इतने आदेशों के बावजूद भी बिल्डर अपना मनमाना रवैया अपनाय हुए हैं वह किसी आदेश को मानने को तैयार नहीं है। विभाग @noidapolice@DCPGreaterNoida@OfficialGNIDA एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।
After April elections, Anurag Khare-led AOA was legally registered. Yet, the builder refused to hand over maintenance, forcing the AOA to approach court and @OfficialGNIDA
Read - https://t.co/eimsRyphvC
@dmgbnagar जिलाधिकारी महोदय,
सादर अवगत कराना है कि दिनांक 15 मई को आपकी अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्धारित स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुल 95 में से केवल 5 बिल्डर ही उपस्थित हुए — न तो संबंधित संस्थाएं आईं और न ही गंभीर शिकायतों पर कोई ठोस उत्तर मिला। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि देविका गोल्ड होम्स जैसे गंभीर धोखाधड़ी से ग्रस्त प्रोजेक्ट का प्रतिनिधित्व एक अन्य आरोपी बिल्डर द्वारा किया गया।
✍️
मैं स्वयं इस बैठक में क्षेत्रीय जनता की पीड़ा को लेकर पूर्व सांसद प्रत्याशी के रूप में उपस्थित था। जिसमें मैंने देविका ओर हिमालय प्राईड सोसाइटी पर विचार रखे।
✍️
आपके द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के उपरांत भी दिनांक 26/06/2025 ADM महोदय का यह कथन कि "FIR " दर्ज करने का अधिकार @OfficialGNIDA सीईओ रवि जी के पास है, यह न केवल प्रशासनिक निष्क्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत करता है कि कुछ बिल्डर्स को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिससे अधिकारी संवैधानिक कर्तव्यों से विमुख हो चुके हैं।
✍️
न्यायिक व्यवस्था की विफलता का यह आलम है कि आम नागरिक को हर बार उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है — यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
✍️
आपसे आग्रह है कि आप इस मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही एवं दोषियों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
#राम_राज्य 🪔 #आपकानरेश
@ANI@NBTDilli@aajtak@grok@CMOfficeUP@myogiadityanath@PMOIndia@narendramodi@narendramodi_in@AmitShah@rajnathsingh @ChiefSecy_UP
@MP_MyGov@mygovindia@Bulletnewsindia
महामहिम @anandibenpatel राज्यपाल महोदया, अभिभावकों को स्कूलों की मनमानी लूट से छुटकारा दिलाने के लिए अब आपका ही सहारा शेष बचा है। कृप्या @dharamvirdios को तत्काल निलंबित करते हुए DIOS के खिलाफ @IncomeTaxIndia, @CBIHeadquarters और @dir_ed की जांच कराने की कृपा करें।
दरअसल, @dmgbnagar ने जांच कमिटी बनाई और जांच करने का अधिकार DIOS को दिया। परन्तु DIOS स्कूलों की जांच करने ऑफिस से कभी निकले ही नहीं। अभिभावक लगातार शिकायत कर रहे लेकिन DIOS रोजाना अख़बारों में शिकायत ना होने का बयान दे रहे।
आप स्थिति का इसी बात से अंदाजा लगाएं कि जिले के कई जनप्रतिनिधियों द्वारा जिलाधिकारी से स्कूलों के मनमानी लूट के खिलाफ कार्रवाई करने का गुहार लगाना पड़ रहा। आखिर DIOS स्कूलों के आगे नतमस्तक क्यों हैं? कृप्या इन्हे बर्खास्त करें और इनके खिलाफ उचित जांच कराएं। @CMOfficeUP@UPGovt@myogiadityanath@myogioffice
.@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@gulabdeviup@thisissanjubjp@DhirendraGBN FYI & NA pls....
@dmgbnagar सर, कृप्या कानपुर के अख़बारों के ख़बरों का संज्ञान लें जहाँ @DMKanpur के अगुवाई में DIOS/ADIOS स्कूलों की मनमानी लूट पर अंकुश लगाने के लिए स्कूलों के दुकानों पर छापेमारी कर रहे। परन्तु गौतमबुद्ध नगर में DIOS-GBN @dharamvirdios ऑफिस में शांत बैठे हैं। आखिर क्या वजह है कि अभिभावकों की शिकायतों पर स्कूलों पर कार्यवाई नहीं हो रही? क्या DIOS-GBN अपना रिटायरमेंट फण्ड तैयार कर रहे हैं?
