@Uppolice में छुट्टी आरक्षी और अनुवादक देते हैं क्या ?
ये तो और एक नया मामला सामने आ गया ?
मतलब अधिकारियों के कार्य अराजपत्रित कर्मचारी कर रहे क्या जो उनकी जवाबदेही पर उन्हें निलंबित किया जा रहा जिनका दायित्व छुट्टी स्वीकृत करना नहीं ?
इस देश ने कुछ घंटों पहले रक्षाबंधन मनाकर रक्षा की सौगंध खाई ?
लेकिन त्योहार का माहौल बदलते बदलते एक बहन कुछ मैकाले के मानसिकता वाले वंशजों की क्रूर व्यवस्था का शिकार हो गई ?
वास्तव में @Uppolice एक अर्दली के समान संचालित होती है !
सेलेक्टिव टॉलरेंस की नीति ने पुलिसिंग ध्वस्त कर दी है !
यूपी में गृहमंत्री के हर दावे इस घटना ने ध्वस्त कर दिए हैं !
सिंडिकेट के आगे लाचार बेबस नेता और अधिकारियों के हाथो में उनकी फाइलें उनको
पूरा मौन विकलांग और अपाहिज साबित करती है ?
यूपी में अधिकारियों की GD एंट्री और उपस्थिति के मानक हो न हो लेकिन कार्यकारी बल के लिए तमाम नियम हैं ?
अपने अहम को संतुष्ट करने का साधन है मानवीय कृत्य और पारदर्शिता न रखना !
ये मृत्यु नहीं हत्या ही कहीं जाएगी कानूनी परिधि में लेकिन जिम्मेदार ही इसके जवाबदेह हैं ये बात और है एक फाइल बनकर रह जाएगी ये घटना और इसका पाप भोगेंगे वो जिनका ऐसे कृत्य से लेना देना नहीं ?
जैसे रावण से पहले उसके हितैषी और अपनों ने भोगा आँखें मूँदकर ?
न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े लोगो के वंशजों की स्थिति देख लीजिए ?
कुछ प्रतिशत छोड़कर सभी के अधिकतर बर्बाद हैं !
कारण सिर्फ “ हाय” कमाना !
ईश्वर मृतक बहन की आत्मा को शांति दें
और इस मृत्यु के जिम्मेदारों को नरकाग्नि 💐
उत्तर प्रदेश में लगभग 3.75 लाख पुलिस वर्तमान में कार्यरत हैं
मगर किसी चोटिल, बीमार पुलिस कर्मी को छुट्टी देने के समय SP साहब 500 बहाना बताएंगे
महिला सिपाही केसरी वर्मा जो बस्ती में पोस्टेड थी
लगभग 8 दिन पहले केसरी मैडम का एक्सीडेंट हो गया था जिससे इनके सर में गहरी चोट लगी थी
केसरी वर्मा मेडिकल लीव के लिए SP ऑफिस गई मगर इनको छुट्टी नहीं दी गई
SP का कहना था 31 अगस्त को छुट्टी चली जाना
लेकिन उससे पहले ही केसरी वर्मा की मौत हो जाती है
पति नागेंद्र वर्मा रोते हुए बताता है कि अगर समय से छुट्टी मिल जाती तो मेरी पत्नी आज जीवित होती
विभाग में बकायदा प्रावधान है आपको EL, CL मिल जाएगा मगर कुछ अधिकारियों की वजह से पुलिसकर्मी छुट्टी के लिए परेशान रहते हैं
न तो Sunday छुट्टी देते हैं न ही जल्दी इमरजेंसी में देते हैं
@CopSunilShukla@ADGPacHqLko@Uppolice@myogiadityanath@yadavakhilesh@bstvlive आपने यह खबर बिना सत्यता जाने गलत ट्वीट किया है.जबकि पीएसी हेड क्वार्टर के आदेश APR-604 दिनाँक 30अप्रैल 2020 के अनुक्रम में MRF से मेंस के छोटे मोटे खर्चे नियमानुसार किए जा सकते है. यह मेंस डुयटी दल का मेंस है और जो भी कंपनी डुयटी पर आती है उनकी सुख- सुविधा के लिए मेंस की सभी
यूपी में भ्रष्टाचार चर्म पर है..अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तक को नहीं बख्श रहे..!
इनसे भी इन्हें मामूल चाहिए -
यूपी के सीतापुर में जिलाधिकारी कार्यालय पर तैनात होमगार्ड रामप्रकाश रावत ने जिला कमांडेंट पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है..!
रिश्वत न देने की दशा में उनकी परेड ड्यूटी खत्म करने अथवा सस्पेंड करने की धमकी दी गई है..!
मामला दरअसल यह है कि -
रामप्रताप और उनके भाई जगमोहन लाल का खेत अथवा बाग का कुछ आपसी विवाद चल रहा है..जगमोहन ने रामप्रताप के खिलाफ IGRS के माध्यम से शिकायत की है..!
इस शिकायत के आधार पर कमांडेट साहब होमगार्ड रामप्रताप रावत को प्रताड़ित कर रहे हैं...आरोप है कि मामला रफा दफा करने के एवज में उनसे 20000 रुपए की मांग की गई...!
पीड़ित ने कहां मैं गरीब हूं मैं नहीं दे पाऊंगा तो साहब द्वारा सस्पेंड करने की धमकी दी गई..!
अब पीड़ित होमगार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रहा है..!