बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में फूड पॉइजनिंग से एक युवती की दर्दनाक मौत‼️
काफी समय से महिला और पुरुष छात्रावास के छात्र-छात्राएं लगातार आवाज उठा रहे थे कि मेस के खाने में कीड़े मिल रहे हैं, खाने से बदबू आ रही है और उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है।
छात्रों ने कई बार BBAU के VC और DSW से शिकायत की, सवाल पूछे, लेकिन अफसोस—इन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने कभी इन मासूम छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं लिया।
आज उसी लापरवाही का नतीजा है कि यूनिवर्सिटी की एक प्रथम वर्ष की छात्रा को अपनी जान गंवानी पड़ी।
घटना के बाद सभी हॉस्टल के छात्र-छात्राएं VC आवास पर पहुंचे और न्याय की मांग की।
लेकिन अब तक प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई या स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
सवाल ये है—क्या छात्रों की जान की कोई कीमत नहीं है?
क्या आवाज उठाने के बाद भी अगर सुनवाई नहीं होगी, तो जिम्मेदार कौन होगा?
👉 इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगे किसी और छात्र को अपनी जान न गंवानी पड़े।
#justice_for_anamika
''बेटी बचाओ'' का नारा देने वालों ने बेटियों को बदहाल हॉस्टलों के दूषित खाने के भरोसे छोड़ दिया है!
BBAU में छात्रा अनामिका सिंह की मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। जब छात्राएं बुनियादी सुविधाओं और शुद्ध खाने के लिए अपनी जान गंवा रही हैं, तब सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेर कर सो रहे हैं।
क्या यही है भाजपा का 'सुशासन', जहाँ छात्र न्याय के लिए सड़कों पर हैं और सत्ताधीश बंगलों में कैद?
लखनऊ स्थित BBAU (केंद्रीय विश्वविद्यालय) में एक दलित शोधार्थी पर लगाए गए मनगढ़ंत एवं फर्जी अनुशासनहीनता के आरोपों और उसके आधार पर किए गए अन्यायपूर्ण निष्कासन के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को आज 6 दिन हो गये।
इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन और संघी मानसिकता से संचालित Vice Chancellor महोदय की चुप्पी चिंता का विषय है। ऐसी चुप्पी न केवल अनैतिक है, बल्कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
यह संघर्ष केवल एक छात्र का नहीं है, बल्कि— अस्मिता की रक्षा, सम्मान की पुनर्स्थापना, संविधानिक मूल्यों की सुरक्षा और BBAU (केंद्रीय विश्वविद्यालय) की लोकतांत्रिक आत्मा को बचाने का संघर्ष है।
हम स्पष्ट करते हैं: “दलित शोधार्थी पर अत्याचार — अब देश नहीं करेगा बर्दाश्त।”
@BbauSocialmedia से हमारी प्रमुख मांगें:
1. बसंत कनौजिया का निष्कासन तत्काल रद्द किया जाए।
2. बसंत जी का निष्कासन तुरंत वापस लिया जाए।
3. विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे।
लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में बुधवार को धार्मिक आयोजन को लेकर शुरू हुए विवाद का हिंसक टकराव में बदलने की घटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और पूरे मामले को एक सोची-समझी साज़िश की ओर संकेत करती है।
पीड़ित छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में उच्च पदाधिकारियों के इशारे पर बाहरी गुंडों को बुलाकर छात्रों पर हमला कराया गया।
अंबेडकर भवन के सामने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला हुआ, जिसमें दर्जनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल छात्रों को प्रशासन ने न तो चिकित्सा सुविधा दिलवाई और न ही किसी स्तर पर मदद की।
अब तक किसी बाहरी गुंडे या दोषी अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
छात्र संगठनों ने मांग की है कि—
1. घायल छात्रों के इलाज की तुरंत समुचित व्यवस्था कराई जाए और इसका पूरा खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन वहन करे।
2. इस पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो।
3. दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
हम छात्रों की इन सभी मांगों का समर्थन करते हैं और सरकार @UPGovt से मांग करते है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करे।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@BbauSocialmedia
