मध्य प्रदेश के अजयगढ़ से ये सकारात्मक लेकिन हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ़ बिट्टू तबाही ने अकेले गंदगी से पटी नदी को साफ किया. बिट्टू का ये वीडियो अब वायरल है.
#BittuTabahi#MadhyaPradesh#ViralVideo#ABPNews
बेहद शर्मनाक.
ये वीडियो देख कर साफ़ लगता है कि शिक्षा मंत्री और स्थानीय MLA के लोगों ने ही आज @Cockroachisback पर हमला करवाया होगा.
मकसद वीडियो देखकर समझ में आता है. वहां इतनी खराब हालत में चल रहे स्कूल को कैमरों से बचाने के लिए @AshutoshRanka और CJP के कार्यकर्ताओं के साथ मार पीट और धक्का-मुक्की की गई.
इसमें 'गाँवालों' ने जैसी बातें बताईं हैं, उससे भी साफ़ हो रहा है कि ये हमला 'कथित गाँववालों' ने किया.
सवाल है, क्या ऐसी मारपीट से स्कूल ठीक हो जाएगा?
हां, CJP वाले वहां पहुँचते तो ज़रूर राज्य सरकार पर दबाव पड़ता.
भाजपा को जंतर मंतर वाला पढ़ा लिखा युवा नहीं चाहिए..उसे ये वाला युवा चाहिए…ये वाला युवा कांवड़ निकालता है…ये वाला युवा सरकार से कुछ नहीं मांगता है..ये वाला युवा सरकार को किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार भी नहीं ठहराता है…ये वाला युवा जो मांगता है भगवान से मांगता है…अच्छे बुरे के लिए भगवान को जिम्मेदार ठहराता है..ये वाला युवा हर चीज के लिए भगवान को उत्तरदायी मानता है..इसीलिए भाजपा इस वाले युवा के ऊपर फूल बरसाती है…और जंतर-मंतर वाले युवा पर बंदूकों से पैलेट दागती है..आंसू गैर के गोले दागती है..PRAGYA KA PANNA पर पूरी रिपोर्ट- कुछ देर में... https://t.co/HtlvGZ0lKk
एक ट्रेंड चल रहा है— 'Reservation Hatao'
हो सकता है आपके चार दोस्त हों, जिन्हें लगता हो कि आरक्षण की वजह से उनका चयन नहीं हुआ। उनकी पीड़ा भी वास्तविक है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
लेकिन क्या सिर्फ़ उन्हीं चार लोगों की कहानी पूरे भारत की कहानी है?
मैं गाँव से आता हूँ। मैंने अपनी आँखों से ऐसे परिवार देखे हैं जो इंसानी मल साफ़ करते थे। ऐसे बच्चे देखे हैं जिन्हें स्कूल में अलग बैठाया जाता था। जिनके छू लेने पर लोग नहाने चले जाते थे। यह कोई सैकड़ों साल पुरानी कहानी नहीं, आज भी बहुत से गाँव ऐसे हैं जहाँ वो समाज के नल से पानी नहीं पी सकते। आज भी उनकी बारात गाँव के बीच से नहीं निकल सकती।
सोचिए... जिस समाज ने किसी इंसान को जन्म के आधार पर ही सम्मान से वंचित कर दिया हो, उस मानसिक और सामाजिक दूरी का क्या ?
इसका मतलब यह भी नहीं कि आज का आरक्षण सिस्टम बिल्कुल परफेक्ट है।मैं खुद मानता हूँ कि Reforms की ज़रूरत है।?
जैसे General वर्ग में EWS आया।
जैसे OBC में Creamy Layer और Non-Creamy Layer का सिद्धांत आया।
SC/ST आरक्षण में जिन परिवारों की कई पीढ़ियाँ शिक्षा और अवसरों के माध्यम से आगे बढ़ चुकी हैं, उनके बारे में भी नीति-निर्माण के स्तर पर चर्चा हो सकती है।
लेकिन एक बात समझिए।
जब राजनीति आज भी जाति पर होती है...
जब समाज में आज भी जाति पूछी जाती है...
जब सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ...तब केवल यह कहना कि "आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दो और सब कुछ सिर्फ़ आर्थिक आधार पर कर दो"
मेरा मानना है कि देश को दो अतियों से बचना होगा।
एक - 'कुछ मत बदलो।'
दूसरी -'सब खत्म कर दो।
'सही रास्ता है- सुधार (Reform), डेटा के आधार पर नीति, और सामाजिक न्याय के साथ समान अवसर।
क्योंकि किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को बाँटना नहीं, बल्कि एक दिन ऐसी स्थिति तक पहुँचाना होना चाहिए जहाँ किसी विशेष सहायता की आवश्यकता ही न रह जाए।
@aajtak Khan Sir को किसने कहा जिहादी?
लाखों बच्चों का करियर बनाने वाले टीचर्स के लिए कहां से आती है ऐसी नफरत?
दलाल और गोदी मीडिया के बारे में दो शब्द बोल दिया तब से खान सर ,फैजल खान हो गए, जिहादी हो गए ,मुसलमान हो गए।
बहुत खूब 👌
#KhanSir#khansircoachingattack
@drm_lko@moefcc Sir, Train no 20401 shuttle express को फिर से पुनः बनारस से कानपुर तक बहाल कर दीजिए जिससे कि प्रतिदिन कानपुर तक यात्रा करने वालों को बहुत आराम मिल सके।। यह ट्रेन कोविड के बाद से बनारस से लखनऊ तक ही चलती @girishyadavbjp@drmljn@drm_lko
@drm_lko@RailwayNorthern@RailMinIndia Sir, Train no 20401 shuttle express को फिर से पुनः बनारस से कानपुर तक बहाल कर दीजिए जिससे कि प्रतिदिन कानपुर तक यात्रा करने वालों को बहुत आराम मिल सके।। यह ट्रेन कोविड के बाद से बनारस से लखनऊ तक ही चलती
@drmljn@RailMinIndia@nerailwaygkp Sir, Train no 20401 shuttle express को फिर से पुनः बनारस से कानपुर तक बहाल कर दीजिए जिससे कि प्रतिदिन कानपुर तक यात्रा करने वालों को बहुत आराम मिल सके।। यह ट्रेन कोविड के बाद से बनारस से लखनऊ तक ही चलती है
IAS राजेन्द्र पटेल (2015 बैच)
खेती की ज़मीन को गैर-कृषि (NA) कराने के लिए
₹10 प्रति वर्ग मीटर की “रेट-लिस्ट” तय थी।
कुल घूस 10 करोड़+ तक पहुँची
घूस का बंटवारा भी फिक्स था👇
• कलेक्टर – 50%
• एडिशनल कलेक्टर – 25%
• मामलतदार – 10%
• डिप्टी मामलतदार – 10%
• क्लर्क – 5%
अब ED का अनुमान है कि
इस घोटाले का स्केल ₹1500 करोड़ तक हो सकता है।
सवाल सीधा है —
जब सिस्टम ही रेट-कार्ड बना ले,
तो आम आदमी इंसाफ कहाँ ढूंढे? ❓
ABP News की डिबेट में संदीप चौधरी ने BJP प्रवक्ता महेश वर्मा की बोलती बंद कर दी!
केंद्रीय ECI डेटा: यूपी में कुल वोटर 12.55 करोड़
राज्य डेटा: सिर्फ ग्रामीण वोटर ही 12.70 करोड़!
ये 15 लाख का फर्क कैसे?
क्या BJP बिहार की तरह यूपी में भी गड़बड़ झाला करने की कोशिश कर रही है?