पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, बढ़ती फीस और जवाबदेही की कमी ने लाखों युवाओं का भरोसा तोड़ा है। शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य अवसर देना था, लेकिन आज वही व्यवस्था छात्रों को तनाव, अनिश्चितता और निराशा की ओर धकेल रही है।
इस सिस्टम को बदलना होगा, इस सिस्टम को ठीक करना होगा।
✅ छात्रों की गूंज
🗓️ 17 जुलाई, 2026
📍 देहरादून
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हर नए खुलासे के साथ सवाल और गंभीर होते जा रहे हैं।
अब इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार महाकुंभ के दौरान संगठित तरीके से चढ़ावे की चोरी को अंजाम दिया गया। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर ट्रस्ट की सिफारिश से अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया, लेकिन जिन लोगों को करोड़ों रुपये का चढ़ावा गिनने की जिम्मेदारी दी गई, उन्हें न बैंकिंग का अनुभव था और न ही कैश काउंटिंग का। बताया गया कि वे पहले हाउसकीपिंग का काम करते थे।
अगर यह सब ट्रस्ट की जानकारी और सिफारिश से हुआ, तो जवाबदेही किसकी है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस मामले पर कब बोलेंगे? ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और आखिर दोषियों को कौन बचा रहा है?
श्रीराम सत्य, न्याय और मर्यादा के प्रतीक हैं। उनके नाम पर जुटाई गई श्रद्धा और चढ़ावे में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा अधर्म है।
“ये सोचकर कि दरख़्तों में छाँव होती है,
यहाँ बबूल के साए में आ के बैठ गए…”
देश के करोड़ों छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था को अपने सपनों की छाँव समझा था, लेकिन आज वही व्यवस्था उनके लिए बबूल और काँटे बन चुकी है। देश में 21 छात्रों की आत्महत्या इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था अब ICU में पहुँच चुकी है।
यह सरकार समस्या का समाधान नहीं करती, बल्कि उस पर पर्दा डालने का काम करती है।
👉कोरोना आया तो थाली बजाओ।
👉महंगाई बढ़ी तो कम खाओ।
👉बेरोजगारी बढ़ी तो पकौड़े तलो।
👉पेट्रोल महंगा हुआ तो साइकिल चलाओ।
👉रुपया गिरे तो विदेश मत जाओ।
👉विदेश नीति विफल तो सोना मत खरीदो
बीमारी कहीं और है, लेकिन सरकार इलाज कहीं और ढूंढ रही है। जब छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा, सस्ती शिक्षा और सुरक्षित भविष्य चाहिए, तब उन्हें मिल रहे हैं पेपर लीक, रद्द होती परीक्षाएँ, बढ़ती फीस और अंतहीन तनाव। शिक्षा अब अधिकार नहीं, व्यापार बन चुकी है और ‘NEET, Cheat and Repeat’ इस व्यवस्था की पहचान बन गया है।
जिस संस्था का नाम National Testing Agency है, वह आज देश के करोड़ों छात्रों के लिए National Tension Agency बन चुकी है।
जब सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा ही नहीं होगी, तो देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित कैसे होगा? कलम थामने वाले हाथों को कफ़न तक पहुँचाने वाली इस व्यवस्था को बदलना ही होगा।
#ChhatronKiGoonj
📍 प्रेस वार्ता, जम्मू
आज जम्मू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के अंतर्गत जम्मू शहरी और जम्मू ग्रामीण की बैठक में भाग लिया।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री @RamanBhalla_ जी, जम्मू जिला रूरल अध्यक्ष श्री @Neerajkundan जी, कार्यालय प्रभारी श्री वेद महाजन जी, श्रीमती कांता भान जी और कांग्रेस परिवार के साथियों के साथ आगामी कार्यक्रमों और अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की।
नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी द्वारा शुरू की गई यह पहल देशभर के युवाओं को अपनी बात रखने का मंच प्रदान कर रही है और उनके अधिकारों व भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठा रही है।
📍 जम्मू
आज ऊधमपुर में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद एवं सहभागिता रही।
नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी द्वारा शुरू की गई यह पहल देशभर के युवाओं की आवाज़ को एक मंच देने और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस सफल कार्यक्रम का उत्कृष्ट आयोजन ऊधमपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्री सुमित मंगोत्रा जी द्वारा किया गया एवं इस अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलबीर सिंह जी सहित कांग्रेस परिवार के अनेक वरिष्ठ साथी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
📍 ऊधमपुर, जम्मू-कश्मीर
'मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होती,
पुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होती,
सबसे खतरनाक होता है,
हमारे सपनों का मर जाना।'
और आदरणीय श्री @RahulGandhi जी इस देश के युवाओं के सपनों को किसी भी कीमत पर मरने नहीं देंगे।
करोड़ों नौजवानों के सपनों को बचाने, उनके हक की आवाज बुलंद करने और धर्मेंद्र प्रधान जी द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्ट व ठप शिक्षा मंत्रालय को उखाड़ फेंकने के लिए कांग्रेस पार्टी 30 जून, 2026 से एक बड़ा छात्र आंदोलन शुरू करने जा रही है। यह आंदोलन देश के 28 प्रमुख शहरों में एक साथ चलाया जाएगा।
📍प्रेस वार्ता
राजीव भवन, जम्मू
आदरणीय श्री @RahulGandhi जी ने कोटा में बिल्कुल सही कहा कि आज का सिस्टम Selection का नहीं, Rejection का सिस्टम बन चुका है।
पिछले दस वर्षों में 90 पेपर लीक हुए...
