श्री Pawan Singh Chandel जी (वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता) की पूज्य माताजी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
इस शोक की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
आदरणीय श्री Manvendra Singh Chauhan जी को विशेषाधिकार समिति, श्री Kunwar Avinash Singh Chauhan जी को विधान मंडल सदस्यों के आवासीय परिवाद संबंधी जाँच समिति एवं श्री Jitendra Singh Sengar Mlc जी को विकास प्राधिकरण, आवास विकास, नगर निगमों एवं जिला पंचायतों में व्याप्त अनियमितताओं
विषय पंचायत सहायकों के मानदेय बढ़ोत्तरी व स्थायीकरण सहित 5 सूत्रीय मांगों के संबंध में अल्टीमेटम ज्ञापन।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश के समस्त पंचायत सहायकों की ओर से यह अल्टीमेटम ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है।
पूर्व में दिनांक 01 जून 2026 को दिए गए मांग पत्र एवं अल्टीमेटम ज्ञापन उपरांत दिनांक 03 जून 2026 को पंचायत सहायक प्रतिनिधिमंडल का शासन स्तर पर हुई वार्ता में श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय (पंचायती राज विभाग) द्वारा पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों के समाधान हेतु 2 माह का समय मांगा गया था। उक्त अवधि समाप्त होने के बाद भी पंचायत सहायकों के मानदेय बढ़ोत्तरी एवं स्थायीकरण से सम्बंधित मांगों पर कोई सकारात्मक आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे प्रदेश के पंचायत सहायकों में भारी निराशा एवं असंतोष व्याप्त है।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन की प्रमुख मांग निम्न है:
1. माननीय मुख्यमंत्री जी से पंचायत सहायकों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराई जाए।
2. पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए। या तो कम से कम उत्तर प्रदेश में निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के बराबर मानदेय प्रदान किया ही जाए।
3. पंचायत सहायकों की अनुबंध/संविदा प्रक्रिया को समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए।
4. महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान की जाए तथा उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण/समायोजन की नीति लागू की जाए।
5. पंचायत सहायकों के अनुभव एवं कार्य को ध्यान में रखते हुए आगामी ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाए।
अतः शासन से मांग की जाती है कि उपरोक्त मांगों पर एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
अन्यथा पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश के समस्त पंचायत सहायक अपनी मांगों के समर्थन एवं सरकार का ध्यान आकर्षित करने हेतु दिनांक 07 सितम्बर 2026 से ईको गार्डन, लखनऊ में अनिश्चितकालीन विशाल धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
धन्यवाद।
@dmJalaun@DoprupJalaun@DirectorUPPR@jalaunpolice@bpsvermabjp@MpAnuragi@psunionup@PSKUnionUP
क्या काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने उठाई पंचायत सहायकों की आवाज ?
अगर हां तो CJP पंचायत सहायकों का समर्थन जमीनी स्तर पर करे इन 18 से 35 साल के बीच के युवाओ की मांगे जायज है ।
@abhijeet_dipke@CJP_for_India@Cockroachisback@psunionup
क्या काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने उठाई पंचायत सहायकों की आवाज ?
अगर हां तो CJP पंचायत सहायकों का समर्थन जमीनी स्तर पर करे इन 18 से 35 साल के बीच के युवाओ की मांगे जायज है ।
@abhijeet_dipke@CJP_for_India@Cockroachisback@psunionup
इसका क्या करें साहब…?
@DirectorUPPR
सिर्फ आदेश जारी करने से अब कुछ नहीं होता।
कर्ज बस इतना हो कि महीने का गुजारा हो सके…
कर्ज बस इतना हो कि त्योहार आने पर घर की खुशियाँ उधार न लेनी पड़ें…
और सबसे जरूरी न्यूनतम मानदेय समय से मिले।
हर साल आपके कार्यालय से मानदेय भुगतान को लेकर कई आदेश जारी होते हैं। आप अपना प्रशासनिक दायित्व पूरा कर देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों को गंभीरता से लागू नहीं किया जाता। कभी प्रधान की ओर से देरी, कभी सचिव की ओर से, तो कभी अन्य स्तर पर कोई न कोई समस्या बनी रहती है।
क्या होली, क्या दिवाली, क्या रक्षाबंधन और क्या कोई दूसरा त्योहार पंचायत सहायकों के लिए अब ये दिन सिर्फ कैलेंडर की तारीखें बनकर रह गए हैं।
आप लोग आदेश जारी करके अपना फर्ज निभा देते हैं, लेकिन हमारी वास्तविक समस्या वहीं की वहीं रहती है।
आदेश समाधान नहीं है। व्यवस्था में बदलाव ही समाधान है।
हमारी मांगें अब बहुत स्पष्ट हैं
1. न्यूनतम ₹18,000 मानदेय/वेतन अलग बजट हेड से प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर सीधे पंचायत सहायकों के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
2. अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थाईकरण
पंचायत सहायकों के कार्य, जिम्मेदारियों और वर्षों से निरंतर सेवाओं को देखते हुए एक स्पष्ट सेवा नियम बनाकर स्थाईकरण की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाए।
इसके अलावा हमारी मुश्किलें अब कागजों पर जारी होने वाले किसी नए आदेश से हल नहीं हो सकतीं।
अब तो तय है ....अनिश्चित कालीन प्रदर्शन और स्वयं व परिवार द्वारा विधानसभा चुनाव 2027 का बहिष्कार...
