लिखते रहो।
#StandWithJauharUniversity
उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है। यह विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करता है।
विश्वस्तरीय पुस्तकालय एवं डिजिटल सुविधाएँ
• मुमताज़ सेंट्रल लाइब्रेरी में 40,000+ पुस्तकें और 6,000+ ओरिएंटल पांडुलिपियाँ उपलब्ध हैं।
• 170+ कंप्यूटर सिस्टम से युक्त पाँच आधुनिक कंप्यूटर लैब।
• DELNET के माध्यम से ऑनलाइन जर्नल और डिजिटल अध्ययन सामग्री की सुविधा।
छात्रावास (Hostels)
• छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल।
• वाई-फाई, जिम, आरओ पेयजल और मेस जैसी सुविधाएँ।
खेल-कूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ
• इनडोर: बैडमिंटन, शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस।
• आउटडोर: फुटबॉल, हॉकी, क्रिकेट, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल और घुड़सवारी के लिए आधुनिक मैदान एवं सुविधाएँ।
अन्य बुनियादी सुविधाएँ
• 250 एकड़ से अधिक में फैला विशाल परिसर।
• 500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम।
• कैंटीन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और परिवहन (Transport) की सुविधा।
शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। ऐसे संस्थानों का भविष्य कानून, पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप तय होना चाहिए।
ना की बुलडोजर या माली नुकसान के।।
यदि विश्वविद्यालय के विरुद्ध कोई कार्रवाई प्रस्तावित है, तो वह न्यायपूर्ण और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।
#StandWithJauharUniversity
किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज को तोड़ना गलत बात है, जब उसमें स्टूडेंट्स हों, टीचर्स हों, और सारी सुविधाएं हों।
ऐसे में अगर यूनिवर्सिटी में कोई दिक्कत है तो उसको सरकारी तरीके से सही करवाया जा सकता है।
इसी सिलसिले में जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए ट्रेंड चलाया जा रहा है। उम्मीद है सरकार हम सब की बातें मानेगी। #StandWithJauharUniversity
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोज़र चलाना सिर्फ़ एक इमारत पर कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्थानों के भविष्य पर भी सवाल खड़े करता है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस कार्रवाई को मूल रूप से गलत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
कानून का राज बुलडोज़र नहीं, न्याय और निष्पक्ष प्रक्रिया से चलता है।
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सरकारी कर्मचारियों और सांसद-विधायकों पर बुलडोजर चलाना चाहिए: जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में उतरे पत्रकार राजीव तलवार.
#JauharUniversity#RajivTalwar#BJP
पूरी वीडियो यहां देखें 👇
https://t.co/KTRz5O5QYt
आज बतौर चेयरमैन, नेशनल फेडरेशन ऑफ यूथ मूवमेंट (NFYM), एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर पहुँचकर ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता व्यक्त की।
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कौन थे मौलाना मुहम्मद अली जौहर आइए जानते हैं।
मौलाना मुहम्मद अली जौहर का जन्म 10 दिसंबर 1878 को उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर में हुआ। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन उनकी माता और बड़े भाई ने उनकी शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी संभाली। प्रारंभिक शिक्षा घर पर हुई। हाई स्कूल बरेली से पास किया। बी.ए. की शिक्षा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से प्राप्त की और लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ऑनर्स डिग्री प्राप्त की। मौलाना मुहम्मद अली जौहर ने 1911 में कोलकाता से अंग्रेजी भाषा में 'कॉमरेड' नामक अखबार प्रकाशित किया। यह बहुत ही लोकप्रिय अखबार था। इसकी लोकप्रियता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को भी इसकी प्रकाशन का इंतजार रहता था।
From AMU and Jamia to Mohammad Ali Jauhar University, Muslim educational institutions have been targeted one by one. The State's treatment of these Muslim institutions raises serious questions about equality, justice, and the future of minority education. #SaveJauharUniversity
वो नहीं चाहते कि मुसलमानों के बच्चे तालीम हासिल करें। तालीम किसी मज़हब, जाति या वर्ग की नहीं होती, तालीम पूरे समाज की पूंजी होती है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मामला सिर्फ़ एक इमारत का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा, कानून और इंसाफ़ से जुड़ा बड़ा सवाल भी है। एक समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मज़बूत ज़रिया तालीम होती है। वैसे भी मुसलमानों के तालीमी इदारों कि संख्या बहुत कम है, ऐसे में मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आवाज़ उठाना ज़रूरी है। अगर किसी कानूनी प्रकिर्या कि कमी है तो प्रशासन नियमों के अंतर्गत उसको पूरा करें, ना कि ऐसे सख्त फैसले करें…
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Prof. Mohammad Salim, Chairman of the Markazi Taleemi Board (MTB), Condemns the Demolition Order Against Mohammad Ali Jauhar University; Urges Authorities to Safeguard Students' Future and Protect Educational Institutions.
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Years from now, history will ask only one question: When a university stood on the edge of destruction, did India stand with its students? Visit https://t.co/vsYWGxLGhu and raise your voice. #StandWithJauharUniversity
A country grows by building universities, not by tearing them down. Stop the demolition notice against Jauhar University and safeguard the future of its students
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Jauhar University provides affordable, quality education and critical fee concessions to students from marginalized and economically weaker sections. Don't snatch away their only access to higher education!
#StandWithJauharUniversity
Demolishing an educational institution means destroying the dreams and futures of thousands of innocent students. Education should be protected, not targeted. We stand with the students currently protesting for their right to learn
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जब कोई विश्वविद्यालय आगे बढ़ता है तो केवल छात्र नहीं, पूरा समाज आगे बढ़ता है। ज्ञान, शोध और सामाजिक विकास के केंद्रों को संरक्षित रखना राष्ट्रीय हित में है। हर निर्णय में विद्यार्थियों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। #StandWithJauharUniversity