90 बार युवाओं के भविष्य की हत्या हुई...
90 बार मेहनत पर प्रहार हुआ...
90 बार उम्मीदों का कत्ल हुआ...
लेकिन एक भी बड़ा अधिकारी जेल नहीं गया। एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। उल्टा कल मोदीजी शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी के तारीफ में कसीदे पढ़ कर जन्मदिन की बधाई दे रहे थे।
📍प्रेस वार्ता
राजीव भवन, जम्मू
मोदी की सरकार ने अब स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारे 6 वीर जवान शहीद हुए हैं।
जबकि 28 जुलाई 2025 को संसद में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस ऑपरेशन में हमारे सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई। उस वक्त सत्ता पक्ष ने मेजें थपथपाईं, तालियाँ बजाई थीं।
अगर रक्षा मंत्री को उस समय इन शहादतों की जानकारी नहीं थी, तो यह बेहद गंभीर प्रशासनिक विफलता है और यदि जानकारी होने के बावजूद संसद में यह कहा गया कि कोई क्षति नहीं हुई, तो यह संसद को गुमराह करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान करने का मामला है।
लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न उन छह वीर जवानों के सम्मान का है। जिन बहादुर सैनिकों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी शहादत को आखिर छिपाया क्यों गया?
क्या इस सरकार की छवि हमारे सैनिकों के बलिदान से भी बड़ी हो गई है?
Seeds are more than an agricultural input. They are the foundation of India's food sovereignty.
As the Draft Seeds Bill redraws the rules of seed governance - the questions of farmer autonomy, corporate concentration, and food sovereignty, deserve far greater attention.
I write ✍️ @DeccanHerald
@DivyaMaderna "यूरोप या उत्तरी अमेरिका में टेस्ट किए गए बीज भारतीय गर्मी, अनियमित मानसून या यहाँ के कीड़ों का सामना नहीं कर सकते।" खेती की इस हकीकत को @DivyaMaderna जी ने अपने लेख में बहुत ही आसान शब्दों में समझाया है।
@TV9Rajasthan@thefirstindia
@DivyaMaderna कूटनीति के साथ-साथ कृषि और किसान के संकट पर @DivyaMaderna जी का यह लेख उनकी गहरी जमीनी सोच का प्रमाण है। दिव्या जी ने ड्राफ्ट सीड्स बिल, 2025 के कड़े नियमों से छोटे किसानों को होने वाले नुकसान पर बहुत ही सटीक बात लिखी है।
@ETVBharatRJ@PatrikaNews
@DivyaMaderna "भारत के बीजों पर किसका नियंत्रण होगा - हमारी खाद्य श्रृंखला की इस पहली कड़ी को कौन संभालेगा?" @DivyaMaderna जी ने अपने नए आर्टिकल में देश के सामने यह सबसे बुनियादी और बड़ा सवाल खड़ा किया है।
@zeerajasthan_@News18Rajasthan
@DivyaMaderna एक किसान परिवार से आने के कारण @DivyaMaderna जी खेतों की मिट्टी और बीजों की अहमियत को बखूबी समझती हैं। भारत के बीजों के भविष्य और खाद्य सुरक्षा पर उनका यह नया लेख कृषि जगत को एक सही दिशा दिखाता है।
@RJDainikBhaskar@rpbreakingnews
The battle over India's future won't begin in Parliament. It will begin with a seed.
As the Draft Seeds Bill reshapes India's seed governance - the fight over farmer autonomy, corporate concentration and food sovereignty becomes impossible to ignore.
I write ✍️
https://t.co/uptbpEqdr2
@Jairam_Ramesh@visually_kei@shemin_joy
@DivyaMaderna "सफलता को केवल धारणाएं बदलने की क्षमता से मापा जाने लगा है, जिससे राजनैतिक प्रदर्शन और असल जिंदगी की हकीकत के बीच की खाई लगातार चौड़ी हो रही है।" कूटनीति के इस कड़वे सच को @DivyaMaderna जी ने अपने लेख में बहुत ही सादगी से उजागर किया है। @indiatvnews@news24tvchannel
@DivyaMaderna देश की राजनीति के बदलते स्वरूप और राहुल गांधी जी के वैचारिक बदलाव पर @DivyaMaderna जी का यह नया लेख समाज को एक नई सोच देता है। दिव्या जी जैसी उच्च शिक्षित नेता ही राजनीति के इस गहरे पक्ष को शब्दों में पिरो सकती हैं। @aajtak@ZeeNews
@DivyaMaderna "आज की राजनीति में जनता से लगातार बात तो की जा रही है, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं जा रही।" @DivyaMaderna जी ने अपने नए आर्टिकल में वर्तमान राजनीतिक संवाद के इस बड़े संकट पर बेहद गंभीर और तार्किक प्रहार किया है। @ABPNews@ndtvindia
@DivyaMaderna आज की चमक-दमक और सोशल मीडिया के शोर के बीच कूटनीति और जमीनी राजनीति का असली मतलब क्या होता है, यह @DivyaMaderna जी के इस नए लेख से समझा जा सकता है। दिव्या जी की राजनीतिक दूरदर्शिता और भाषा की गहराई सच में अद्भुत है। @TheLallantop@BBCIndia