.@dmgbnagar ने @AmarUjalaNews को बताया 2025 में DFRC की मीटिंग नहीं हुई अभी तक। DFRC की अनुमति के बिना स्कूल फीस नहीं बढ़ा सकते। लेकिन DM-GBN की अनुमति बिना सभी स्कूलों ने फीस बढ़ा दिया है। क्या @dharamvirdios@Bsagbn1 को जानकारी नहीं या अपने फायदे के लिए सोए रहते हैं? @UPGovt
.@SCJudgments@scobserver@LiveLawIndia@Mihirlawyer@MoHUA_India@mlkhattar@PMOIndia@OfficeofARM@narendramodi@rashtrapatibhvn
कोर्ट रिसीवर ऑफिस में आम्रपाली घर खरीदारों का पज़ेशन से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया को समझें:
1) सबसे पहले आपको अपने कार्यालय या अपने काम- काज से 2 से 3 महीने की छुट्टी लेनी होगी।
2) उसके बाद अपने फ्लैट से संबंधित सारे काग़ज़ात को इकट्ठा करें।
3) अगर इसमें कुछ भी खो गया है तो पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
4) सभी डॉक्यूमेंट को स्कैन कर रिसीवर ऑफ़िस को मेल करें, अगर कोई भी डॉक्यूमेंट रह गया तो उस डॉक्यूमेंट के साथ, दुबारा सभी डॉक्यूमेंट के साथ मेल करें।
5) सबकुछ सही रहने पर आपको ऑनलाइन प्रोविजनल NOC मिल जाएगा। लेकिन बात यहाँ ख़त्म नहीं हुई, अब इसके बाद ही असली परेशानी की शुरुआत होती है। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के कुछ महीने बाद, दुबारा से फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके लिए आगे की प्रक्रिया को समझें।
6) फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आपको बीबीए/अलॉटमेंट लेटर/पेमेंट रिसिप्ट/बैंक स्टेटमेंट का प्रिंट लेना होगा। अगर आपका पेमेंट बैंक से 10-15 साल पहले गया है, तो बैंक को एप्लीकेशन दीजिए और अगर अकाउंट बंद है या फिर किसी कारण स्टेटमेंट नहीं मिल पा रहा है तो ये आपकी गलती बताई जाएगी और आपको पुनः पेमेंट करने के लिए बोला जाएगा। ये अलग बात है कि आपकी पूरी payment डिटेल उनके पास है क्यूंकि उनके पास फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है, वो उससे भी वेरीफाई कर सकते है, लेकिन वो ऐसा करेंगे नहीं! क्यूंकि वहाँ मौजूद शख्स को आपको परेशान देखने में बहुत मजा आता है।
7) डॉक्यूमेंट पूरे करने के बाद, आप सुबह 10 बजे सेक्टर 62 ऑफिस पहुंचे, साथ में लंच बॉक्स, इवनिंग स्नैक्स और BP/Sugar/Headache की दवाई जरूर रख लें।
8) ऑफिस के गार्ड से लेकर वहाँ बैठे सभी स्टाफ के सामने, आँखें नीचे रख कर बात करें नहीं तो आपको सुप्रीम कोर्ट में देख लेने या फ्लैट कैंसिल कर देने की धमकी मिलेगी।
9) सुबह 11:30-12:30 बजे इनके वेरिफिकेशन वाले स्टाफ से मुलाकात होगी। आपका नंबर आने पर आप अपना सारा डॉक्यूमेंट उनके सामने रखें। उनके द्वारा जो भी बोला जाएगा उसे सिर्फ सुनें और बिल्कुल सवाल ना करें।
10) ऑनलाइन NOC और पूरी तैयारी होने के बाद भी आपको कम से कम 10 बार बुलाया जाएगा और याद रखें इस दौरान अपने BP को नियंत्रित रखें क्यूंकि वहाँ सिर्फ आपको सुनने का अधिकार है, बोलने का नहीं।
11) आख़िरी में जब वेरिफिकेशन क्लीयर्ड होगा तो NOC और पज़ेशन के लिए 1 महीने से लेकर 6 महीने तक इंतज़ार करें। इसके लिए आपको लगातार 10-12 बार ऑफिस जा कर फॉलो-अप लेना होगा।
ये तो हो गया वेरिफिकेशन, का अब समझिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया:
12) रजिस्ट्री के लिए दुबारा से ऊपर बताए गए तरीके से अपना डॉक्यूमेंट तैयार करें।
13) उसे AOA को सौंपें, AOA उसे वेरीफाई करने के बाद सेक्टर-62 ऑफिस में बैठे एक अति-विशिष्ठ व्यक्ति को सोपेगा, जिसे लोगों को परेशान देख कर बहुत ही आनंद आता है। उस ऑफिस में इस व्यक्ति की ये ताक़त है की, वो किसी को भी कुछ नहीं समझता, चाहे वो CR हो या सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ही क्यों ना हो!
