@BankerDihaadi मेरी पिछली ब्रांच में किसी कस्टमर की मजाल नहीं थी कि बतममीजी करके निकल जाए। यहां हालात इस स्तर तक गयी कि मुझे ही गेट बन्द करवा के पुलिस को फ़ोन करना पड़ा। तब कस्टमर ठंडा हुआ।
ऐसे स्टाफ को गरियाने का मन करता है।
@BankerDihaadi छंटे हुए हरामजादों के साथ भी काम करने का अनुभव है। लेकिन मौजूदा स्थिति से दुःख होता है। यदि कस्टमर गलत है तो कहने की हिम्मत तो रखो कम से कम। 3
@BankerDihaadi एक बत्तमीज कस्टमर आया, दूसरे की चेक लेके, कैश काउंटर पे। sign पूर्णतः अलग थे। मैंने मना किया बोला कि sign दिखाओ। मैने कहा कि कस्टमर को भेजो, बोला कि तुम दिखाओगे या इसको दूसरे से चेक करवाओ। काउंटर पे लड़ता रहा फिर भी किसी ने नहीं बोला। हद तो तब हो गयी जब बोला "मैने���र की माँ की &"1