कोरोना योद्धा बोलकर ताली-थाली बजवा ली, लेकिन जब हक़ देने की बारी आई तो सरकार गूंगी-बहरी हो गई! #CHOs अब आर-पार के मूड में हैं।
हमें अभी परमानेंट करो, ₹4800 ग्रेड पे दो और PBI सैलरी में मर��ज करो।
अब धोखा नहीं चलेगा!
#CHOreglarCaddre #UPCHO
@myogiadityanath @brajeshpathakup
🔥 संविदा व्यवस्था की प्रतीकात्मक आहुति, स्थायी भविष्य की बुलंद पुकार! 🩺✊
📍 ईको गार्डन, लखनऊ
🕉️ “संविदा स्वाहा! संविदा स्वाहा!!”
हवन-पूजन के माध्यम से #UPCHOs ने संविदा व्यवस्था के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए नियमितीकरण और सम्मानजनक भविष्य की मांग को फिर बुलंद किया।
जो CHO गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेद��री निभाते हैं, उन्हें आखिर कब मिलेगा स्थायी रोजगार और उनके योगदान का सम्मान?
📢 अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए!
✅ पृथक CHO कैडर का गठन हो
✅ नियमितीकरण लागू हो
✅ सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो
संविदा व्यवस्था का अंत हो, CHO का स्थायी भविष्य सुनिश्चित हो! 🔥
#PermanentUPCHOs #CHORegularCadre #JusticeForUPCHO #CHOProtest #NHM #UPCHO #Lucknow
*15 दिन भी इको गार्डन में डटे CHO, शासन की चुप्पी ने आक्रोश बढ़ाया*
लखनऊ, 12 October। उत्तर प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का इको गार्डन में धरना जारी रहा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से CHO पहुंचते रहे। कई जिलों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद रहने की खबरें आईं, क्योंकि कर्मी राजधानी के धरने में शामिल हुए।
ज्ञापन और धरना शुरू होने के बाद भी मुख्यमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग और NHM की ओर से कोई ठोस वार्ता या लिखित जवाब नहीं आया। CHO इसे लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा बता रहे हैं। जिम्मेदारी बढ़ी, सेवा-सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय पर फैसला नहीं हुआ—यही आक्रोश का कारण है।
⬛ नौ सूत्रीय मांगें
**1. PBI को मूल मानदेय में शामिल किया जाए।**
**2. मासिक मानदेय ₹60,000 अथवा ₹4,800 ग्रेड-पे के समकक्ष वेतनमान तय हो।**
**3. पारदर्शी वार्षिक स्थानांतर�� नीति लागू हो।**
**4. पृथक CHO कैडर बने और नियमितीकरण की स्पष्ट प्रक्रिया शुरू हो।**
**5. राज्य कर्मचारियों के समान DA एवं HRA मिले।**
**6. CHO और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाए।**
**7. ₹1 करोड़ का बीमा कवर उपलब्ध हो।**
**8. आगामी भर्तियों में सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त वेटे�� मिले।**
**9. अर्जित अवकाश (EL) की सुविधा दी जाए।**
CHO का सवाल साफ है—ग्रामीण स्वास्थ्य इन्हीं के कंधे पर है, फिर ये मांगें सालों से क्यों अटकी हैं। संगठन कहता है कि उद्देश्य सेवा बाधित करना नहीं, समयबद्ध संवाद है। निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य विभाग और NHM पर हैं। स्वीकार्य मांगों पर फैसला हो, शेष पर रोडमैप आए।
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कृपया सभी fallow कर लें,100% फॉलोबैक मिलगा,और रीट्वीट भी करे���।
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माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, CHO की स्थायी कैडर की मांग सेवा व्यवस्था की स्थिरता से जुड़ी है। ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर भी समयसीमा तय हो। कृपया लिखित आदेश जारी कराने की पहल करें। अब ठोस कदम उठाइए।
@myogioffice@mediacellsp#UPCHOPermanentCadre#UPCHO गांवों में स्वास्थ्य सेवा देने वाले CHO को अपने भविष्य के लिए बार-बार आवाज क्यों उठानी पड़े? @brajeshpathakup जी, स्थायी कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर नीति स्पष्ट कीजिए और समयसीमा ब��ाइए। अब ठोस कदम उठाइए।
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#UPCHOPermanentCadre #UPCHO माननीय @brajeshpathakup जी, CHO की मांग सिर्फ मानदेय नहीं, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा का सवाल है। स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर सरकार की समयसीमा सार्वजनिक कीजिए। अब लिखित फैसला दीजिए।
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माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, CHO की स्थायी कैडर की मांग सेवा व्यवस्था की स्थिरता से जुड़ी है। ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर भी समयसीमा तय हो। कृपया लिखित आदेश जारी कराने की पहल करें। अब ठोस कदम उठाइए।
@myogioffice@mediacellsp#UPCHOPermanentCadre#UPCHO गांवों में स्वास्थ्य सेवा देने वाले CHO को अपने भविष्य के लिए बार-बार आवाज क्यों उठानी पड़े? @brajeshpathakup जी, स्थायी कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर नीति स्पष्ट कीजिए और समयसीमा बताइए। अब ठोस कदम उठाइए।
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#UPCHOPermanentCadre #UPCHO माननीय @brajeshpathakup जी, CHO की मांग सिर्फ मानदेय नहीं, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा का सवाल है। स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर सरकार की समयसीमा सार्वजनिक कीजिए। अब लिखित फैसला दीजिए।
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इको गार्डन से उठ रही CHO की मांगों को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। @brajeshpathakup जी, स्थायी कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर सरकार कब निर्णय लेगी? संबंधित अधिकारियों के साथ समयबद्ध समाधान तय कीजिए। अब ठोस कदम उठाइए।
@myogioffice@mediacellsp#UPCHOPermanentCadre#UPCHO गांवों में स्वास्थ्य सेवा देने वाले CHO को अपने भविष्य के लिए बार-बार आवाज क्यों उठानी पड़े? @brajeshpathakup जी, स्थायी कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर नीति स्पष्ट कीजिए औ��� समयसीमा बताइए। अब ठोस कदम उठाइए।
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#UPCHOPermanentCadre #UPCHO माननीय @brajeshpathakup जी, CHO की मांग सिर्फ मानदेय नहीं, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा का सवाल है। स्थायी CHO कैडर, ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर सरकार की समयसीमा सार्वजनिक कीजिए। अब लिखित फैसला दीजिए।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवा देने वाले CHO के लिए स्थायी सेवा ढांचा कब बनेगा, @brajeshpathakup जी? ₹4,800 ग्रेड पे और PBI विलय पर नीति स्पष्ट कीजिए। इको गार्डन की आवाज का जवाब ठोस निर्णय से दीजिए। अब ठोस कदम उठ���इए।
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#UPCHOPermanentCadre #UPCHO Bujji
संविदा की बेड़ियाँ अब और नहीं सहेंगे! #CHOs ने यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था संभाली है, और बदले में हमें मिला सिर्फ शोषण।
सीधी बात:
• परमानेंट कैडर
• ₹4800 ग्रेड पे
• PBI का सैलरी में विलय
सरकार आदेश जारी करे!
#UPCHO@myogiadityanath@brajeshpathakup@nhm_up