@bstvlive सब कोरोना वैक्सीन का कमाल है। होमगार्ड भर्ती में इतनी लंबी दूरी की दौड़ का क्या मतलब है जब नौकरी अधिकारियों के बंगले और आफिसों में ही करना है। अधिकारियों के बंगले की सफाई,सब्जी लाना, बच्चों और कुत्ते घूमाना, इनकी पत्नियों के कपड़े सूखाना/ प्रेस कराने का काम होता है। @CMOfficeUP
>ब्रो का नाम रघुवीर मीणा है ,
>ब्रो पर आरोप है फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी लेते रहे,
>ब्रो सेवानिवृत्त के बाद वर्तमान में मध्यप्रदेश के गुना जिले में पंचायत सदस्य है ,
>ब्रो फर्जी OBC सर्टिफिकेट लगाकर शिक्षक बने ,
>ब्रो ने दुबारा से फर्जी ST सर्टिफिकेट लगाकर 1986 में DSP पद पर चयनित हुए ,
>ब्रो का 2001 में IPS पद पर प्रमोशन हुआ ,
>ब्रो के OBC फर्जी जाति प्रमाणपत्र 2024 में जबलपुर अनुविभागीय अधिकारी ने जारी किए,
>ब्रो का फर्जी ST सर्टिफिकेट विदिशा से 1984 में बना ,
>ब्रो पर पुलिस महानिरीक्षक विजिलेंस ने 2009 में शिकायत की बाद में 2016 के गठित समिति ने दोषी माना ,
>ब्रो पर SC, ST एक्ट अनुसार मामल दर्ज हुआ है ,
>ब्रो ये फर्जी सर्टिफिकेट वाला चमत्कार कहां से सीखे है?
@amityadavbharat ये महिलाएं हैं इनकी वज़ह से ही देश में अंधभक्ति और पाखंडवाद का बोल बाला है। ये मोदी जी की भक्त हैं इन्हें नहीं पता है कि सरकार को कमीशन जाता है।
सीवर टूटा पड़ा है… बाक़ी सब ठीक है
गड्ढा खुला पड़ा है… बाक़ी सब ठीक है
स्ट्रीट लाइट नहीं है… बाक़ी सब ठीक है
चेतावनी लिखी नहीं है… बाक़ी सब ठीक है
भ्रष्टाचार चरम पर है… बाक़ी सब ठीक है
सरकार जानलेवा है… बाक़ी सब ठीक है
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में एक साथ खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की।
मोती महल लुलु मॉल में कॉकरोच मिले और वेज-नॉनवेज खाना एक साथ मिलाकर रखा हुआ था।
Pizza Hut में एक ओवन में दोनों तरह का (वेज और नॉन वेज) खाना रखा हुआ था।
चंपारण मीट गोमती नगर में कच्चा-अधपका मांस एक साथ मिला और पकाने वाला तेल पुराना और बदबूदार मिला।
क्लब जलवा में बासी सेमी-कुक्ड खाना मिला।
मद्रास डोसा फन मॉल में कीड़े और खराब खाना मिला।
बिंदास बार में नाली की गंदगी और खुला कूड़ा मिला।
नोएडा एफ बार एंड लाउंज में चूहे-कीड़े और बेहद गंदी रसोई मिली।
Wendy Burger में प्रिजर्वेटिव वाला तैयार खाना ग्राहकों को बिना बताए खिलाया जा रहा था।
@yadavakhilesh सब जगह घोटाला हुआ है अंसल भी कम नहीं है। बंधक रखी ज़मीन को क्यों बेचा और खरीदने वालों ने इसे आंख बंद करके ख़रीद लिया विभाग ने रजिस्ट्री भी कर दिया।
बेंगलुरु में सेंट्रल GST के सुपरिंटेंडेंट मोहित प्रताप सिंह को लोकायुक्त ने कथित तौर पर ₹8 लाख की रिश्वत लेते ट्रैप किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, GST बकाया से जुड़े मामले में कथित शिकायत बंद करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
सच कहूं तो आज चौतरफा सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, देश की राष्ट्रनीति से भटकती राजनीति और लगातार बढ़ते जातीय संघर्ष के बाद हमारे समाज और व्यवस्था के सामने खड़े सबसे गंभीर खतरों में से एक बन चुका है।
भ्रष्टाचार केवल सरकारी खजाने को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि आम नागरिक के विश्वास, न्याय और व्यवस्था की नींव को भी कमजोर करता है। जब कानून लागू करने वाली व्यवस्था ही भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आने लगे, तो सवाल केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही का बन जाता है।
एक “दिया” शिवम के नाम।
यू पी में बेरोजगारी आलम ये है की “कंप्यूटर साइंस में बीटेक” शिवम यादव ने होमगार्ड की नौकरी के लिए दौड़ते-दौड़ते अपनी जान दे दी।
मेरठ और सीतापुर में भी दो जान जा चुकी है।
होमगार्ड को तो ड्यूटी तक नहीं मिलती फिर किस बात की ये ख़तरनाक दौड़?
