मुझे चिंता है कि राम, हनुमान, लक्ष्मी, गणेश करने वाले उस नेता के चेम्बर में लगी भगतसिंह व आंबेडकर की तस्वीरों पर क्या गुज़रती होगी? क्योंकि वोटर तो इन तमाशों से ख़ुश ही होंगे, अगला और बड़ा नेता बन जाएगा; मगर भगतसिंह व आंबेडकर के इस अपमान का क्या होगा? अब तो इन्हें बख़्श दो जी.
एकाच मतदारसंघाचे प्रतिनिधित्व करणारे हे दोन आमदार..
डॉ गणपतराव देशमुख आज हयात नाहीत पण वयाच्या 92 व्या वर्षी नागपूर अधिवेशनासाठी त्यांनी एसटीने प्रवास केलेला.
तर जळगावला जाण्यासाठी शहाजीबापू पाटील प्राव्हेट जेटने गेले त्यात त्यांनी पिठलं खाल्लं याच मीडियाला कौतुक..
तब के प्रधानमंत्री पी.वी.नरसिम्हा राव ने जब कहा "धर्म और राजनीति को मिलाने की कोशिश कभी भी कामयाब नही होगी, उस से ना धर्म-धर्म रहेगा ना राजनीति-राजनीति रहेगी, दोनो भी बिगड जायेंगे"
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महात्मा गांधी ने भारत की आजादी को लेकर ये कहा था की, "मेरी तो तमन्ना ये है, मेरी तो आशा ये है, इश्वर से प्राथना ये है, हिंदुस्तान ऐसा बने जिस से दुनिया कहे, आजाद बनना है तो हिंदुस्तान जैसे आजाद बनो"
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