देखिए गुजरात मॉडल का कमाल !
2017 में 42 करोड़ की लागत से अहमदाबाद में बना पुल अब 52 करोड़ के ख़र्चे पर ध्वस्त किया जाएगा : प्रशांत भूषण, वरिष्ठ वकील
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"बिना किसी अपराध के उमर खालिद ने जेल में 4 साल पूरे कर लिए. यह चार साल दाग़ है हमारी न्याय व्यवस्था पर, भारत के संविधान पर..."
- योगेंद्र यादव, राजनीतिक कार्यकर्ता
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पुलिस एनकाउंटर में मारे गए मंगेश यादव की माँ का इंटरव्यू सुनिए है. माँ ज्यादा पढ़ी लिखी नही है लेकिन उसे जाति वर्ण अव्यवस्था के विषय में JNU के किसी भी सवर्ण प्रोफेसर से ज्यादा ज्ञान है.
इस माँ को पता है अहीर और गड़ेरिया का समाज में सामाजिक स्तर किया है. इस माँ को पता है वो गरीब क्यों है, पीड़ित क्यों है और सरकारी तंत्र उनके खिलाफ क्यों है.
माँ को भली भांति पता है ठाकुरवाद और ब्राह्मणवाद का समाज पर आधिपत्य है. लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और पार्टी के मुखिया जाति पर बात करने से बचते हैं.
ये लोग दलित दलित ऐसे करते हैं जैसे खुद ठाकुर और बाभन हैं. मैं यहां किसी के पक्ष या खिलाफ नही लिख रहा हूँ. मैं केवल हकीकत बता रहा हूँ.
बहुजन समाज के पत्रकारों को माता जी को PodCast में बुलाना चाहिए. वो जातीय वर्ण अव्यवस्था पर चिंतन और मंथन कर सकती हैं.
देश के क़ानून मंत्री आदिवासी हैं। सबसे बढ़कर , महामहिम राष्ट्रपति आदिवासी हैं। संविधान में लिखा है कि जजों की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगी। उनसे ये अधिकार 1993 में छीन लिया गया है। इसलिए 34 जजों में 1 जज आदिवासी नहीं है। ये है कोलिजियम सिस्टम। #Casteist_Collegium
Gujarat: જામનગર જિલ્લાના ધ્રોલના વાડી સહિતના વિસ્તારમાં રહેતા 748 જેટલા હિન્દુ ધર્મના લોકોએ ધર્મ પરિવર્તન કરવા અને મુસ્લિમ ધર્મ અંગીકાર કરવા માટે રાજ્યના મુખ્યમંત્રી ને રજૂઆત કરી છે. પોતાની અનેક સમસ્યાઓનું નિરાકરણ નહીં આવતા આખરે થાકી કંટાળીને ધર્મ પરિવર્તનનો નિર્ણય નક્કી કર્યો છે, ભાજપ કરતાં કોંગ્રેસ સરકાર સારી હતી. આ સરકારમાં હિન્દુની સમસ્યાનું કોઈ નિરાકરણ થતું નથી. અમારા અનેક પ્રશ્નો અંગે અનેક વખત રજૂઆત કરવા છતાં નિરાકરણ લાવવામાં નહીં આવતાં આખરે કંટાળી જઈને મુસ્લિમ ધર્મ અંગીકાર કરવા ઈચ્છીએ છીએ.
#GujaratConversion #Jamnagar #ReligiousChange #HinduToMuslim #GovernmentIssues #ReligiousFrustration #BJPVsCongress #Gscard #GujaratSamachar
मुसीबत में दिलीप मंडल सर ही साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं. केवल साथ ही नही खड़े हैं, नेतृत्व भी कर रहे हैं.
आप लोगों ने दिलीप मंडल को अपमानित किया. अपशब्द कहे, किसी ने गालियां दी. किसी ने पत्थर मारे. कीचड़ उछाले.
आप लोग चाहते थे आप की उन्मादी भीड़ का मैं भी हिस्सा बनू. मैंने आपकी भीड़ का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया. मैं दिलीप मंडल सर के पक्ष में खड़ा रहा.
कुछ बातों पर उनकी आलोचना की, लेकिन उन्हें अपमानित कभी नही किया. दिलीप मंडल केवल पत्रकार नही, वो अपने आप में संस्थान हैं.
दिलीप मंडल सर ने सही कहा था संविधान को खतरा किसी राजनीतिक पार्टी से नही सुप्रीम कोर्ट से है.
जिन्हें पोस्ट पसंद नही आई वो मुझे Avocado का छिलका बोल सकते हैं, जुपिटर देवता की कसम मैं आप लोगों की बातों का बुरा नही मानता.
#SaveReservations
एससी-एसटी बँटवारा केस में केंद्र सरकार के वकील ने कहा था कि इस बारे में किसी भी तरह का निर्णय करने का अधिकार संसद को है और उसे ये अधिकार संविधान से मिला है। यही व्यवस्था चली आ रही है। इस पर कभी विवाद नहीं रहा।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कोलिजियम जजों को देश में आग लगाने का शौक़ है।
आज के इस फ़ैसले से मुख्य रूप से हिंदुओं को लड़ा दिया गया क्योंकि एससी रिज़र्वेशन में तो मुसलमान और ईसाई हैं नहीं तो।
अब लड़ेंगे कौन? मुख्य रूप से हिंदू जातियाँ।
#SaveReservation
आरक्षण की मांग नही थी. मांग कम्युनल अवार्ड की थी. ब्रिटिश साम्राज्य ने SC-ST समाज को अलग-निर्वाचन क्षेत्र और अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिया था.
