एक परीक्षा के पीछे वर्षों की मेहनत, उम्मीद और परिवार के सपने जोड़े होते हैं फिलहाल जो झारखंड में हुआ है उससे जेएसएससी सीजीएल के चयनित मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य तराजू के दो पलड़े की तरह है दोषियों पर कार्रवाई हो, मेहनतियों को न्याय मिले@HemantSorenJMM#jssccgl#jssc
झारखंड के हर परिवार की ओर से हमारी यही आवाज है—जो छात्र ईमानदारी और मेहनत से चयनित हुए हैं, उनके साथ हम मजबूती से खड़े हैं। जांच निष्पक्ष हो, दोषी को सजा मिले, लेकिन genuine छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। @HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand@RahulGandhi
बबीता पहाड़िया—झारखंड प्रशासनिक सेवा में पहुँची पहली PVTG महिला।
जिस उपलब्धि पर पूरा समाज गर्व कर सकता था, वही मुकाम उनके लिए जैसे अभिशाप बन गया। उपलब्धि से ज्यादा उन्हें अनगिनत आरोपों, सवालों और मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ा।
कभी-कभी मन पूछता है—क्या इससे ��च्छा उनका वही आदिम समाज नहीं था, जहाँ कम-से-कम उनकी मेहनत और गरिमा को यूँ कठघरे में तो नहीं खड़ा किया जाता ?
जाँच हो, सत्य सामने आए—लेकिन बिना दोष सिद्ध हुए किसी की पूरी जिंदगी, संघर्ष और सम्मान को सज़ा मत बनाइए ।
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@JHAR98765 कल तक जिस मेहनत पर ताली बजाई गई,आज उसी मेहनत को सवालों में खड़ा कर दिया गया।विद्यार्थी ने सालों अपना भविष्य किताबों में लिखा,और एक फैसले ने उसकी मेहनत को ही मिटा दिया।सवाल सिर्फ परीक्षा का नहीं उस विद्यार्थी के सम्मान और सपने का है।
देखिये किस तरह बाहरी लोग छल प्रपंच करके अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं और हम झारखंडियों का हक छीन रहे हैं। माननीय @HemantSorenJMM सर, कृपया इससे संज्ञान लेकर हमारा अधिकार सुरक्षित करें🙏🙏
यह देखिए exam fighters वाले को इसका काम है बच्चा लोग को पढ़ाना, ना की आंदोलन खड़ा करना, पुतला दहन करना, राजनीति करना।
इसका संचालक कुणाल प्रताप सिंह है जो झारखंड में हो रहे छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करके अपने हिस���ब से आंदोलन को चला रहा था और अभी भी चल रहा है।
एक अभ्यर्थी की सफलता सिर्फ उसकी नहीं, उसके माँ-बाप के त्याग की भी जीत होती है।सरकार से आग्रह है—मेहनती बच्चों के सपनों औ�� माँ-बाप की उम्मीदों को निराश न होने दें।
राज्य में आधा दर्जन से ज्यादा कोचिंग माफियाओं का सिंडिकेट था एक्टीव.......
किताब भी यही बेचेंगे,
पढ़ाएंगे भी यही।
सेटिंग भी यही करेंगे,
सीट भी यही बेचेंगे।
पेपर रद्द भी यही करवाएंगे,
राजनीतिक आकाओं के साथ आंद��लन में चेहरा भी यही दिखाएंगे।
कोर्ट भी यही दौड़ेंगे,
कैमरा भी यही बुलाएंगे,
आंदोलन को बदनाम भी यही करेंगे।
खेल इनका, नियम इनके,
फैसला इनका—मुनाफा इनका।
और छात्र? सिर्फ इन कोचिंग-माफियाओं के मोहरे!
असली सवाल यह है कि कुछ *कोचिंग माफिया* हर मुद्दे में छात्रों के हितैषी बनकर सामने क्यों आते हैं, जबकि उनकी अपनी दुकान और निजी हित भी जुड़े होते हैं। गरीब और मेहनती छात्रों के भविष्य की चिंता से ज्यादा उन्हें अपने फायदे की चिंता दिखाई देती है।
क्या @BJP4Jharkhand के नेतागण बता सकते हैं कि इन महाशय के CBI प्रेम के बारे में??
हो सकता है इस प्रेम के पीछे JPSC 1 और 2 की कोई संजीवनी इन्हें बार बार य��द आती होगी? @yourBabulal