I just love America. There, you have the freedom to proudly display another country’s flag without any trouble from the authorities.
But if you try to do the same in India, Chitra Tripathi will be the first to call you anti-national and a Soros agent.
#𝗺𝗮𝗱𝗮𝗿𝘀𝗲 मे #आत#आतंकवादी पैदा होते है.. ये बात दुनिया मे सबसे पहले किसको पता चली...
ये वीडियो थोड़ा सा लम्बा है, लेकिन इसमें दी गयी जानक��री बहुत ही अनोखी है....
अगर कोई भी मेरी कही गयी बातो को गलत साबित कर देगा तो मैं आज ही #राजनीति से #इस्तीफा दे दूंगा...
Syed Asim Waqar
Chief national spokesperson
AIMIM
ये मोहम्मद इरफ़ान हैं, इन्हें औपचारिक शिक्षा नहीं मिली।
दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं, ये भी जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का हिस्सा थे लेकिन लोगों तक इनकी आवाज़ शायद पहुंच नहीं सकी,
लोकतंत्��� पर इनकी बात एक बार ज़रूर सुनिए।
बिहार: मुहर्रम म��ं तलवारबाज़ी पर मुस्लिम दारोगा सस्पेंड, लेकिन कांवड़, रामनवमी और अनुज चौधरी के हाथ में गदा दिखने पर कार्रवाई क्यों नहीं? जनता ने उठाए सवाल।
लालू प्रसाद यादव का जंगलराज, ममता दी का जंगलराज, अखिलेश यादव का जंगलराज याद दिलाने वाले अपनी हरकतों को नहीं देख रहे हैं। बंगाल को शुभेंदु ने तालिबान बना दिया।
यह TMC नेता फज़लू हक़ हैं जिन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कमर में रस्सी बांधकर कूच बिहार के घुघुमार्केट में घुम��या, सिर पर ज़ोर-ज़ोर से अंडे मारे। बंगाल में पुलिस नहीं है , सरकार भी नहीं।
टीएमसी नेता फज़लू हक़ को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कूचबिहार के घुघुमार्केट में कमर में रस्सी बांधकर पूरे बाजार में घुमाया। इस दौरान उनके सिर पर लगातार अंडे मारे गए, जिसका वीडियो सोशल मीड���या पर तेजी से वायरल हो रहा है।
📍 बाड़मेर, राजस्थान
मैं पिछले कुछ दिनों से बहुत मायूस था। मस्जिदों की शहादत की ख़बरों ने दिल को झकझोर दिया था, और उस पर मीडिया की रिपोर्टिंग में "अवैध" जैसे अल्फ़ाज़ ने ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया।
लग रहा था कि जैसे किसी बड़े हादसे की दहलीज़ पर खड़े हैं, और उस पर हिंदू समाज की ख़ामोशी ने भाईचारे, दोस्ती और मोहब्बत जैसे अल्फ़ाज़ से यक़ीन ही ख़त्म कर दिया था।
लेकिन कल शाम बाड़मेर से आई ख़बर और तस्वीरों ने एक बार फिर हरारत पैदा कर दी।
बाड़मेर की अवाम, जिसमें अस्सी फ़ीसद तादाद हिंदुओं की थी, सड़क पर उतरकर चार मस्जिदों की शहादत के ख़िलाफ़ शांति, अमन और सद्भाव का पैग़ाम दिया।
काश पूरे मुल्क की बहुसंख्यक आबादी बाड़मेर के लोगों से कोई सीख ले।
छोटे भाई ख़ान मियाँ खनियानी, आज़ाद सिंह राठौड़ और बाड़मेर के तमाम दोस्तों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने इस प्रोग्राम को आयोजित किया।
- @nadeemkhanUAH
वाराणसी में बीजेपी पार्षद की नाव पर चिकन और शराब पार्टी करने वालों को 24 घंटे के अंदर वाराणसी कोर्ट से जमानत मिल गई !
मार्च में कुछ मुस्लिम युवकों ने भी नाव पर इफ्तार पार्टी की थी , जिसमें बिरयानी खाई गई थी ,
इस म��मले में गिरफ्तार सभी लोगों की जमानत याचिका वाराणसी कोर्ट ने रद्द कर दिया था , और लगभग दो महीने जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी !
हैं न देश की कानून व्यवस्था मजेदार !
टीएमसी और शिवसेना की टूट के बाद
अब निगाहें DMK की तरफ़ होनी चाहिए।तब ही दो तिहाई का आंकड़ा हासिल कर सकते हैं।शायद इसी लिए अन्नामलाई की पार्टी बनाई गई है।ताकि अगर डीएमके नहीं आए तो बाग़ी सांसदों को अन्नामलाई की पार्टी में शामिल करा दिया जाए और यह पार्टी NDA में शामिल हो जाए।
हैदराबाद की एक हाउसिंग सोसायटी में इस शख्स ने मुस्लिम परिवार के बच्चे को “पाकिस्तानी” कहा था। उसके बाद बच्चे ने तुंरत प्रतिवाद किया। उस���ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब शख्स अपने कृत्य के लिए “सॉरी” बोल रहा है। सवाल यह है कि इस शख्स ने उस बच्चे को पाकिस्तानी ही क्यों कहा? यह शख्स उसे अमेरिकी, इटेलियन, अरबी, इंडोनेशियाई आदि भी कह सकता था, लेकिन इसने उसे पाकिस्तानी ही कहा! क्योंकि यह जानता था, भारतीय मुसलमान को अपमानित करने के लिए इससे भद्दी कोई और गाली नहीं हो सकती। भारतीय मुसलमान को पाकिस्तानी बता दो, फिर वह अपनी तमाम ऊर्जा खुद को भारतीय साबित करने में लगा देगा, और इन जैसे टटपुंजियों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। इस तरह के लोग मुसलमानों को मानसिक तौर से प्रताड़ित करते हैं, यह मुसलमान को मैसेज देना चाहते हैं कि इस देश में वो ‘दूसरे’ हैं। सरकार को चाहिए कि मुसलमानों के लिए एससी/एसएसटी एक्ट की तर्ज़ पर कानून बनाए, ताकि इस देश के नागरिकों को दुश्मन देश का नागरिक बताने वालो को सबक़ सिखाया जा सके।
वेज चिकन पार्टी थी शायद...
कल तक गंगा में इफ्��ार करने से जिनकी भावनाएँ आहत हो रही थीं, आज उसी गंगा में चिकन और शराब की पार्टी से किसी की भावनाएँ आहत क्यों नहीं हो रही हैं? शायद इसलिए कि इस बार पार्टी करने वाले दूसरे समुदाय के हैं।
संभल के एक गांव में एक मस्जिद को प्रशासन ने ज़मींदोज़ कर दिया। इस कार्रावाई के दौरान मस्जिद से I Love ❤️ Mohammad लिखे स्टीकर/पोस्टर मिले। इस ‘अपराध’ में संभल प���लिस ने सात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। जब सँभल के एसपी से BBC ने इस बाबत सवाल किया तो उनका जवाब भी हैरान कर देने वाला था। किसी आईपीएस के तर्क इतने लचर कैसे हो सकते हैं। संभल के एसपी बस एक सवाल का जवा दें दें कि क्या I Love ❤️ Mohammad कहना, पोस्टर रखना अपराध है?