"5 सेकंड... 6 बेल्ट... एक झलकता सिस्टम का सच!
यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि उबलते असंतोष की चरम परिणति है। एक शिक्षक द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी की इस तरह पिटाई सिर्फ हिंसा नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति जमा हुई बेबसी और गुस्से का विस्फोट है।
गलती किसकी?
· शिक्षिका की, जो बिना काम किए वेतन खा रही थी।
· BSA की, जो अनियमितता दूर करने के बजाय 'अटेंडेंस लगाने' का दबाव बना रहा था।
· पूरी व्यवस्था की, जहाँ एक शिक्षक को इंसाफ के लिए बेल्ट उठानी पड़ी।
निलंबन नहीं, सिस्टम की सफाई जरूरी है। जब तक ऊपर से नीचे तक जवाबदेही नहीं होगी, तब तक बेल्टें चलती रहेंगी... चाहे वो अधिकारी की हो या शिक्षक की।
असली मुद्दा शिक्षा की गुणवत्ता और मासूम बच्चों का भविष्य है, जो इस पूरी लड़ाई में सबसे ज्यादा पीड़ित है।"
सावधान रहें ⚠️
आपके नाम से कोई और सिम एक्टिव नहीं है?
आज ही चेक करें।
इस ख़ास जानकारी के साथ ख़ास लोगों को फ़ॉलो करें 👇
@iamnaaz_
@SHAIKH_FARAZ_@Naziya786_