एटा जिले के मारहरा थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय दलित नाबालिग किशोरी को घर में घुसकर अगवा करना, सामूहिक रूप से दरिंदगी करना और फिर सड़क पर फेंक देना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और भयावह घटना है।
अगर एक दलित बेटी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो यह कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की सच्चाई को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, घटना के 3 दिन बाद भी सभी आरोपियों की गि���फ्तारी न होना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की कठोर धाराओं में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्याय दिलाया जाए।
@CMOfficeUP
माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के उप वर्गीकरण व क्रीमीलेयर को लेकर जो अपनी राय दी है उसके विरोध में भारत के अनुसूचित जाति/ जनजाति के लोगों ने 21 अगस्त का भारत बंद का आह्वान किया है , राष्ट्रीय लोकतांत��रिक पार्टी इस भारत बंद का समर्थन करती है !
जब SDM तक सुरक्षित नहीं तो आम आदमी अपनी सुरक्षा तो भूल ही जाये।
मिली जानकारी के अनुसार ये विडियो बनारस की बताई जा रही है। जिसमे दलित SDM को SDM कोर्ट में कुछ मनुवादी दबंग अपने हुजूम के साथ आये और आते ही SDM पर हमला कर दिया बुरी तरह पीटने लगे रोकने से भी नही रुके।
दलितों के लिए देश? शहर? गाँव? वाला सवाल आजादी के अमृत काल में सड़क और घास पर आ गया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ के सुभाई गांव में जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त लोगों द्वारा दलितों के लिए जाति सुचक शब्दों का इस्तेमाल करने और सभी परिवारों के सामाजिक बहिष्कार (सड़क पर चलने तक का बहिष्कार ) की घटना, इनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
@chamolipolice मामले को संज्ञान में लेकर सख़्त कार्यवाही करें और दलित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।