बंद करो इसको।
@Sachingupta जज साहब का निर्णय बहुत ही अच्छा है क्योंकि ये राजनीति में आने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं उन्हें पता है कि एक करोड़ रुपया दान कर देने से उनको 100 करोड रुपए का फायदा हो जाएगा। PM केयर फंड में न देकर इस एक करोड़ रुपए से कई लोगों की मदद हो सकती है।
यूपी : गाजियाबाद में 2 दिन पहले हिंदू रक्षा दल कार्यकर्ता एक कैफे में पहुंचे। आरोप लगाया कि यहां अवैध हुक्काबार चल रहा है। नाबालिग हिंदू लड़कियां, मुस्लिम लड़कों संग आती हैं।
अब कैफ़े संचालिका हरलीन कौर ने अपना पक्ष रखा है। वह कह रही हैं कि कैफे पूरी तरह वैध है। दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, सौरभ दीक्षित, अमित पहलवान कैफे में आकर मुफ्त खाना खाते हैं। 50 हजार रुपए हर महीने मांगते हैं। हरलीन के पास ऑनलाइन पेमेंट, कॉल रिकॉर्डिंग के सबूत मौजूद हैं।
Turkiye के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन Dr. Ali Zırh द्वारा Parkinson’s के एक मरीज की,की गई डीप ब्रेन स्टिमुलेशन सर्जरी की दुनिया भर के चिकित्सा जगत में चर्चा है.
DBS को ब्रेन पेसमेकर' भी कहते हैं और यह सर्जरी न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक वरदान है.
DBS दुनिया की पहली सर्जरी नहीं है। इसका इस्तेमाल दुनिया भर में 1990 के दशक से हो रहा है लेकिन जब लोग पहली बार किसी मरीज को ऑपरेशन टेबल पर होश में रहते हुए, सर्जरी के तुरंत बाद अपनी कांपती उंगलियों और हाथों पर पूर्ण नियंत्रण पाते देखते हैं, तो यह किसी चमत्कार जैसा लगता है.
पार्किंसंस बीमारी में मरीज के हाथ-पैर इस हद तक कांपते हैं कि वह एक चम्मच पानी भी खुद नहीं पी सकता. लेकिन इस सर्जरी के दौरान जैसे ही डॉक्टर मस्तिष्क के सटीक बिंदु पर इलेक्ट्रोड रखकर हल्का इलेक्ट्रिकल करंट चालू करते हैं, मरीज के हाथों का कंपकंपाना और जकड़न कुछ ही सेकंड में रुक जाती है.
यह बदलाव इतना तुरंत और हैरान कर देने वाला होता है कि देखने वाले के लिए यह किसी जादू जैसा लगता है.
