSI_SHOW_MARKS
#UPSI_GIVE_WAITING_LIST
#UPSI_BHARTI_4543
#UPSI_GIVE_RESERVE_LIST
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
विषय: UPSI भर्ती 2025 (विज्ञापन संख्या-पीआरपीबी-बी (उपनिरीक्षक संवर्ग)-03/2025) में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने, लिखित परीक्षा परिणाम के साथ ही स्कोरकार्ड/अंकपत्र जारी करने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों के रहने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट जारी कर पद भरने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्र हैं। हम पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित UPSI 2025-26 परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। जो 14 और 15 मार्च 2025 को संपन्न हो चुकी है। महोदय हम आपके संज्ञान में वर्तमान में जारी भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि और अन्य खामियों हेतू कुछ महत्वपूर्ण चीजें लाना चाहते है,
1. भारी कंपटीशन: इस वर्ष लगभग 16.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने मात्र 4543 पदों के लिए आवेदन किया है, जो बताता है कि कंपटीशन बहुत ज्यादा है।
2. काफी समय से भर्ती न होना: यह भर्ती 05 वर्षों बाद आई है, जिसकी वजह से लाखों फॉर्म भरे गए और लगभग 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है।
3. रिक्त पदों की उपलब्धता: उत्तर प्रदेश पुलिस में अभी भी सब-इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं जिन्हें वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्ती में पदवृद्धि कर भरा जा सकता है।
4. पिछली बार UPSI भर्ती 2020-21 में कुल पदों की संख्या 9534 थी लेकिन इस बार लगभग 05 वर्षों के बाद 2025-26 भर्ती में 4543 पदों के लिए भर्ती हो रही है किन्तु पदों की संख्या पिछली बार से आधी से भी कम है। जो भारी कंपटीशन होने के कारण बहुत ही कम है। यदि वर्तमान परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो यह योग्य युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा।
5. पुलिस भर्ती बोर्ड की पूर्व परीक्षाओं में देखा गया है कि केवल सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है, जिससे बहुत से अभ्यर्थी यह जानने से वंचित रह जाते हैं कि वे कितने अंकों से अनुत्तीर्ण हुए हैं। अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि UPSI भर्ती 2025 का लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करते समय DV/PST रिजल्ट के दौरान ही सभी अभ्यर्थियों (सफल और असफल) का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए। परिणाम के साथ ही नॉर्मलाइज्ड अंक (Normalized Marks) और विषयवार अंक (Sectional Marks) भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छात्रों का बोर्ड पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
6. श्रीमान अंतिम चयन परिणाम के बाद मेडिकल प्रक्रिया के बाद और कुछ चयनित उम्मीदवारों द्वारा जोइनिंग न लेने के कारण कुछ सीटें खाली रह जाती है। जिन्हें उसी भर्ती के अन्य अभ्यर्थियों में से वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाना चाहिए जिससे कोई सीट खाली न जाए और कुछ अन्य अभ्यर्थियों को मौका मिल जाएं।
अतः आदरणीय मुख्यमंत्री जी आपसे हम सभी UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों का विनम्र निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवा बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से, UPSI भर्ती 2025- 26 की जारी भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या 4543 से बढ़ाकर उसे कम से कम 6500-7000 करवाने, लिखित परीक्षा के स्कोरकार्ड दिखाएं जाने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरवाए जाने की कृपा करें। हम आपके सदा आभारी रहेंगे।
#UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों की उत्तर प्रदेश सरकार से मुख्य 03 मांगे~
01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन #UPSI भर्ती में कम से कम 02 हजार पदों की वृद्धि हो।
02. रिज़ल्ट के साथ व्यक्तिगत और सार्वजनिक रूप से स्कोरकार्ड तथा रैंक सूची दिखाएं जाए।
03.अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी हो।
निवेदक~ समस्त #UPSI परीक्षार्थी..🙏🚩
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#UPSI_GIVE_RESERVE_LIST 🙏
@upprpb@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@myogiadityanath 🙏
दो पैरों का मुआवजा 1 लाख रुपए ?
1 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी दे सरकार और पीड़ित को लिपिक संवर्ग में नौकरी दे !
@Uppolice के जवानों और कार्यकारी बल के साथ हर इकाई को ऐसी विषम परिस्थिति में @dgpup को स्टैंड लेना चाहिए !
