"अखिलेश यादव जी व राहुल गांधी जी अगर 20 जुलाई को नहीं आते है तो ये अच्छी बात नहीं होगी,
यहां बात छात्रों के भविष्य को लेकर है,सबको आना चाहिए "
: सोनम वांगचुक सर 🥺
At Jantar Mantar 📍
अंजना दीदी कोई मामूली स्त्री नहीं है आजतक पे है ।अंजना दीदी कह रही हैं ।तो अंजना दीदी को कहीं न कहीं से इंस्ट्रक्शन जरूर मिला है ।
अंजना दीदी ख़ुद से क्यों कहेंगी ?जब बाली ने सुग्रीव को मारा पटक पटक कर ,बाली भाग कर आए रामचंद्र जी के पास और कहे भैया हम तो मर जाते तुम क्या कर रहे थे ।
अब अवध ओझा सर भी बिल्कुल खुल कर अंजना ओम कश्यप और ख़ान सर की लड़ाई में शामिल हो चुके हैं ।वीडियो 6:47 का है तो टाइम निकाल कर देखिये ।
@ranvijaylive आपके तेवर से तो नहीं लगता है कि ऐसा कुछ हुआ था बेचारे ठगे से खड़े थे । और आप कुत्तों की तरह उनके ऊपर चिल्लाए जा रही थी । उनकी जगह कोई और होता तो आपके सेटअप की ऐसी - तैसी कर देता । आप सरासर झूठ बोल रही है।
रुद्रपुर में लोन का मकड़जाल...
20 हजार का लोन बना 1.20 लाख, महिला को ऑफिस में बनाया बंधक, मौके पर पहुंची पुलिस !
जब पुलिस बुलाया गया तो उनके सामने में हाथ - पाई कर रहा है ।
जबकि पुलिस पीड़ित ने बुलाया थी...
स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले में उपभोक्ता परिषद की अवमानना याचिका पर आयोग सख्त, बिजली कंपनियों को नोटिस जारी स्मार्ट प्रीपेड मीटर में पैसा रिचार्ज करने के बाद कई घंटे तक विद्युत आपूर्ति न जोड़ने पर आयोग की सख्त टिप्पणी सभी कंपनियों के प्रबंध निदेशक को देना होगा 15 दिन में जवाब।
तुम्हारी मां *** देंगे... मादर***
"नेता बन रही थी तू,चल कपड़े निकाल"
पुलिस के सामने अगर महिलाओं के कपड़े फाड़ने की धमकी दी जा रही है तो सोचिए बिना पुलिस की मौजूदगी में ये क्या करते!
ये अमित शाह जी की दिल्ली पुलिस है!
प्रदेश में जी वर्टिकल व्यवस्था के आधार पर उपभोक्ता सेवा की बात हो रही है और 1912 पर शिकायतों के निस्तारण का जिम्मा है उसकी उपभोक्ता परिषद नेपोल खोल दी और बता दिया की पूरी व्यवस्था खस्ता हाल है इसे बंद किया जाना चाहिए चलते हुए पावर सेक्टर में प्रैक्टिकल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
याचिका ११११४/२०२५ में मा. न्यायालय के आदेश के बावजूद अभी तक वेतन निर्गत नहीं किया गया जबकि कार्य प्रमाणित होकर वेतन पर्ची बना है।
१५अगस्त स्वतंत्रता दिवस आने वाला है लेकिन @UPPCLLKO अपने कर्मचारियों का वेतन निर्गत ना कर क्या प्रदर्शित करना चाहता है?
@myogioffice@aksharmaBharat
@RVPKS1@UPPCLLKO@mduppcl महोदय बेवस्था नही दिया जा रहा है बिभाग के द्वारा सिर्फ बेतन रोक कर दबाव बनाकर फेस अटेंडेंस लगवाई जा रही है बहुत से स्टाफ् तो मजवूरन घर रखी मोबाइल से लगा रहे है
*निजीकरण के विरोध में 22 जून को होने वाली बिजली महापंचायत में किसानों और उपभोक्ताओं के बड़े राष्ट्रीय संगठन सम्मिलित होंगे: निजीकरण को लेकर संघर्ष समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पूछे पांच सवाल*
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले आगामी 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में देश के किसानों और उपभोक्ताओं के कुछ बड़े संगठन सम्मिलित होंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली महापंचायत का ऐलान होते ही कई संगठनों ने संघर्ष समिति से संपर्क किया है। संघर्ष समिति ने आज पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से निजीकरण पर पांच प्रश्न पूछे हैं। संघर्ष समिति ने कहा है कि प्रत्येक शनिवार और रविवार को संघर्ष समिति 5 - 5 प्रश्न निजीकरण को लेकर प्रबंधन से पूछेगी।
संघर्ष समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से आज पांच प्रश्न पूछे जो निम्नवत है।
पहला प्रश्न है कि ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी ने 06 जून को चंडीगढ़ में हुए विद्युत मंत्रियों के सम्मेलन में कहा है कि उत्तर प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम है। सवाल यह है कि जब सरकारी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम हो गई है तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण क्यों किया जा रहा है ?
दूसरा प्रश्न है कि यदि घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है तो चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव जहां ए टी एंड सी हानियां क्रमशः तीन प्रतिशत और 8% थी, और इन दोनों स्थानों पर विद्युत विभाग मुनाफे में था तो दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव और चंडीगढ़ का बिजली का निजीकरण क्यों किया गया ?
तीसरा प्रश्न है कि दिल्ली में निजीकरण के 22 साल बाद भी दिल्ली विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए उपभोक्ताओं के बिजली बिल में निजी कंपनियां 07% की दर से पेंशन का सरचार्ज वसूलती है तो सवाल है कि निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में पेंशन देने के एवज में निजी कंपनियां उपभोक्ताओं से कितने प्रतिशत सरचार्ज वसूलेंगी ?
चौथा प्रश्न है कि निजीकरण के बाद बिजली कनेक्शन देने के लिए क्या निजी कंपनियों को उपभोक्ताओं से मनमाना बिल वसूलने का अधिकार मिल जाएगा ? उदाहरण के तौर पर 12 फरवरी 2025 को आगरा में टोरेंट पावर के एक बिल की कॉपी संलग्न की जा रही है जिसमें 02 किलो वाट का कनेक्शन देने के लिए उपभोक्ता से 09 लख रुपए वसूल गया है । उपभोक्ता द्वारा 09 लाख रुपए के भुगतान की रसीद भी संलग्न है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं। क्या निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और दक्षिणांचल की गरीब जनता के साथ यही होने जा रहा है ?
और पांचवा प्रश्न यह है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण होने के बाद गरीब किसानों, बुनकरों और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले उपभोक्ताओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी या नहीं ? उदाहरण के तौर पर ग्रेटर नोएडा में निजीकरण के 34 साल बाद भी किसानों को सब्सिडी नहीं मिलती जबकि पूरे प्रदेश में किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के बाद उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को होने वाली दिक्कतों के बारे में प्रत्येक शनिवार और रविवार को संघर्ष समिति पांच - पांच प्रश्न पूछेगी। शनिवार को आम उपभोक्ताओं के विषय में प्रश्न पूछे जाएंगे और रविवार को कर्मचारियों के विषय में प्रश्न पूछे जाएंगे।
आज अवकाश का दिन होने के कारण बावजूद बिजली कर्मचारियों ने सभी जनपदों परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ आपस में बैठक कर निजीकरण के विरोध चल रहे आंदोलन को और तेज और सशक्त बनाने पर विचार विमर्श किया।
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