द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, युवा महिला, उन दो महिलाओं में से एक, जिन्हें मणिपुर में नग्न घुमाया गया और यौन उत्पीड़न किया गया, ने कहा: “पुलिस उस भीड़ के साथ थी जो हमारे गांव पर हमला कर रही थी। पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और गांव से थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के साथ सड़क पर छोड़ दिया। हमें पुलिस ने उन्हें सौंप दिया था।" पीड़िता के इस वक्तव्य से साफ होता है की पुलिस और सरकार की मिलीभगत से मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। अत: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। @JPNadda@narendramodi@AmitShah@NBirenSingh
ह्रदय पीड़ा से भरने से कुछ नहीं होगा नरेंद्र मोदी जी..आपका ह्रदय क्रोध से भरा होता तो..कल से आज तक मणिपुर के मुख्यमंत्री का इस्तीफा आप ले चुके होते...इतनी बड़ी घटना पर आपको बीरेन सिंह से इस्तीफा छीन लेना चाहिए था..लेकिन आप अपील कर रहे हैं...आप दुनिया में डंका बजा आते हैं..दुनिया आपके पैर छू लेती है..लेकिन मणिपुर का मुख्यमंत्री आपकी दुनिया से बाहर है..आप फोन करके दो देशों का युद्ध रोक देते हैं..लेकिन अपने मुख्यमंत्री को फोन करके ना तो इस्तीफा ले पा रहे हैं..ना ही दो जातियों की लड़ाई नहीं रुकवा पा रहे हैं..आज आप मणिपुर पर क्यों बोले हैं..मॉनसून सत्र से पहले देश आपकी मजबूरी समझता है..नई संसद की शुरुआत ही आपके राज में हुई इतिहास की सबसे बर्बर..सबसे क्रूर..स्त्री की योनि में हाथ डालती हुई..घटना से हो रही है..इतिहास में ये लिखा जाएगा कि एक बार बेटी बचाओ वाले आए थे..और उन्होंने ऐसी बेटी बचाई थी कि बेटियों के योनि और स्तन तक नोच लिए गए थे..
#Manipur_Violence #SupremeCourtOfIndia
તથ્યના વકીલે એલાન કરી દીધું છે કે છોકરો નિર્દોષ હતો, બાપનું પણ કહેવું છે કે પોલીસની ભૂલ છે બેરિકેડ કેમ ના લગાવ્યા!
મરનારના પરિવારોએ માની લેવું કે એની જાતે જ પવન આવ્યો અને ૩૦ ફૂટ ફંગોળાઈને લોકો પડ્યા જમીન પર!
દેશની મા તમારા નબીરાઓની ગાડીઓ નીચે કચડાવા નથી પેદા કરતી સંતાનો!