एक पंचायत सहायक का दर्द समझिए! 😢
माननीय @myogiadityanath जी, मात्र ₹9,000 मानदेय और नौकरी की अनिश्चितता में परिवार का भविष्य कैसे सुरक्षित हो?
🙏 नियमितीकरण कीजिए, सेवा सुरक्षा दीजिए।
#RegularizePanchayatSahayak
ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक केवल ऑनलाइन डाटा एंट्री तक सीमित नहीं हैं। पंचायत सचिवालय का संचालन, ग्रामीणों को जनसेवाएं, प्रमाणपत्रों के आवेदन, परिवार रजिस्टर, फैमिली आईडी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, सर्वेक्षण, डिजिटल अभिलेख और शासन के विभिन्न अभियानों में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही हैं, लेकिन भविष्य आज भी अनिश्चित है!
जब गांव-गांव सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने में पंचायत सहायकों का योगदान लिया जा रहा है, तो उनके सेवाभविष्य को सुरक्षित करने में देरी क्यों?
अब आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों का स्थायीकरण एवं नियमितीकरण सुनिश्चित करे।
हमारी एक मांग, हमारा अधिकार—स्थायीकरण एवं नियमितीकरण!
#पंचायत_सहायक_नियमितीकरण
#RegularizePanchayatSahayak
@UPGovt@CMOfficeUP@BJP4India@BJP4UP@PMOIndia
गाँव के विकास में ग्राम सचिवालय की भूमिका अहम है। योगी जी, Panchayat Sahayak का नियमितीकरण कीजिए, न्यूनतम मानदेय ₹18,000 तय कीजिए और DBT भुगतान हर महीने समय पर कराइए।
#RegularizePanchayatSahayak🙏🙏🙏
जब पूरा देश पंचायत सहायकों के साथ था।
कुछ जयचंदों ने ..!
मंत्री जिन्होंने हमेशा पंचायत सहायको को निरक्षर, काम न करने वाला,अयोग्य कहा है उनके झांसे में आकर 57 हजार परिवार और पंचायत सहायकों के भविष्य से समझौता कर लिया।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
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#RailwayBonus46159
केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन 7th CPC के अनुसार मिल रहा है और PLB बोनस 6th CPC के अनुसार,कर्मचारियों के अधिकारों का हनन न हो इसके लिए 7th CPC के न्यूनतम बेसिक के अनुसार 46159 भुगतान किया जा
@myogiadityanath सरकारी आउटसोर्स व्यवस्था में पारिश्रमिक के अलग-अलग स्तर निर्धारित हैं। PanchayatSahayak के लिए ₹9,000 तय है।
नीति-निर्माताओं से जानना जरूरी है कि दोनों व्यवस्थाओं में यह अंतर किस आधार पर तय हुआ। सरकार को चाहिए न्यूनतम मानदेय दिया जाए।
@InfoDeptUP@oprajbhar
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्षों से सेवा देने के बावजूद भविष्य की कोई निश्चितता नहीं है। हमारी मांग है कि पंचायत सहायकों के लिए स्थायी सेवा नीति बनाई जाए।🙏🙏
#पंचायत_सहायक_नियमितीकरण#पंचायत_सहायक
@myogiadityanath सरकारी आउटसोर्स व्यवस्था में पारिश्रमिक के अलग-अलग स्तर निर्धारित हैं। PanchayatSahayak के लिए ₹9,000 तय है।
नीति-निर्माताओं से जानना जरूरी है कि दोनों व्यवस्थाओं में यह अंतर किस आधार पर तय हुआ।
@InfoDeptUP@oprajbhar#सचिवालय_शौचालय_एक_समान