An enthusiastic engineer who always thinks about engineering equipment and its functionality. Engineering projects and feasibility calculations is my passion.
@ashapriya09 అసలు ఏమైంది నీకు.
KTR ఉన్నారు కదా.
KTR కు తెలియనిది నీకు తెలుసా?
నువ్వు ఎంత గొంతు చించుకుంటే అంత పలుచనైపోతావు.
KCR నీకు అంత దద్ధమ్మలా కనబడుతున్నాడా?
KCR తన బాగు తను చూసుకోగలడు.
చట్టం చేసే బాధ్యత ఇచ్చారు ... సంవత్సరం శ్రమించా ... ఫలితానికి అసెంబ్లీనే సాక్షి...
అమలు బాధ్యత కూడా ఇచ్చి చూడండి ... ఫలితాలకు జనం సాక్ష్యం అవుతారు... భూమి సునీల్
@greatandhranews అంటే.
నీకు కౌంటర్ ఇస్తే వారు చేసిన మోసాలు భయటపెట్టి తెలంగాణ ��ు న్యాయం చేస్తావ్.
లేకపోతే ఆ మోసాలు అన్ని కప్పెట్టి తెలంగాణ కు అన్యాయం చేస్తావ్.
వారెవా తెలంగాణ అంటే ఎంత ప్రేమ.
అంతా స్వార్థం.
@RaoKavitha అమలు కాని హమీలు ఇస్తే బోర్ల పడతావు.
ప్రతి ఎకరానికి తోవ ఎలా ఇస్తావు?
ప్రతి ఎకరానికి కాలువ ఎలా ఇస్తావు?
ప్రతి ఎకరానికి నీళ్లు ఎలా ఇస్తావు?
ఓక్క ఎకరా మాత్రమే ఉండి అందులో వంట పండిస్తే నష్టం తప్ప లాభం రాదు.
జనాభా ఎంత?
పంట పండే భూమి ఎంత?
నీ స్వార్థం కొరకు ప్రజలకు ఆశ చూపి అగం చేయొద్దు.
Modi called people “dimagi naxals.”
Gen Z decided to answer back😂🔥
This girl is absolutely cooking him over that remark.
At this rate, don’t be surprised if this Reel gets blocked in India.
Queen for a reason👑🔥
@DhruvRatheNx My request to all NALSAR law graduates please vote among you and suggest from whose hands you want to take your degree. Choose right person.
हमें हिसाब दिजिए पार्ट -3 आ गया है मेरे दोस्तों
सुनिए इस सच्चाई से भरे हुए सवाल पुछते हुए गाने को जो आपके रोंगटे खड़ा कर देगा.
एक सवाल है दोस्तों, जबाब जरूर दिजिएगा
हम तो तिरंगा आसमान में लहराएगा… मगर क्या ज़मीन पर भी आज़ादी उतरी है?
आज 15 अगस्त है।
हवाओं में ��श्न की तैयारी है,
हर तरफ़ तिरंगे की शान है…
लेकिन दिल में एक सवाल आज भी ज़िंदा है—
क्या हमें वही भारत मिला, जिसका सपना भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और रामप्रसाद बिस्मिल ने देखा था?
हम आसमान में तिरंगा पूरी शान से लहराएँगे।
राष्ट्रगान गाएँगे।
देशभक्ति के नारे लगाएंगे।
लेकिन ज़मीन की इस कड़वी हकीकत को कैसे झुठलाएँगे?
गोरे अंग्रेज़ चले गए…
लेकिन क्या हर भारतीय सचमुच आज़ाद हो गया?
आज भी आम आदमी महंगाई, बेरोज़गारी और असुरक्षा के बीच अपने सपनों को बचाने की जद्दोजहद कर रहा है।
मिडिल क्लास टैक्स देता है,
ईमानदारी से मेहनत करता है,
बच्चों की पढ़ाई और घर के भविष्य के लिए बचत करता है फिर भी हर साल उसके सपनों की कीमत बढ़ती जाती है और उसकी क्रय शक्ति घटती जाती है।
किसान सवाल लेकर खड़ा है।
युवा नौकरी के ��ंतज़ार में है।
मजदूर अपनी मेहनत की सही कीमत चाहता है।
मिडिल क्लास अपने हिस्से की राहत तलाश रहा है।
और लोकतंत्र में सबसे बड़ा सवाल यही है
जिस आज़ादी के लिए हमारे क्रांतिकारियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, क्या उस आज़ादी का मतलब सिर्फ़ सत्ता बदलना था?
भगत सिंह का सपना सिर्फ़ अंग्रेज़ों को भगाना नहीं था।
आज़ाद का सपना सिर्फ़ विदेशी हुकूमत हटाना नहीं था।
बिस्मिल की कुर्बानी सिर्फ़ सत्ता हस्तांतरण के लिए नहीं थी।
उनका सपना था..
एक ऐसा भारत जहाँ इंसान की कीमत उसकी जाति, धर्म, हैसियत या जेब से नहीं, बल्कि उसकी इंसानियत और अधिकारों से तय हो।
इसलिए आज तिरंगे को सलाम करते हुए हमें सिर्फ़ जश्न नहीं मनाना चाहिए
खुद से सवाल भी करना चाहिए।
क्योंकि देश से सव���ल करना देशद्रोह नहीं,
लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी है।
हमें अपने शहीदों से सिर्फ़ उनकी तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर नहीं,
बल्कि उनके सपनों को ज़िंदा रखकर श्रद्धांजलि देनी होगी।
गोरे अंग्रेज़ चले गए
अब उस व्यवस्था के काले सच का हिसाब कौन देगा?
अधूरे वादों का हिसाब कौन देगा?
युवा के टूटते सपनों का हिसाब कौन देगा?
मिडिल क्लास की घटती क्रय शक्ति का हिसाब कौन देगा?
किसान और मजदूर की बेचैनी का हिस���ब कौन देगा?
और सबसे बड़ा सवाल....
क्या 15 अगस्त सिर्फ़ कैलेंडर की तारीख़ है, या हर भारतीय के जीवन में बराबरी, सम्मान, न्याय और अवसर की आज़ादी का नाम भी है?
तिरंगा आसमान में लहरता रहे....
और उसके साथ भारत के हर नागरिक का सिर भी ऊँचा रहे। 🇮🇳
यही उन शहीदों के सपनों वाले भारत की असली आज़ादी होगी।
जय हिंद। 🇮🇳
इंकलाब ज़िंदाबाद।
पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट करें और उन नेताओं तथा नौकरशाह से सवाल जरूर पुछे।
#स्वतंत्रता_दिवस
#15अगस्त
#IndependenceDay
#जय_हिंद #भारत
#आज़ादी
#भ��तसिंह #चंद्रशेखरआजाद
#रामप्रसादबिस्मिल #इंकलाब_जिंदाबाद #Democracy #Freedom #India
@Vtxt21 After age 65 your brain doesn’t work properly. I am sure you can’t read a half page and understand the content of that page. Your brain needs rest.
RESIGN from the post.
That post needs an efficient BRAIN.
The efficiency of that BRAIN decides the future of the COUNTRY