सीधी और न्यायपूर्ण मांग है अभ्यर्थियों की ?
2025-26 के स्कोरकार्ड देखने का अधिकार है अभ्यर्थियों को ?
यदि पद रिक्त रह गए तो उन्हें भरने के लिए अतिरिक्त वेकेंसी तत्काल जारी की जाए ?
#UPSI_Bharti_4543#UPSI_Show_Marks#UPSI_INCREASE_2000_POST
UPSSSC भर्तियों में बैकडोर से अपने लोगों को शामिल करने के लिए छात्रों के मार्क्स जारी नहीं करता है
आपसे आग्रह है भर्ती बोर्ड के भ्रष्टाचार के खिलाफ व UPSI के 2000 पदों को बढ़ाने के लिए ट्वीट और शेयर करें
#UPSI_SHOW_MARKS#UPSI_INCREASE_2000_POST@upprpb@ANINewsUP@bstvlive
सेवा में,
माननीय उत्तर प्रदेश सरकार एवं पुलिस भर्ती बोर्ड (UPPRPB)
हम विज्ञापन संख्या: पीआरपीबी-बी (उपनिरीक्षक संवर्ग)-03/2025 से संबंधित अपनी प्रमुख मांगें विनम्रता से आपके समक्ष रखते हैं:
मुख्य मांगें:
पारदर्शिता के लिए स्कोरकार्ड: UPSI भर्ती परीक्षा 2025-26 के DV/PST परिणाम के साथ ही सभी अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत स्कोरकार्ड जारी किया जाए। (#UPSI_SHOW_MARKS)
पदों में वृद्धि: पिछली भर्ती (9534 पद) की तुलना में रिक्तियों की संख्या बहुत कम (4543 पद) है। विभाग में रिक्त पदों को देखते हुए कम से कम 2000 पद बढ़ाए जाएं। (#UPSI_INCREASE_2000_POST)
"न्यायपूर्ण चयन और पारदर्शिता हमारा अधिकार है!"
#UPSI_SHOW_MARKS #UPSI_INCREASE_2000_POST #UPSI_BHARTI_4543
@upprpb@UPGovt@myogiadityanath@CMOfficeUP 🙏
जैसे @IPS_Association है वैसे ही अराजपत्रित कर्मचारियों का एसोसिएशन होना चाहिए !
कई राज्यों में भी IPS एसोसिएशन है !
लेकिन अराजपत्रित कर्मचारियों को नियमावली का हवाल दिया जाता है ?
अनर्गल उत्पीड़न,सस्पेंशन,कैरेक्टर रोल से खिलवाड़ ,मनमानी ट्रांसफर नीति,कई बार अनैतिक विभागीय कार्यवाहियों की पीड़ा जैसे कई विषय जिसमें सिपाही दारोगा पिस कर रह जाते हैं ?
अराजपत्रित कर्मचारियों के एसोसिएशन न होने का खामियाजा अराजपत्रित भुगतते हैं !
IPS bhi कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत यूनियन नहीं बना सकते,लेकिन एसोसिएशन है ! इसलिए संतुलन आवश्यक है !
अराजपत्रित कार्यकारी दल के साथ भेदभाव क्यों ?
IPS एसोसिएशन की विधिक मान्यता क्या है ?
क्या केंद्रीय कर्मचारी या राज्यकर्मचारी आचरण नियमावली इन्हें अनुमति देती है ?
यदि नहीं तो अराजपत्रित कर्मचारियों के एसोसिएशन से समस्या क्यों ?
ये मेरा व्यक्तिगत आकलन है कि पुलिस विभाग में निचले स्तर के कर्मचारियों की सुनवाई अधिकारियों के मूड के अनुसार होती है !
इसका किसी सिपाही या कर्मचारी से कोई लेना देना नहीं है !
लेकिन पुलिस सामाजिक समरसता के विभेद में कभी सार्थक नहीनहोटी इसकी जद है कोई फोरम न होना !