14) उस व्यक्ति के मूड पर डिपेंड करता है की वो आपका नाम रजिस्ट्री के लिए लिस्ट में डलेगा या नहीं।
15) अगर उसका मूड बढ़िया है और आपने उसकी बात नहीं टाला और कोई जवाब नहीं दिया, उसने जो बोला आपने किया। साथ ही उसे कुछ देर के लिए भगवान माना और बताया की आप भगवान है, आप नहीं रहते तो घर नहीं मिलता। ये सब सुनने के बाद, आपकी किस्मत अच्छी होगी तो 2-3 महीने में आपका नाम रजिस्ट्री के लिए आ जाएगा।
हाँ ये जरूर याद रखें, उस महान हस्ती से बातचीत के दौरान यदि आपका कोई कॉल आ गया या आपको वॉशरूम जाना हो या थोड़ा इंतजार के बाद दोबारा बुलाया गया हो तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपको फिर पूछा जाएगा कि: तुम कौन हो, इधर कैसे आ गया, क्या काम है और वापस से आपको सारा प्रोसेस जो कि आपने शुरू से उनके सामने रखा था, उसका गुणगान, सब कुछ दुबारा करना पड़ेगा।
यह हालत, उस व्यक्ति के कारण सेक्टर 62 ऑफिस की हो गई है। उस व्यक्ति की शिकायत सैकड़ो बार कोर्ट रिसीवर के सामने की गई है, परंतु पता नहीं ऐसी कौन सी बातें हैं जो कोर्ट रिसीवर को उस पर कार्रवाई करने से रोकता है।
बिल्डर निवासियों को अपने गुलाम, पैसा वसूलने की मशीन समझते हैं। सुविधा,सर्विस मांगने पर हर सोसाइटी में यही किया जा रहा है। जबकि कोर्ट के ऑर्डर्स हैं कि आप किसी भी फ्लैट के बिजली पानी और लिफ्ट की सर्विस बंद नहीं कर सकते। देविका गोल्ड होम्स में भी यही हो रहा है। @OfficialGNIDA
यही हाल @OfficialGNIDA का भी है। @npclgrnoida से भी बिल्डर सिंगल पॉइंट के थ्रू कम लोड परचेज करता है और फ्लैट ओनर्स में अधिक लोड डिस्ट्रीब्यूशन करता है और हर महीने बिल्डरों की मोटी कमाई हो रही है। इसी के चलते मल्टी पॉइंट कनेक्शन लगाने में कोई इंटरेस्ट नहीं है
योगी जी पिछले 8 साल से मुख्यमंत्री हैं, पर नोएडा के 20,000फ़्लैटों की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं।
कारण है @noida_authority का #भ्रष्टाचार।पिछले 10 साल से बिल्डर भ्रष्ट अधिकारियों एस की मिलीभगत से बिना रजिस्ट्री वाले फ्लैटों की ख़रीद बिक्री में ट्रांसफर से हर महीने करोड़ों कमा रहें हैं।यदि फ्लैट की रजिस्ट्री हो गई तो ट्रांसफर चार्ज अथॉरिटी के पास जाने लगेगा। ऐसे में बिल्डर क्यों चाहेगा कि फ्लैट की रजिस्ट्री हो?