मोहनदास करमचंद गांधी ने आमरण अनशन कर कम्युनल अवार्ड को छीन लिया. डॉ बाबा साहेब आंबेडकर को ब्लैकमेल किया गया. 1932 में जबरन पूना पैक्ट पर दस्तखत कराकर आरक्षण थमा दिया गया.
OBC में क्रीमी लेयर की मांग OBC समाज ने कभी नही की और ना ही आंदोलन किया. 1993 में सुप्रीम कोर्ट ने जबरन क्रीमी लेयर लागू कर दिया गया. 1993 में मामला OBC का चल रहा लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने प्रोमोशन में SC-ST का आरक्षण खत्म कर दिया.
वर्तमान मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई SC-ST आरक्षण के वर्गीकरण पर थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दो कदम आगे बढ़कर SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने की मंशा जाहिर की है. आरएसएस, बीजेपी, कांग्रेस और सुप्रीम कोर्ट सब मिलकर आरक्षण को कमजोर करना चाहते हैं.
#સ્વસ્થ_ઊંઘ_માટેની_પરેજી
નિયમિત સૂવું અને ઉઠવું.
સાંજ ના 5 વાગ્યા બાદ ચા,કૉફી, સિગારેટ,માવા નું સેવન કરવું નહિ.
બેડરૂમ નું વાતાવરણ શાંત રાખવું .
દહીં અને છાસ ઊંઘ પ્રેરવા માટે જવાબદાર છે.
સૂવાના રૂમ માં ડીમ લાઇટ રાખવી.
સૂવાના ૧ કલાક પહેલા કોઈ ઈલેક્ટ્રોનિક ગેઝેટ વાપરવું નહિ.
ધનુરની રસી એજ એની દવા છે .ઇજા થાય ત્યારે નીચે મુજબ રસી લેવી
1)જેમણે છેલ્લા 5 વર્ષ માં ધનુરની રસી નો બૂસ્ટર ડોઝ લીધો હોય
2)જેમણે છેલ્લા 5-10 વર્ષની અંદર ધનુરની રસી/બૂસ્ટર લીધેલી હોય
3) જેમણે 10 વર્ષ પહેલાં ધનુરની રસી/બૂસ્ટર લીધી હોય
4) જેમણે ક્યારેય રસી ના લીધી હોય અથવા ખબર ના હોય
सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी,
एक के बाद एक दल अपनी राय रख रहे हैं। तेजस्वी यादव जी ने भी एससी-एसटी को बाँटो और राज करो वाले सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का विरोध किया है। चिराग़ पासवान पहले ही विरोध कर चुके हैं।
बहन मायावती से लेकर प्रकाश आंबेडकर और चंद्रशेखर आजाद से लेकर प्रोफ़ेसर विवेक कुमार, सुखदेव थोराट समेत तमाम बुद्धिजीवी चाहते हैं कि इस मामले में संसद अपने अधिकार कोर्ट से वापस ले और सबसे पहले तो इस फ़ैसले को रोके।
मेरी राय है कि इस मामले में सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए और अगर बँटवारे पर सहमति बनती है तो ये नियम पूर्वक संविधान संशोधन से हो।
बँटवारा हो सकता है। पर ये काम संसद का है। संसद में ही सभी पहलू सामने आएँगे।
भारत के अटॉर्नी जनरल ने इस केस में सुप्रीम कोर्ट में कहा भी है कि ये संसद का काम है।
पर कोर्ट ने मनमानी कर दी है।
इतना बड़ा फ़ैसला कोर्ट की छापामार पद्धति से न हो। संविधान और संसद की सर्वोच्चता क़ायम रखने का दायित्व सबसे ज़्यादा आप पर है। अन्य दलों पर भी है।
उम्मीद है कि संसद अपना खोया हुआ सम्मान दोबारा हासिल करेगी और कोर्ट अब कभी संविधान बदलने की कोशिश नहीं करेगी।
राजनीतिक दलों में कोलिजियम सिस्टम को ख़त्म करने पर आम राय है। आप इस दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।
सादर
@chiragkoradia સાહેબ,આ કેસની તપાસ ઈમાનદાર,ભ્રષ્ટ ન હોય એવા અધિકારીને સોંપવી જોઈએ.નરા PSI ગોહિલ તપાસમાં આરોપીઓને બચાવવાં કાગળિયા પૂરા રજૂ નથી કરતા.લોકમુખે એવું પણ સંભળાય છે કે PSI અને તેમનાં રાઈટરે મોટો વહીવટ કરીને આરોપીઓને બાવવવા તમામ નિયમો નેવે મૂક્યા છે.
https://t.co/pzrL0Dz5Ap
@chiragkoradia સાહેબ,આ કેસની તપાસ ઈમાનદાર,ભ્રષ્ટ ન હોય એવા અધિકારીને સોંપવી જોઈએ.નરા PSI ગોહિલ તપાસમાં આરોપીઓને બચાવવાં કાગળિયા પૂરા રજૂ નથી કરતા.લોકમુખે એવું પણ સંભળાય છે કે PSI અને તેમનાં રાઈટરે મોટો વહીવટ કરીને આરોપીઓને બાવવવા તમામ નિયમો નેવે મૂક્યા છે.
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ये हत्या है.
इस हत्या में दिल्ली सरकार से लेकर LG तक शामिल हैं.
MCD और कोचिंग मैनेजमेंट भी बराबर ज़िम्मेदार हैं.
इन सबको बर्खास्त करके इनकी सजा मुकर्रर होनी चाहिए.
मृतकों की सही संख्या क्या है?
क्या मृतकों की संख्या ग़लत बतायी जा रही है?
#RajendraNagar