“24 घंटे काम लो, छुट्टी मत दो, पर्याप्त वेतन-भत्ते भी मत दो… फिर कहो सिपाही-दरोगा भ्रष्ट हैं”
भूमिका
देश में एक अजीब सोच बन चुकी है।
जनता कहती है—पुलिस को अच्छा वेतन मिलता है, फिर भी भ्रष्टाचार है।
सरकार कहती है—चूंकि भ्रष्टाचार है, इसलिए और सख्ती करो, छुट्टियाँ मत दो, 24 घंटे काम लो, और पर्याप्त वेतन-भत्ते भी मत दो।
इन दोनों के बीच जो सच्चाई दब जाती है, उसे सिर्फ सिपाही और दरोगा ही जीते हैं।
1. 24 घंटे की ड्यूटी: कोई तय समय नहीं
कब बुलावा आ जाए, कोई समय तय नहीं
दिन हो या रात, हमेशा तैयार रहना
त्योहार, शादी, परिवार—सब पीछे छूट जाता है
👉 यह नौकरी नहीं, लगातार चलता हुआ दबाव है।
2. छुट्टी नहीं, आराम नहीं
वीकली ऑफ का कोई सिस्टम नहीं
छुट्टी माँगना भी कई बार “गुनाह” जैसा लगता है
बीमार होने पर भी ड्यूटी करनी पड़ती है
👉 जब शरीर और दिमाग को आराम नहीं मिलेगा, तो इंसान कब तक टिकेगा?
3. वेतन और भत्तों की सच्चाई
काम के हिसाब से वेतन संतुलित नहीं
पर्याप्त भत्ते नहीं मिलते या सीमित हैं
जोखिम, समय और दबाव के मुकाबले आर्थिक समर्थन कम
👉 फिर भी उम्मीद—काम बिना शिकायत चलता रहे।
4. जनता क्या देखती है?
👉 वर्दी, अधिकार और कभी-कभी गलत व्यवहार
लेकिन नहीं देखती—
टूटा हुआ इंसान
मानसिक तनाव
ऊपर का दबाव, नीचे की जिम्मेदारी
👉 और एक लाइन में फैसला—“पुलिस भ्रष्ट है।”
5. सिस्टम क्या सोचता है?
👉 “नीचे वाले गलत हैं, इसलिए कंट्रोल बढ़ाओ।”
लेकिन अनदेखा—
काम का असमान बोझ
कर्मचारियों की कमी
इंसान की सीमाएँ
👉 नतीजा: दबाव और बढ़ता है।
6. असली समस्या क्या है?
इंसान को मशीन समझ लेना
लगातार दबाव में काम कराना
सम्मान और समझ की कमी
👉 यहीं से शुरू होती है थकान, गुस्सा और टूटन।
7. मशीन नहीं हैं सिपाही-दरोगा
उनका भी परिवार है
उनका भी शरीर और दिमाग थकता है
उनकी भी सीमाएँ हैं
👉 लेकिन उनसे उम्मीद—हमेशा परफेक्ट रहो।
8. नतीजा: बदनाम वही, जो सबसे ज्यादा काम करता है
जनता दोष देती है
सिस्टम कंट्रोल करता है
👉 और बीच में पिसता है—सिपाही और दरोगा।
9. समाधान क्या है?
तय कार्य-घंटे
वीकली ऑफ
पर्याप्त वेतन और भत्ते
मानसिक और शारीरिक आराम
सम्मान और सहयोग
निष्कर्ष
जब 24 घंटे काम लेकर, बिना छुट्टी दिए, और पर्याप्त वेतन-भत्ते भी न देकर एक इंसान से मशीन जैसा व्यवहार किया जाएगा—
👉 तब तक समस्या खत्म नहीं होगी।
और अगर फिर भी हम कहेंगे—
“सिपाही-दरोगा भ्रष्ट हैं”,
तो हम सच्चाई से आँखें चुरा रहे हैं।
यूपी पुलिस कर्मियों से छलावा:
घोषणाएं गूंजती रहीं, वाहवाही की जयकार होती रही लेकिन भत्ता अब भी नहीं मिला ?
उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मी सरकार के दिए हुए आदेशों, निर्देशों और कानून व्यवस्था में लगे रहते हैं। त्योहार–छुट्टियां और परिवार की खुशियाँ—सब पीछे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार वर्दी भत्ता, सिम भत्ता और मोटरसाइकिल भत्ता बढ़ाने की घोषणाएं की हैं। मीडिया में इसे बड़े जोर-शोर से पेश किया गया। विधानसभा में भी चर्चा हुई।
लेकिन सवाल यह है कि आज तक किसी पुलिसकर्मी को वास्तविक भत्ता क्यों नहीं मिला?
