फर्जी कोचिंग दलालों और माफियाओं ने कैंसर का रूप धारण कर झारखंड समेत पूरे देश को जकड़ रखा है।
समय आ गया है इन दलालों और इनके राजनीतिक आकाओं को बेनकाब करने का।
युवा विरोधी@BJP4Jharkhand हमेशा की तरह फिर अपना रोना धोना, गाल बजाना और छाती पीटना शुरू कर सकती है।
छात्रों को ढाल बनाकर राजनीति कर रही भाजपा, कोचिंग माफिया के साथ मिलकर युवाओं को उकसाने का काम बंद करे :
भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता पहचान चुकी है।
भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक हित रखने वाले लोग तथा कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं। छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें आंदोलन और टकराव की राजनीति में धकेलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि वे छात्रों के हित में समाधान चाहते हैं या उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई का मोहरा बनाना चाहते हैं।
बाबूलाल मरांडी पहले इस बात का जवाब दें कि छात्रों के बीच जाकर उन्हें भड़काने और राजनीतिक नारों में उलझाने से उनके भविष्य का क्या भला होगा? यदि वास्तव में छात्रों की चिंता है तो उनके मुद्दों पर सरकार से बातचीत करें, तथ्य सामने रखें और समाधान का रास्ता सुझाएं। छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना न तो छात्रहित है और न ही लोकतांत्रिक राजनीति।
बिना किसी ठोस प्रमाण के झामुमो कार्यकर्ताओं को बदनाम करना बाबूलाल मरांडी की हताश राजनीति का परिचायक है। यदि कहीं किसी के साथ मारपीट हुई है या कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच से पहले ही राजनीतिक फैसला सुनाना उचित नहीं है।
भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रही है या आगामी राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं के बीच असंतोष को हवा दे रही है। झारखंड के छात्र किसी राजनीतिक दल के मोहरे नहीं हैं। उन्हें अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा की चिंता है; भाजपा को उनके भविष्य से खिलवाड़ करने के बजाय अपनी राजनीति सुधारनी चाहिए।
कोचिंग संस्थानों और शिक्षा के नाम पर कारोबार करने वाले किसी भी समूह को छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि किसी को छात्रों की वास्तविक चिंता है तो वह उनके बीच भ्रम और आक्रोश फैलाने के बजाय उन्हें सही तथ्य और उचित मार्गदर्शन दे।
झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है और किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार के खिलाफ नहीं है। लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा, उकसावे या राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जा सकता। कानून अपना काम करेगा और यदि किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
बाबूलाल मरांडी जी को छात्रों की चिंता कम और अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता ज्यादा है। छात्र आंदोलन को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बंद कीजिए। झारखंड के युवा समझदार हैं और वे तय करेंगे कि उन्हें अपने भविष्य के लिए संघर्ष करना है या भाजपा की राजनीतिक पटकथा का हिस्सा बनना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। भाजपा को यदि कोई ठोस सुझाव देना है तो सरकार के सामने रखे। लेकिन छात्रों को भड़काकर, माहौल खराब करके और फिर उसकी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश झारखंड में सफल नहीं होगी।
भाजपा और उसके सहयोगी तत्व यह समझ लें कि झारखंड के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को उकसाने की राजनीति का जवाब तथ्य, संवाद और कानून के रास्ते से दिया जाएगा सड़क पर अराजकता पैदा करके नहीं।
@JmmJharkhand
भाजपा के संरक्षण में जिस व्यवस्था में कोचिंग माफिया, बिचौलियों और परीक्षा के सौदागरों ने जड़ें जमाईं, आज हेमंत सरकार उसी सड़े हुए सिस्टम की सफाई कर रही है।
भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि जो गंदगी वर्षों में पैदा हुई है, उसे साफ करने में समय लग सकता है, लेकिन हेमंत सरकार पीछे हटने वाली नहीं है। भाजपा ने व्यवस्था को कमजोर किया, हेमंत सरकार उसी व्यवस्था को दुरुस्त कर रही है।
कोचिंग माफिया हो या उनके संरक्षणदाता, बिचौलिए हों या परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
@HemantSorenJMM
गाड़ी में पूरे होश में ज्ञान पेल रहे थे, और अस्पताल में कैमरे के सामने स्ट्रेचर पर आते ही 'अधमरा' होने का नाटक।
झारखंड को अस्थिर करने के लिए BJP Jharkhand और कोचिंग माफिया किस हद तक गिर सकते हैं, यह वीडियो उसका सबूत है।
टुकटुक से जाते समय एकदम स्वस्थ होकर बक-बक चालू 😂 और अस्पताल पहुँचते ही बेड पर ऐसी नोटंकी, जैसे हालत बहुत गंभीर हो गई हो! 😂
इन लोगों को बस एक मौका चाहिए, मौका मिलते ही पूरा ड्रामा शुरू! 🤣 @HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren
नैशनल मीडिया ने भीड़ तंत्र की आड़ लेकर ऐसे बहुत से संघर्ष की कहानियों को ढकने का काम किया जिसको लोकल मीडिया ने सफलता के बाद दुनिया के सामने प्रस्तुत किया था।
असली सवाल यह है कि कुछ *कोचिंग माफिया* हर मुद्दे में छात्रों के हितैषी बनकर सामने क्यों आते हैं, जबकि उनकी अपनी दुकान और निजी हित भी जुड़े होते हैं। गरीब और मेहनती छात्रों के भविष्य की चिंता से ज्यादा उन्हें अपने फायदे की चिंता दिखाई देती है।
कोचिंग माफिया और विपक्षी नेताओं की राजनीति के कारण मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय न हो। 🙏
कृपया छात्रों के भविष्य को राजनीति का मुद्दा न बनाएं। #Students#Jharkhand