**हम भीख नहीं मांग रहे, अपना अधिकार मांग रहे हैं।**
दिन-रात जनता की सेवा करने वाले Community Health Officers को
अब अस्थायी नहीं, **स्थायी पहचान** चाहिए।
**CHO मजबूत होगा, तभी भारत की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होगी।**
#PermanentCHOs#RegularizeCHOs#HealthWorkers
वर्षों की सेवा, लाखों मरीजों का विश्वास और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनने के बाद भी #CHOs अस्थायी क्यों?
सेवा पूरी, जिम्मेदारी पूरी, लक्ष्य पूरे— फिर अधिकार अधूरा क्यों?
मांग: कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण।
#PermanentCHOs@PMOIndia@JPNadda@CMOGuj@DyCMofficeBP@NHMGujarat
सेवा समान, जिम्मेदारी समान, फिर अधिकार अलग क्यों योग शरीर को स्थिरता देता है, लेकिन CHO साथियों का भविष्य आज भी अस्थिर है।
राजस्थान के हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैंइस#InternationalYogaDay पर हमारी मांग है—✅ CHO का
मा० प्रधानमंत्री जी @narendramodi की इस दुर्गामी सोच को साकार करने में जुटे देशभर से 1.8 लाख CHOs को के०चि०मंत्री @JPNadda नियमित कर के एक बड़ी सौगात देने का श्रम करे ताकि आयुष्मान भारत का सपना दुगुनी ऊर्जा के साथ साकार किया जा सके 🧑⚕️
@PMOIndia@narendramodi#PermanentCHOs
🧘♂️ योग स्थिरता का संदेश देता है, लेकिन ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs का भविष्य आज भी अस्थिर है।
सालों की सेवा, अनगिनत जिम्मेदारियाँ, हर सरकारी अभियान में सबसे आगे…
फिर भी न नियमित सेवा,न सुरक्षित भविष्य।
#PermanentCHOs@PMOIndia@JPNadda@RajCMO@BhajanlalBjp@KumariDiya
CHOs वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी पूरी लगन से निभा रहे है ,फिर भी CHO अस्थाई क्यों, जल्द नियमित करे.
#permanentCHOs@PMOIndia@UPGovt
की सेवा, लाखों मरीजों का विश्वास और स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनने के बाद भी #CHOs अस्थायी क्यों?
सेवा पूरी, जिम्मेदारी पूरी, लक्ष्य पूरे— फिर अधिकार अधूरा क्यों?
मांग: कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण।
#permanentCHOs