वर्दी भत्ता: सालाना ₹3,000 → 70% बढ़ाकर ₹5,000 की घोषणा।
सिम भत्ता: ₹2,000 सालाना की घोषणा।
मोटरसाइकिल भत्ता: ₹500 प्रतिमाह की घोषणा।
शासनादेश (GO) क्यों नहीं आया? बजट क्यों नहीं जारी किया गया? सिर्फ घोषणा और मीडिया प्रचार, हकीकत में कोई लाभ नहीं।
यह साफ दिखाता है कि सरकार पुलिसकर्मियों को सुपरमैन समझती है—जैसे वे थकते नहीं, आदेश, निर्देश और कानून व्यवस्था को दिन-रात संभाल सकते हैं। लेकिन सुपरमैन भी बिना सुविधाओं और भत्तों के काम नहीं कर सकता।
सरकार से सवाल हैं:
यह भत्ता बढ़ाने की घोषणा क्यों की, अगर इसे लागू करना ही नहीं था?
शासनादेश और बजट में इतना विलंब क्यों हो रहा है?
क्या पुलिसकर्मियों का हक़ और मनोबल सिर्फ प्रचार का साधन है?
पुलिसकर्मियों के भत्ते उनके अधिकार हैं, इनाम नहीं।
उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह तुरंत शासनादेश जारी करे और स्पष्ट करे कि पुलिस कर्मियों के भत्ते कब और कैसे लागू होंगे।
@samajwadiparty@mediacellsp@yadavakhilesh@dgpup
60244 पुलिस भर्ती में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूटों को प्रशिक्षण मेन्युअल के अनुसार "सामूहिक अवकाश" नहीं दिया गया..
प्रदेश के @dgpup श्री @Rajeevkrishna69 से आग्रह है रिक्रूटों को प्रशिक्षण मैन्युअल के अनुसार सामूहिक अवकाश प्रदान करें @Aamitabh2@itspravin99@khurpenchh
सचिन राठी की मृत्यु का कारण लचर कार्यप्रणाली और काफी हद तक @Uppolice की बोर्डर_स्कीम है !
@dgpup@homeupgov को इस बॉर्डर स्कीम को दंडात्मक स्वरूप में लागू करना चाहिए !
आज वाराणसी से लेकर उत्तरप्रदेश या अन्य राज्यों में जो स्थिति अधिवक्ताओं की है उसके जिम्मेदार काफी हद तक वो स्वयं हैं !
अधिवक्ताओं ने अपनी कलम की स्याही को राजनीतिक वाहवाही और राजनीतिक मन्तव्यो के अनुसार बाँट लिया है !
पुलिस की शक्ति 1861 का अंग्रेजी छद्मवेशी एक्ट है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आदेशित किया था मॉडलपुलिस एक्ट 2006 में परिवर्तित करने हेतु ?
पुलिस की भी यूनियन हो ताकि ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय स्तर पर ही दोनों संगठन के पदाधिकारी बैठकर नियंत्रण कर सकें !
सरकार आई गई लेकिन अधिवक्ताओं ने इस मॉडलपुलिस एक्ट 2006 के लिए मोर्चा नहीं खोला या कोई बाद या अपने अपने जिलों में वाद दायर नहीं किया ?
सरकारों की जिम्मेदारी थी कानून बनाना अनुपालन करना !
सरकारों को ताकत देते देते अपनी शक्ति भूल गए और अब उसका परिणाम सामने है !
अधिवक्ता समाज से निवेदन है मॉडल पुलिस एक्ट 2006 लागू करने हेतु हर जिले में ज्ञापन दें और न्यायलय में इसे लेकर रिट दायर करें !
वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सुनिश्चित करना चाहिए कि इस विषय को राज्य और राष्ट्रव्यापी बनाएं !
@narendramodi के संसदीय क्षेत्र में ऐसी घटना अक्षम्य है लेकिन @myogiadityanath से इसके दूरगामी परिणामों को अवगत करवाना हमारे @BarCouncilofUP के नेतृत्व का दायित्व है !
वाराणसी से इस अंग्रेजी एक्ट को बदलने का उद्देश्य सार्थक प्रयास से शुरू किया जाए और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करवाया जाए !
#मॉडलपुलिस_एक्ट_2006_लाग_हो
#वाराणसी
#varansi