@BhimArmyMpChief@BhimArmyChief@VinayRatanSingh . k. klgb. l.... g. gg.. g.. gglkgk. g... gl. l g. l. lgl. gg.. g.. l g l. ll, lgl. gg. lgm. g. g. g.. lg, g m. . l.
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चुनावी रैलियों में "बटेंगे तो कटेंगे" का नारा देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी खुद सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मंच पर समाज को 'हरिजन" और 'गैर हरिजन' में बांट रहे हैं। क्या इस 'हरिजन"शब्द के प्रयोग से उनका तथाकथित हिंदू खतरे में नहीं आता?
जबकि 1982 में केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के लिए एक एडवाइजरी जारी कर अनुसूचित जातियों के लिए 'हरिजन' शब्द का इस्तेमाल न करने को कहा था।
2010 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी करके इस पर रोक लगाई थी। यहां तक कि माननीय न्यायालय द्वारा भी इसे अपमानजनक बताते हुए प्रतिबंध लगाया गया था।
इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को क्या इन निर्णयों की जानकारी नहीं है? या जानबूझकर "हरिजन" शब्द का प्रयोग करके अनुसूचित वर्ग के लोगों का अपमान किया जा रहा है?
जब गांधी जी ने अछूतों के लिए हरिजन शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जी ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे अपमानजनक शब्द बताया था।
ये सवाल उस समय भी पूछा गया था और आज भी प्रासंगिक है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताएं, यदि अनुसूचित जाति के लोग 'हरिजन' हैं तो बाकी अन्य लोग ‘हरि’ के जन नहीं तो किसके जन हैं?
@DGP_MP मोहदय जी क्या यही प्रशासन की सक्रियता है बताइए क्या आप के रहते प्रदेश भर
इस प्रकार की घटना बार बार होगी मोहदय विषय को संज्ञान में लेकर उचित न्याय दिलाइए अन्यथा कानून पर से आम जनता का भरोसा उठ जाएगा। @BhimArmyChief@anil_aazad@VinayRatanSingh@CMMadhyaPradesh
त्योथंर चुनरी निवासी हेतलाल कोल की त्योंथर अस्पताल में इलाज के अभाव से हुई मृत्यु पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगा रहा गुहार आदिवासी हितैषी भाजपा सरकार में आदिवासियों की खुलेआम हत्या कि जा रही है जो बेहद निंदनीय है @DrMohanYadav51@BhimArmyChief@RewaCollector@rshuklabjp
रीवा जवा थाना अन्तर्गत सितलहा में दलित समाज के9साल की बच्ची के घर में घुसकर दुष्कर्म करके हत्या कर दी गई।@DrMohanYadav51@rshuklabjpमामले को संज्ञान में तत्काल कार्यवाही के लिए आदेश करें।अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा
@BhimArmyChief@VinayRatanSingh@SP_Rewa
@RohiniGhavari11
कौन है चंद्र शेखर आजाद...?
को लोहे की हथकड़ी को अपना गहना समझता है वो है चंद्र शेखर आजाद
जो शोषित पीड़ित वंचितों दलितों पिछड़ों मुसलमानों की आवाज उठाता है वो है चंद्र शेखर आजाद
@BhimArmyChief
कल की घटना पर जिन जातिवादियों के पेट में दर्द हो रहा था
वो देख ले बिना सच्चाई जाने टारगेट करने पर लग गए
उसमे जो लोग बीजेपी को हराने की बात करते है सबसे आगे थे
समझ नहीं आता है इनकी लड़ाई बीजेपी से है या भीम आर्मी चीफ से
@BhimArmyChief
@yadavakhilesh गाय की मौत पर आपने प्रतिक्रिया दी अच्छी बात हैं,लेकिन जिसPDAके नाम पर आप अपने राजनैतिक अस्तित्व को बढ़ा रहे है, उसी के अधीन आने वाले एक नौजवान को रामपुर के मिलक तहसील अन्तर्गत एक गाँव में पुलिस ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, उस घटना पर आपकी अभी तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं?
ऊंच-नीच, अमीर-गरीब और जातपात के भेद से परे बेगमपुरा राज की संकल्पना करने वाले परम ज्ञानी, संत शिरोमणि सतगुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाये।
बेगमपुरा - ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहें प्रसन्न।
मध्यप्रदेश : गुना में दलित युवक पर बरसाASI का कहर,ASIभवर सिंह राजपूत ने दलित युवक को बर्बरता से पीटा, झूठे केस में फंसाने की दी धमकी ऐसे जातिवादी मानसिकता के ASI को तुरंत बर्खास्त कर कड़ी करवाई की जाए। वरना भीम आर्मी उग्र आंदोलन करने के लिए तैयार है।@BhimArmyChief@MPPoliceDeptt
जिला देवास मे दलित युवक के फिरौती देने से मना करने पर राजपूतों ने बेरहमी से मारपीट कर पैर पकड़वाये नाक रगड़वाई,अश्लिल हरकत और जातिसूचक शब्द के साथ जान से मारने की धमकी दी
देवास पुलिस प्रसाशन आरोपियों पर तत्काल कार्यवाही करे
@DrMohanYadav51@collector_dewas@BhimArmyChief@SpDewas
जनता का जनता द्वारा जनता के लिए शासन लोकतंत्र है और देश में इन्ही अधिकांश लोगों एवम् सभी राष्ट्रीय दलों (सत्तारूढ़ दल बीजेपी को छोड़) को ईवीएम मशीनों द्वारा चुनाव करवाने की व्यवस्था को लेकर संशय है!
चुनाव आयोग इस संशय को दूर नहीं कर पाया है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र का आधार हैं। यदि देश के नागरिकों को बैलेट पेपर से चुनाव करवाने में ज्यादा भरोसा है तो चुनाव आयोग को क्या आपत्ति है? जब नागरिक बैलट पेपर से चुनाव को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं तो चुनाव आयोग बैलट पेपर से चुनाव करवाए।
भाजपा के द्वारा ही ईवीएम मशीनों पर उंगली उठाने की शुरुआत हुई लेकिन आज भाजपा ईवीएम की सबसे बड़ी पैरोकार है। इससे ईवीएम पर शक और पुख्ता हो जाता है।
सारे विश्व में अधिकांश लोकतांत्रिक और विकसित देशों में भी बैलट पेपर से ही चुनाव होते हैं। वहां कोई उंगली नहीं उठाता। यदि चुनावी व्यवस्था पर ही संशय पैदा हो जाए तो कैसा लोकतंत्र?
मेरी चुनाव आयोग से अपील है कि लोगों की आकांक्षाओं और चुनावी व्यवस्था पर विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए बैलट पेपर से ही चुनाव करवाए जाएं। भाजपा को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
#Ban_EVM_Save_Democracy
#Ban_EVM_Save_Democracy