#पंचायती_राज_मंत्री_इस्तीफा_दो
@CMOfficeUP@oprajbhar@ChiefSecyUP@InfoDeptUP@uppanchayatiraj
#पंचायती_राज_मंत्री_इस्तीफा_दो#ओमप्रकाश_राजभर_जी_इस्तीफा_दो
15 अगस्त है 🇮🇳… आज़ादी का जश्न है।
तिरंगा देखकर सीना गर्व से चौड़ा होता है, लेकिन पंचायत सहायक के मन में एक सवाल भी उठता है।
क्या हमने अंग्रेज़ों से आज़ादी तो पा ली, लेकिन अपने ही सिस्टम में शोषण को आज़ाद छोड़ दिया?
संविधान न्याय, समानता और गरिमा की बात करता है। तो फिर वर्षों से पंचायतों में काम कर रहे हजारों पंचायत सहायकों के हिस्से में
अल्प मानदेय, बढ़ती जिम्मेदारियाँ और अनिश्चित भविष्य क्यों?
काम सरकारी व्यवस्था का,
जिम्मेदारी सरकारी योजनाओं की,
सेवा गाँव की जनता की
लेकिन भविष्य आज भी अस्थायी!
क्या संविधान की किताब सिर्फ़ पढ़ने के लिए है,
या उसके मूल्यों को जमीन पर उतारने के लिए भी?
अगर मेहनत का सम्मान नहीं,
अगर उचित पारिश्रमिक नहीं,
अगर सुरक्षित भविष्य नहीं।
तो फिर न्याय और समानता का सपना किसके लिए है?
हमें आज़ादी चाहिए!!
शोषण से!
बेगारी से!
अल्प वेतन से!
ठेका/अनुबंध व्यवस्था से!
असुरक्षित भविष्य से!
और माननीय मंत्री महोदय, @oprajbhar अगर पंचायत सहायकों की समस्याओं का समाधान आपके स्तर से नहीं हो पा रहा, अगर 57 हजार पंचायत सहायकों की आवाज़ लगातार अनसुनी ही रहनी है
तो फिर मंत्री पद से इस्तीफा दे दीजिए महोदय।
कुर्सी से बड़ा जनता का विश्वास होता है,
और पद से बड़ी जिम्मेदारी।
संविधान का मज़ाक नहीं
संविधान के मूल्यों का सम्मान चाहिए।
अंग्रेज़ी शासन से आज़ादी की वर्षगांठ पर
57 हजार पंचायत सहायकों की एक ही आवाज़
स्थायीकरण और वेतनमान✊🏻
नहीं पूरी होगी मांगे तो... क्रांति होगी।
@uppanchayatiraj@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@spsinghbaghelpr
#ओमप्रकाश_राजभर_जी_इस्तीफा_दो
#पंचायती_राज_मंत्री_इस्तीफा_दो
@uppanchayatiraj@DirectorUPPR आपसे पुनः निवेदन है कृपया पंचायत सहायकों की पीड़ा समझे क्योंकि किसी को शौक नहीं होता सड़क पर आने का।
मजबूरी और दर्द खींच कर लाता है..!
मांगो पर विचार करते हुए जल्द से जल्द निर्णय लिया जाए।
@oprajbhar कुछ काम ऐसा करिए आपके पद छोड़ने के बाद भी लोग आपको याद करे कि मंत्री महोदय की कृपा से हम दर्द से निकल कर आज सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं..!
पंचायत सहायकों द्वारा कार्य का दायरा बढ़ने के बाद 4 वर्षों से मानदेय और शोषणकारी अनुबंध प्रणाली खत्म करने के लिए आवाज उठाई जा रही... माननीय मुख्यमंत्री जी से लेकर माननीय राज्यपाल महोदया,मंत्री विधायक सांसद इत्यादि प्रतिनिधिगण तक आवाज पहुंचाई गई..!
लेकिन आज तक इन दोनों समस्याओं में एक प्रतिशत भी समाधान नहीं हुआ।।
कृपया ऐसी स्थिति न उत्पन्न करिए मजबूर होकर समस्त पंचायत सहायक कोई अन्य विकल्प हेतु मजबूर हो...!
क्योंकि जब दर्द का घड़ा भर जाता है तो उफान आने लगता है और वह दर्द सड़को तक पहुंचता है...! और अगर आप उसको रोकोगे तो उसका विकल्प भी तैयार है...!
हम अभी आपकी प्रतीक्षा में है उपकार कीजिए लोग आपको हमेशा याद रखे...!
'न्यूनतम वेतन 18000+ एवं अनुबंध प्रणाली खत्म कर राज्यकर्मी का दर्जा '
प्राथमिकता रखिए......
धन्यवाद..🙏 @oprajbhar@SBSP4INDIA@ArunrajbharSbsp