हरदोई जिले के ग्राम सभा गोंडाघार के ग्राम धिरजाखेड़ा, थाना बघौली की जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर निर्माण किया जा रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर बने कुएँ और रास्ते पर अवरोध खड़ा किया जा रहा है। कृपया तत्काल संज्ञान लेकर अवैध निर्माण रुकवाया जाए।
हरदोई जिले के ग्राम सभा- गोंडाघार के ग्राम धिरजाखेड़ा, थाना बघौली की जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर निर्माण किया जा रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर बने कुएँ और रास्ते पर अवरोध खड़ा किया जा रहा है।तत्काल संज्ञान लेकर अवैध निर्माण रुकवाया जाए।
@hardoipolice@dgpup@Uppolice@Igrangelucknow
हरदोई जिले के ग्राम सभा गोंडाघार के ग्राम धिरजाखेड़ा, थाना बघौली की जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर निर्माण किया जा रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर बने कुएँ और रास्ते पर अवरोध खड़ा किया जा रहा है। कृपया तत्काल संज्ञान लेकर अवैध निर्माण रुकवाया जाए।
आज फिर बीबीएयू लखनऊ के होनहार और क्रांतिकारी छात्र-छात्राओं ने कोलकाता में हुआ महिला डॉक्टर का रेप हत्या के लिए फिर से बीबीएयू लखनऊ के सभी छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला है।। आप सभी छात्रों का बहुत-बहुत धन्यवाद ।।
@Himanshu572006@iajeeet@Dhananj77517018
जय भीम साथियों
BBAU के अंदर दलित छात्रों का दमन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, अम्बेडकर जयंती से शुरू हुवे चार छात्रों केनिलंबन के बाद, आज फिर एक साथी अखिलेश कुमार (इतिहास विभाग ) को बिना कारण बताये एक सेमेस्टर के लिए निलंबित कर कर दिया गया है जिसके खिलाफ छात्र धरने पर है।
लखनऊ की प्रतिष्ठित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में दलित, पिछले छात्र अपनी बात कहने कुलपति के पास जाना चाहते हैं. जबकि उनके अपने कैंपस के भीतर उनके साथ बेतहाशा मारपीट की गई. उल्टा उन्हीं के ऊपर मुक़दमे दर्ज़ कर दिये गये. उसके बाद से वे लगातार न्याय के लिए आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि बाबा साहब जयंती को लेकर हमें परेशान किया गया, जबकि RSS वाले संगठन को कैंपस के भीतर डीजे लगाकर कार्यक्रम करने दिया जाता है. ये भेदभाव क्यों? इन विद्यार्थियों के साथ न्याय हो. तत्काल इन विद्यार्थियों की माँग सुनी जाए और FIR वापस ली जाए.
BBAU में अंबेडकर जयंती मना रहे छात्रों के साथ BBAU प्रशासन छात्रों के साथ मारपीट करता है फिर उन्ही छात्रों के ऊपर FIR करा देता है पीडित छात्रों द्वारा पुलिस को दी गई FIR दर्ज नहीं की गयी,DGPUP से अनुरोध है कि FIR दर्ज करें
@dgpup@Uppolice#STANDWITHBBAU#STANDWITHDALITSTUDENTS
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में दलित छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ 4 दिन पहले ही SC/ST atrocity act के तहत एफआईआर करवाने हेतु एप्लीकेशन देने के बावजूद आशियाना थाना के पुलिस अधिकारियों के द्वारा FIR दर्ज नहीं किया जा रही है।
@dgpup@AdminLKO संज्ञान ले।
BBAU लखनऊ में आज धरने का 6वा दिन है। दलित छात्रों का संघर्ष जारी है। छात्रों को प्रशासन से जो एक उम्मीद थी कि उन्हें प्रशासन से न्याय मिलेगा लेकिन प्रशासन ने उनकी किसी भी मांग को न मानते हुए छात्रों को भूखडताल के लिए मजबूर कर दिया।
#STANDWITHBBAU#STANDWITHDALITSTUDENTS@dgpup
BBAU लखनऊ में आज धरने का 6वा दिन है। दलित छात्रों का संघर्ष जारी है। छात्रों को प्रशासन से जो एक उम्मीद थी कि उन्हें प्रशासन से न्याय मिलेगा लेकिन प्रशासन ने उनकी किसी भी मांग को न मानते हुए छात्रों को भूखडताल के लिए मजबूर कर दिया।
#STANDWITHBBAU#STANDWITHDALITSTUDENTS@dgpup
दलित छात्रों को Bbau विश्वविद्यालय में ठाकुर कुलपति व ठाकुर कुलपति होने के कारण ठाकुर सिक्योरिटी इंचार्ज द्वारा पहले छात्रों को पटक पटक कर मरवाया और फिर उन छात्रों के ऊपर F.I.R.कर दिए
आप सभी इंडिया गठबंधन के साथियों से अनुरोध है
@kharge@RJDforIndia@ANI
https://t.co/49oDV7aHjx