सर्जरी टेबल पर मरीज का जगा रहना और डॉक्टर के सवालों का जवाब देना, कभी-कभी गाना गाना, मोबाइल चलाना या सेल्फी वीडियो बनाना–लोगों के लिए बहुत अनूठा दृश्य होता है.
मस्तिष्क में दर्द के रिसेप्टर्स नहीं होते, इसलिए सिर का बाहरी हिस्सा सुन्न करने के बाद मरीज को दर्द का अहसास नहीं होता.
डॉक्टर मरीज की खोपड़ी में सूक्ष्म छेद करके मस्तिष्क के उस विशेष हिस्से जैसे Subthalamic Nucleus में बेहद पतले इलेक्ट्रोड डालते हैं, जो शरीर के कंपन, अकड़न और संतुलन को नियंत्रित करता है.
इन तारों को त्वचा के नीचे से लाते हुए छाती के ऊपरी हिस्से में लगे एक छोटे उपकरण न्यूरोस्टिमुलेटर या बैटरी से जोड़ दिया जाता है.
यह बैटरी मस्तिष्क के असामान्य या गड़बड़ सिग्नल देने वाले हिस्सों को लगातार हल्के इलेक्ट्रिकल पल्स भेजती है. इससे मस्तिष्क के वे सिग्नल रुक जाते हैं जो कपकंपी और जकड़न पैदा करते हैं.
डॉक्टर दिमाग की हर उस Cell की विद्युत तरंगों को एक लाउडस्पीकर के जरिए सुनते हैं जो बीमारी फैला रही है. मरीज जब उंगलियां हिलाता है या बोलता है, तो डॉक्टर Subthalamic Nucleus की पहचान 80 माइक्रोन से भी कम मार्जिन के साथ सटीक रूप से कर पाते हैं.
DBS सर्जरी पार्किंसंस को जड़ से तो खत्म नहीं करती, लेकिन यह बीमारी के लक्षणों को 10 से 15 साल पीछे जरूर धकेल देती है जो मरीज व्हीलचेयर या दूसरों की मदद पर निर्भर हो चुके होते हैं, वे दोबारा आत्मनिर्भर होकर अपनी सामान्य जिंदगी जीने लगते हैं.
दवाओं की भारी खुराक और उनके साइड-इफेक्ट्स पर निर्भरता काफी कम हो जाती है.
@dralizirh
#MedicalScience #DeepBrainStimulation #ParkinsonsAwareness #DrAliZırh #Neurology #HealthTech #BrainSurgery
जौनपुर के बरसठी बाजार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में टेलर की दुकान पर युवती से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में लिया है। जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी। @jaunpurpolice@wpl1090#JaunpurNews
तुम भगवान कृष्ण नहीं हो कि तुम्हारा जन्मदिन देशवासी मनायें।
जन्मदिन का विरोध करने, बाढ़ पीड़ितों की बात करने पर मोदी की पुलिस ने पटना में 12 साल के बच्चे को लाठियों से पीटा।
देश में घोर तानाशाही है और तानाशाह जोर जबर्दस्ती पर उतर आया है उसकी गुंडा पुलिस जनता पर अत्याचार कर रही है।
गोरे बच्चे की चाहत में नेपाली युवतियों की कोख का कथित सौदा बेहद चिंताजनक है।
प्रमुख समाचार पत्र @DainikBhaskar की रिपोर्ट के मुताबिक, दलाल नेपाली युवतियों को बिना शादी बच्चे पैदा करने के लिए तैयार कर भारत लाते हैं। दंपतियों से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये तक लिए जाते हैं, जबकि युवती को इसका केवल एक हिस्सा मिलता है।
युवतियों को करीब 1–1.5 साल तक भारत में रखकर गर्भधारण कराया जाता है और बच्चे के जन्म के बाद वापस नेपाल भेज दिया जाता है।
अगर ये दावे सही हैं, तो यह महिलाओं की मजबूरी, गरिमा और अधिकारों के संभावित शोषण का बेहद गंभीर मामला है। ऐसे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।