@CaptAjayYadav गुज्जर समाज कैप्टन साहब की अहमियत समझता हैं, ये जो चंद लोग प्रदर्शन कर रहे थे उनका पेट दर्द गुज्जर समाज समझता हैं।
निजी हित पूरे ना हुए तो कप्तान बुरा हो हुआ।
भाजपा सरकार को हमारे खिलाड़ियों का सम्मान करना चाहिए। इन खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया हैं। भाई @GoongaPahalwan जी की जायज़ माँग पर जल्द संज्ञान लेना चाहिए।
18 नवम्बर, 1962 को देश की सीमा की रक्षा में लद्दाख की दुर्गम बर्फीली चोटी पर वीरता कि अतुल्य गाथा लिखते हुए 114 वीर अहीर सैनिकों ने अपने खून से भारत माता की रक्षा की थी ।
रेजांगला के अमर वीर अहीर शहीदों को कोटि कोटि नमन ।
#यादव_शौर्य_दिवस#अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_हमारा
जब सिक्ख रेजीमेंट है, राजपूत रेजीमेंट है तो फिर अहीर रेजीमेंट क्यों नहीं? अहीरों का भी अपना इतिहास है। रेजांगला से लेकर परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव तक। मैं अहीर रेजिमेंट की माँग का पुरजोर समर्थन करता हूँ। केंद्र सरकार अहीर रेजिमेंट पर विचार करें। #अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_हमारा
आज ही के दिन 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेज़ांगला में 120 वीर भारतीय जवानों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए 1300 चीनियों को मार गिराया था। उन वीर सपूतों की याद में रेजांगला के चुशूल में “अहीर धाम” स्मारक भी बना हुआ है जो इन वीर सैनिकों की बहादुरी और साहस का गवाह है।