धरती का लाल लालबहादुर शास्त्री जी ने 1956 में आरियालूर रेल दुर्घटना के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेलमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
रक्षा मंत्री वी के मेनन ने 1962 भारत-चीन युद्ध मे विफलता के बाद इस्तीफा दिया.
1958 में मुंद्रा घोटाले के बाद वित्त मंत्री टी टी कृष्णामाचारी ने जवाबदेही स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया.
2001 में गैसल रेल दुर्घटना के बाद नीतीश कुमार ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी क्यों नही स्वीकार कर रहे हैं. बड़ा ही बेशर्म शिक्षा मंत्री है. एक इस्तीफा जिम्मेदारी तय करेगा और छात्रों के आंदोलन को खत्म कर देगा. इसके बावजूद ये आदमी टस से मस होने को तैयार नही है.
भारतीय जनता पार्टी की बदनीयत और षडयंत्र के कारण मध्य प्रदेश का OBC समुदाय 27 प्रतिशत आरक्षण से वंचित है, जबकि 2019 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर उसे उसका संवैधानिक अधिकार दिया था।
भाजपा की सरकारों ने लगातार क़ानूनी उलझन पैदा करके और माननीय न्यायालयों में ग़लत तरीक़े से 27 प्रतिशत आरक्षण का पक्ष रखकर इस आरक्षण को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा है।
पिछले छह साल से यह देखा जा रहा है जब-जब हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट मामले की तेज़ी से सुनवाई करना चाहते हैं तब सरकारी वक़ील या तो तारीख़ मांगने लगते हैं या समुचित दस्तावेज़ के साथ अदालत में पेश ही नहीं होते।
अब हाईकोर्ट ने नियमित सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करने की मंशा जतायी है तो मुझे एक बार फिर आशंका है कि भाजपा इस बार फिर षडयंत्र करेगी और एक बार फिर वही पुराने हथकंडे अपनाकर आरक्षण की प्रक्रिया को टालने की कोशिश करेगी।
मैं सरकार से माँग करता हूँ कि वह पूरी ईमानदारी से OBC वर्ग को कांग्रेस सरकार द्वारा दिए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू कराने के लिए प्रयास करे और हाई कोर्ट में रोज़ होने वाली सुनवाई में मज़बूती से OBC वर्ग का पक्ष रखे।
मैंने हमेशा कहा है—
* ये BJP-RSS वाले बड़े डरपोक हैं।
* ज़रा सा दबाव पड़ते ही माफी की चिट्ठी लिखते हैं।
* ट्रम्प का दबाव हो तो रातों-रात डील साइन कर देते है।
* UGC का दबाव हो तो चुप्पी,
और
* मध्यप्रदेश में 27% OBC आरक्षण की बात उठे तो अपने ही मुख्यमंत्री को सनातन विरोधी कहकर पीछे हट जाते हैं।
अरबों रुपये कोर्ट पैरवी पर खर्च, लेकिन सुनवाई के दिन वकील सुप्रीम कोर्ट में खड़े नहीं होते।
मध्यप्रदेश की विभिन्न भर्तियों में होल्ड हजारों OBC युवाओं से मेरा वादा है—
2 लाइन का अध्यादेश हो या 20 पन्नों का कानून, तो कानून हे
#ओबीसी_13_अनहोल्ड_करे
#OBCआरक्षण
#27प्रतिशतआरक्षण
#मध्यप्रदेश
#OBCन्याय
#संविधान_बचाओ
#सामाजिक_न्याय
#युवा_अधिकार
#Congress
#JusticeForOBC
#ओबीसी_13_अनहोल्ड_करे
ईडब्ल्यूएस आरक्षण होता तो सरकार रातों-रात बिल बनाकर संसद में पास करवा लेती,सुप्रीम कोर्ट में 24 घंटे में डिसाईड भी हो जाता,आरक्षण की अपर लीमिट भी तोड़ दी जाती और अगले दिन से सरकारें इसको लागू भी कर देती।ओबीसी आरक्षण है इसलिए सरकार से हाईकोर्ट,हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से फिर हाईकोर्ट ,हाईकोर्ट से फिर सरकार गोल-गोल घुमाकर समय काटा जा रहा है ताकि ज्यादा-से-ज्यादा समय तक इस देश की आधी से अधिक आबादी को प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी से वंचित रखा जा सके।
#ओबीसी_आरक्षण
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जिलों की कार्यप्रणाली पर सख्त की टिप्पणी, कहा- सीएम बोलते हैं कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम ही नहीं करते
#AnuragJain#Administration#MadhyaPradesh
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RSS BJP का हिन्दू एकता सम्मेलन चल रहा था,
सब एक थे…
जब तक एक भाई ने
अपने OBC आरक्षण की बात कर दी।
बस फिर क्या—
हिन्दू एकता को
गहरा आघात पहुँचा।
समाधान तुरंत निकला—
OBC भाई को बेइज़्ज़ती कर
मंच से उतार दिया गया,
और घोषित कर दिया गया कि
एकता स्थापित हो गई है।
वाह!
यह कैसी एकता है
जिसमें अपने हक की बात कहना गुनाह है
और चुप्पी ही सबसे बड़ा धर्म!
ग़ज़ब है…
एकता वोट OBC का राज इनका,
हिन्दू एकता की शर्तें भी वही। 😏🔥
MP में आज तक OBC समुदाय का 13% आरक्षण होल्ड किया गया।
OBC समुदाय देश की आबादी का 60% है, उन्हें उनका 27% आरक्षण तक नहीं मिला रहा और एंकर पूछती है कहां रुका आरक्षण।
प्रेम शुक्ला का तो क्या कहें। शुक्ला की तो मौज है!
इनका थोड़े हकमारी हुआ ही की इन्हें तकलीफ़ होगी!