@myogiadityanath इन भ्रष्ट अधिकारियों व बिल्डर के बीच के इस गठजोड़ को तोड़ नहीं पा रहे हैं।
पिछले 10 सालों में बिल्डर अब तक अथॉरिटी को ट्रांसफर चार्ज के नाम पर हजारों करोड़ का चूना लग चुका है।
#HauslaHaiTohHojayega #DelhiElection2025 #Noida @CeoNoida@IasAlok@NandiGuptaBJP@myogioffice@PankajSinghBJP@dr_maheshsharma@DrMohanBhagwat@rajnathsingh@JPNadda@AmitShah
माननीय विधायक श्री @DhirendraGBN जी,आपने आज @UPVidhansabha में अमिताभ कांत कमेटी की अनुशंसा के बाद भी अनुशंसित सभी सिफारिश को लागू नहीं किए जाने के घर खरीदार के मुद्दे को मा. मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी @BJP4UP सरकार के समक्ष रखा, जिससे हमें फिर से उम्मीद जगी है कि जो लंबित रजिस्ट्री है उस पर शीघ्रता से कार्य होगा।
इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद लोगों की रजिस्ट्री शुरू तो हुई थी परंतु अभी भी काफी रजिस्ट्री रुकी हुई है।
आपने पहले भी इस गंभीर समस्या को उठाया था तथा पुन: इसे सरकार के समक्ष रख रहे हैं जिसके लिए हम सब आपका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं एवं आपने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि आप हम घर खरीदारों के समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं तथा उनके दर्द को समझते हैं।
हमें पूर्ण विश्वास है कि जितने भी लोगों की रजिस्ट्री लंबित है वह जल्द-से-जल्द इस सरकार के द्वारा पूरी करवा ली जाएगी।
सैंकड़ों लोग बीमार हैं..कोई कार्रवाई होगी या फिर इस बार भी भूला दिया जाएगा? ये पहली बार नहीं है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गंदे पानी की सप्लाई लोगों के घरों तक हुई है। ये पहली बार नहीं है कि सैंकड़ों लोग बीमार हुए हैं। ये पहली बार नहीं कि इतनी बड़ी घटना पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।।क्या आम लोगों की ज़िंदगी की कोई क़ीमत नहीं है? क्यों ग़ैर-ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी?
पहले ग्राम प्रधान के जिस तरह चुनाव होते थे। उससे भी बड़ा विकराल रूप लेता जा रहा है। Aoa , सोसाइटियों की टीम एक दूसरे को नीचा दिखाने और अपने को श्रेष्ठ साबित करने के लिए किसी भी हद तक जाती हैं।
अब सोसाइटी AOA का चुनाव भी MLA से कम नहीं समझ रहे सोसायटी AOA पदाधिकारी AOA को पैसा कमाने का जरिया बना लिया है आज गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक GH 7 सोसाइटी में जमकर मारपीट हुई कृपया समाजसेवा के तौर पर AOA में आए @ghaziabadpolice@Uppolice@gdagzb
सुप्रीम कोर्ट की ग्रेनो अथाॅरिटी को फटकार। मई 2023 मेें अर्थ इंफा्र को आवंटित हुई भूमि पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जानकारी के साथ एफिडेविट मांगा। प्राधिकरण ने नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए 5 लाख का फाइन लगाया। 10 दिन में एफिडेविट नहीं देने पर सीबीआइ जांच के होंगे आदेश।
अनदेखी के शिकार होम बायर्स
शहर की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में बिना ओसी-सीसी के दे दिया पजेशन, अब कही लिफ्ट नहीं, तो कही पानी का नहीं है कनेक्शन। शिकायतों के बाद भी नहीं हो सुनवाई, बिल्डर कर रहा पैसे की डिमांड।
@NBTDilli@myogiadityanath