शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी आंदोलन से जुड़े छात्रों के परिवारों तक पुलिस की पूछताछ जारी है। अब JNUSU संयुक्त सचिव दानिश अली के गांव पहुंची पुलिस। सवाल वही—क्या यह सामान्य जांच है या चुनिंदा छात्रों पर कार्रवाई? 🤔
“जल्दी आ जाओ साहब, यहां पर जल्दी आ जाओ”…
बेचारा @Uppolice का सिपाही अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा है…
पुलिस का इकबाल कांवड़ियों द्वारा तार तार होते देखिए इस वीडियो में
चलती ट्रेन में इंसानियत पिटती रही।
वीडियो में 4–5 युवक एक लड़के को घेरकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। उसके साथ मौजूद लड़की चीखती रही, रोती रही, हाथ जोड़कर उसे बचाने की कोशिश करती रही।
सबसे शर्मनाक बात यह रही कि इंसानियत दिखाने के बजाय कई लोग तमाशबीन बने रहे और सिर्फ़ वीडियो बनाते रहे।
मारपीट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ़ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
किसी की बेबसी को तमाशा बना देना भी समाज की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत है।
Error 404
Alt News की इस रिपोर्ट को ध्यान से देखें. पत्रकारिता की कक्षा के लिए अहम केस स्टडी है. 20 जुलाई की 404 पोस्टों में से छात्रों का पक्ष @smitaprakash के ANI ने शून्य पोस्ट्स में दिखाया.
Tomorrow is a funeral of 112 Palestinians killed by israel in one massacre,
308 were killed in this massacre, only 112 were pulled from the rubble.
This is Gaza.