आज जो हालात भारत का हुआ है इसके पहले दस साल मे कितनी बार हुआ है अभी जब तक मोदी व भाजपा सरकार रहेगी आगे तब तक ऐसे हालात देखने को मिलता रहेगा इसका जिम्मेदार प्रधान मंत्री मोदी जी है
आज जिस तरह से बसपा विधायक उमा श��कर सिंह के कैंसर से पिडि़त के घर जाकर रेट मारा जा रहा है ईडी के द्वारा उससे साफ जाहिर हो रहा है की यह आगामी विधान सभा चुनाव 2027 मे उमाशंकर सिह को दबाने व डर दिखाने व पार्टी छुडाने के नियत से यह ईडी का रेट पड़ा है ताकी चुनाव न लड़े बसपा से
बी.एस.पी. के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जबसे बी.एस.पी. में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है और आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके़ से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।
हालाँकि पिछले लगभग दो वर्षों से वे काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहें हैं, ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को अगर इनके सम्बन्ध में कोई शिकायत मिली थी तो वे इनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इनके ठीक हो जाने के उपरान्त इनसे पूछताछ कर सकते थे। हम कोई इस विभाग के कार्य में दख़ल नहीं दे रहें, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गयी है व�� अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है।
बी.एस.पी. के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जबसे बी.एस.पी. में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है और आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके़ से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।
हालाँकि पिछले लगभग दो वर्षों से वे काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहें हैं, ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को अगर इनके सम्बन्ध में कोई शिकायत मिली थी तो वे इनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इनके ठीक हो जाने के उपरान्त इनसे पूछताछ कर सकते थे। हम कोई इस विभाग के कार्य में दख़ल नहीं दे रहें, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गयी है वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है।
महाराष्ट्र के नायक उप मु्ख्यमंत्री दादा अजित पवार का प्लेन क्रेश मे मौत हो जाना बेहद दुखद और दुर्भाग्य पूर्ण है
कुदरत उनके आत्मा को शांति दे
मेरा मानना है यह घटना संयोग नही सुसंगठित पार्टी घटक दल का प्रयोग है
UGC का वही लोग विरोध कर रहे हैं, जो जाति के आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी के बच्चों का शोषण करते हैं, उन्हें अपमानित करने का काम करते हैं।
इन नए नियमों से किसी को कोई दिक्कत नहीं है—सिवाय उन द्रोणाचार्यों के, जो आज भी एकलव्य का अंगूठा काटना चाहते हैं। इसके अलावा UGC के नए नियमों से किसी भी वर्ग को समस्या नहीं है।
मैं सरकार को साफ़ चेतावनी देता हूं - अगर चंद मुट्ठी-भर लोगों के दबाव में UGC पर लिया ग���ा फैसला वापस हुआ, तो हम 85% बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर सरकार को बताने का काम करेंगे।
नगीना सांसद, Chandra Shekhar Aazad जी, आगरा