Head of Institution (Principal) of M Y Usmani Inter College Utraula Balrampur UP 271604
संरक्षक, उत्तर प्रदेश माध्यमिक प्रधानाचार्य परिषद, जनपद बलरामपुर
GROK IMAGINE PROMPT SHARE :
"a huge diamond-like lion, made of crystal, is roaring on the white beach, and next to it stands an elegant woman wearing a long dress, shimmering in the sunlight and sparkling like diamonds. the background features a clear blue sky and sea water, creating a dreamy scene."
योग से जीवन, संतुलन और स्फूर्ति!
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आइए जानिए ताड़ासन और वृक्षासन के फ़ायदे -
शरीर को दें स्थिरता, रीढ़ को मजबूती और मन को शांति।
#Tadasana#Vrikshasana#InternationalYogaDay
मोहम्मद यूसुफ उस्मानी इंटर कालेज उतरौला में मतदाता जागरुकता कार्यक्रम #Sveep अंतर्गत *सीटी बजाओ* अभियान का शुभारंभ किया। स्कूली छात्र छात्राएं और एनसीसी कैडेट्स घर घर जाकर मतदाताओेंं को करेंगे जागरूक।
@ECISVEEP@ECISVEEP@SpokespersonECI@sveep#Sveep
मोहम्मद यूसुफ उस्मानी इंटर कालेज उतरौला में मतदाता जागरुकता कार्यक्रम #Sveep अंतर्गत मतदाता जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
@ECISVEEP@SpokespersonECI@ceoup
बलरामपुर में मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर लगातार नवाचार एवं अभिनव प्रयास किया जा रहे हैं। इस महाअभियान को रफ्तार देने के लिए स्वयं सहायता समूह की 5000 महिलाएं तैयार हैं।
@ceoup@ECISVEEP@SpokespersonECI#DeshKaGarv
@sveep_balrampur@ECISVEEP @BalrampurDm
@SdmUtraula
तहसील स्तरीय स्वीप कार्यक्रम
मतदाता जागरूकता रैली 2024
भव्य आयोजन, विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा जनमानस में मतदान के प्रति जागरूकता पैदा की गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक बलरामपुर और उपजिलाधिकारी उतरौला द्वारा संबोधन।
#sveep2024#बलरामपुर#ECISVEEP
आज दिनांक 18 अप्रैल 2024 को तहसील स्तरीय मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व उपजिलाधिकारी उतरौला तथा जिला विद्यालय निरीक्षक बलरामपुर द्वारा किया गया।
एक आदमी एक मुर्गा खरीद कर लाया। एक दिन वह मुर्गे को मारना चाहता था, इसलिए उस ने मुर्गे को मारने का बहाना सोचा और मुर्गे से कहा, "तुम कल से बाँग नहीं दोगे, नहीं तो मै तुम्हें मार डालूँगा।"
मुर्गे ने कहा, "ठीक है, सर, जो भी आप चाहते हैं, वैसा ही होगा !"
सुबह , जैसे ही मुर्गे के बाँग का समय हुआ, मालिक ने देखा कि मुर्गा बाँग नहीं दे रहा है, लेकिन हमेशा की तरह, अपने पंख फड़फड़ा रहा है।
मालिक ने अगला आदेश जारी किया कि कल से तुम अपने पंख भी नहीं फड़फड़ाओगे, नहीं तो मैं वध कर दूँगा।
अगली सुबह, बाँग के समय, मुर्गे ने आज्ञा का पालन करते हुए अपने पंख नहीं फड़फड़ाए, लेकिन आदत से, मजबूर था, अपनी गर्दन को लंबा किया और उसे उठाया।
मालिक ने परेशान होकर अगला आदेश जारी कर दिया कि कल से गर्दन भी नहीं हिलनी चाहिए। अगले दिन मुर्गा चुपचाप मुर्गी बनकर सहमा रहा और कुछ नहीं किया।
मालिक ने सोचा ये तो बात नहीं बनी, इस बार मालिक ने भी कुछ ऐसा सोचा जो वास्तव में मुर्गे के लिए नामुमकिन था।
मालिक ने कहा कि कल से तुम्हें अंडे देने होंगे नहीं तो मै तेरा वध कर दूँगा।
अब मुर्गे को अपनी मौत साफ दिखाई देने लगी और वह बहुत रोया।
मालिक ने पूछा, "क्या बात है?"
मौत के डर से रो रहे हो?
मुर्गे का जवाब बहुत सुंदर और सार्थक था।
मुर्गा कहने लगा:
"नहीं, मै इसलिए रो रहा हूँ कि, अंडे न देने पर मरने से बेहतर है बाँग देकर मरता...
बाँग मेरी पहचान और अस्मिता थी ,
मैंने सब कुछ त्याग दिया और तुम्हारी हर बात मानी , लेकिन जिसका इरादा ही मारने का हो तो उसके आगे समर्पण नहीं संघर्ष करने से ही जान बचाई जा सकती है, जो मैं नहीं कर सका..."
अपने अस्तित्व, अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए...!!
मैं यहां मुर्गे की बात नही कर रही हूँ...!!
विचार अवश्य करियेगा....!!
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इंग्लैंड की हुकूमत भले इजरायल के साथ है, लेकिन वहां की जनता फिलीस्तीन के साथ खड़ी है। लंदन का यह दृश्य साबित करता है कि इंसाफ पसंद नागरिकों के लिए मुल्क और धर्म से बड़ा इंसानियत के पक्ष में खड़ा होना होता है। #StandWithPalastine