BBC Investigation: वो 6 छोटी पार्टियां जिन्हे�� मिला करोड़ों का चंदा
बीबीसी की टीम ने उन राजनीतिक दलों की पड़ताल की, जिन्हें चंदे में करोड़ों रुपये मिले लेकिन चुनावों में ये पार्टियां लगभग नदारद रहीं.
पूरी रिपोर्ट देखिए- https://t.co/0wPyHAMC2V
#RUPP #BBCINVESTIGATION
रिपोर्ट: शुभांगी मिश्रा ( @shubhangi_misra ) और दीपक जसरोटिया ( @DeepakJ0710 )
गुजरात में 'गुमनाम दलों' के नाम पर करोड़ों के चंदे का फर्जीवाड़ा पक��़ा गया
राहुल गांधी ने 'ज्ञानेश कुमार' से 1 साल पहले जांच करने को कहा था लेकिन चुनाव आयोग ने अबतक कोई जांच नहीं की !
'आम जनमत पार्टी' नाम की फर्जी पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 620 करोड़ रुपए का चंदा मिला.
इस पार्टी न�� चुनाव में सिर्फ 1 कैंडिडेट उतारा. पार्टी की अध्यक्ष BJP की नेता थीं. पार्टी का ऑफिस गुजरात में है.
इसी तरह 2024 में 6 फर्जी पार्टियों को कुल 1700 करोड़ का चंदा मिला जो कि 5 राष्ट्रीय पार्टियों को मिले चंदे से ज्यादा है. ये 6 फर्जी पार्टियों भी गुजरात की हैं.
आप कुछ समझ पा रहे हैं?
पूरे देश से जो पैसा लूटा जा रहा है, वो इस तरह गुजरात में ठिकाने लगाया जा रहा है.
Two women freelance journalists have alleged that Delhi police slapped and beat them up because they wanted to ask questions at an event featuring Union home minister Amit Shah and Delhi chief minister Rekha Gupta and that the assault was exacerbated because they are both Muslim
"रुचिका, शाहीन, नीशू और नफ़ीसा: हुकूमत के निशाने पर आईं 4 लड़कियां, जो अब पूरे सरकारी तंत्र के सामने डटकर खड़ी हैं..."
- अभिजीत दीपके, CJP ���ाउंडर । @abhijeet
स्वतंत्र भारद्वाज पर बड़ा खुलासा !
"इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया था, भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी वायरल "
Delhi Police must answer: Why did the police ask Shaheen and Nafeesa their names and then beat them? Why were they subjected to such inhuman treatment?
Is Delhi Police acting as an extension of the RSS to harass minorities?
रात के 1 बजे दिल्ली के थाने के बाहर सैकड़ों लोग शाहीन के लिए न्याय मांग रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस FIR तक दर्ज नहीं कर रही. इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा !
एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट हुई और कार्रवाई पीड़ित पर नहीं, दोषियों पर होनी चाहिए.
मैं आज दिल्ली पहुँच रहा हूँ. शाहीन अकेली नहीं है.
दिल्ली पुलिस चाहे तो मुझे भी गिरफ्तार कर ले. देखता हूँ, सच के साथ खड़े होने से हमें कौन रोकता है.
जिन पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज हो, निष्पक्ष जांच हो और जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाए. कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद ��रने पर बैठूँगा.
पत्रकार को सवाल पूछने की सजा पिटाई नहीं हो सकती. सत्ता और पुलिस दोनों याद रखें ..सवाल न दबे हैं, न दबेंगे.
#DelhiPolice #ShaheenKhan #PressFreedom #JournalismIsNotACrime #4PMNews
“CJP प्रदर्शन में एक पिता पर हमला किया, सिर फटा, 60 टाँके आए”
एक Podcast में हँसकर अपना जुर्म कबूल रहा ये अपराधी खुला कैसे घूम रहा है @DelhiPolice
और कह रहा है कपिल मिश्रा ने बचा लिया
https://t.co/ahq9CbghWE
ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।