ये लैंड जिहाद नहीं तो और क्या है , आखिर एक पीड़ित हिंदू परिवार को न्याय कब मिलेगा।
पहले ग्रामीण और ग्राम प्रधान के कहने पर दिए थे 5 फिट का रास्ता अब उसकी आड़ में दबंगई दिखाकर पूरे 15 फीट और जमीन कब्जा कर रहे है ।
पूरा मामला 👇
थाना कोतवाली देहात बलरामपुर उ. प्र. क्षेत्र के ग्राम छोटा धुसाह मोहल्ले में रास्ते को लेकर चल रहा जंग, पीड़ित हिन्दू परिवार ने कहा सालों पहले ग्रामीण व प्रधान के कहने पर दिया था 5,फिट का रास्ता अब 15,फिट रास्ता 👉दबंग भू माफिया नौशाद अली पुत्र शौकत अली ग्राम छोटा धुसाह👈 कर रहे हैं कब्जा,
जिसका 👉खुद का मकान ग्राम समाज के जमीन👈 पर बना हुआ है और गांव की अन्य 👉ग्राम समाज की जमीन भी कब्जा👈 किए हुए हैं....
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👉गाटा संख्या 249 प्रार्थी की जमीन है और 250 ग्राम समाज की जमीन है जिस पर विपक्षी भू माफिया नौशाद अली पुत्र शौकत अली का घर बना हुआ है और पिछले प्रधान गजेन्द्र पांडेय जी के द्वारा सबकी सहमति से 249 गाटा संख्या से 5 फिट का रास्ता विपक्षी भू माफिया नौशाद अली को दिया गया था पर 24-02-25 को विपक्षी भू माफिया जबरन 249 गाटा संख्या में घुस कर 15 फिट बढ़ा कर 20 फिट का रास्ता बनाने की जबरदस्ती कर रहा हैं कोतवाली देहात बलरामपुर जाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई और फिर 25-02-25, 26-02-25, 27-02-25, 28-02-2025 को फिर से भू माफिया नौशाद अली पुत्र शौकत अली अपने 5 भाई और स्थानीय भीड़ एकत्रित करके 2 ट्राली 3 ट्राली मिट्टी रोज गिरवा रहा है और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी देता है, स्थानीय देहात कोतवाली बलरामपुर जा कर शिकायत करने पर SHO Sir बोले हल्का के सिपाही को बोल दे रहे वो मना करवा देगा और हल्का सिपाही बोल रहे उसको हम नहीं रोकवा सकते हैं।
👉इसमें हल्का के ग्राम प्रधान, लेखपाल, तहसीलदार और पूरा कोतवाली देहात बलरामपुर के विपक्षी भू माफिया नौशाद अली पुत्र शौकत अली के मिले हुए हैं जिससे प्रार्थी को कोई भी मदद नहीं मिल पा रही है प्रार्थी दर दर की ठोकरें खा रहा है।
👉प्रार्थी को पैरालाइस, शुगर और बीपी का मरीज हैं इसलिए प्रार्थी को मानसिक प्रताड़ित भी कर रहा हैं कि किसी भी तरह से डरा धमका के अपना 20 फिट का रास्ता बना लें।
👉इस विपक्षी भू माफिया नौशाद अली पुत्र शौकत अली को 5 फिट का रास्ता भी नहीं मिलना चाहिए😡 👉प्रार्थी हिन्दू मित्र को सपोर्ट के लिए और भू माफिया पर सख्त कार्रवाई के लिए कमेंट कीजिए और शेयर करे कीजिए ताकि ये संदेश माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तक पंहुचे और इस हिन्दू मित्र को न्याय मिल सके। @myogioffice@myogiadityanath@Pushpendraamu@AmitShah@AmitShahOffice@112UttarPradesh @TV9UtarPradesh @WeUttarPradesh@Uppolice@balrampurpolice @BalrampurDm @dheerusinghh@PaltuRam@b_bhushansharan@BrijBhushanMP
जब सोमनाथ के मंदिर को वि ध्वंस करने के लिए मोहम्मद गजनवी सोमनाथ पहुंचा तो वहां के राजगुरु आचार्य ब्रह्मभट्ट ने राजा से कहा कि एक राजा विष्णु का अवतार होता है और मैं इस ज्योतिर्लिंग शिवलिंग की ज्योति आपके शरीर में प्रत्यारोपित करता हूँ...उसके पश्चात आचार्य ने राजा को वहां से प्रस्थान करने को कहा....तत्पश्चात जब गजनी ने मंदिर में प्रवेश किया तो आचार्य ने गजनी को कहा कि तुम अपने गुर्ज को मेरे मस्तक पर दे Maरो क्योंकि आचार्य ब्रह्मभट्ट को ज्ञात था कि मस्तिष्क के अंदर जो रक्त रहता है उसे ब्रह्मकपाली कहते हैं और ये रक्त बहुत ही पवित्र होता है, यदि गजनी ने मेरे शीश पर गुर्ज को मारा तो महादेव का रक्त स्नान के अभिषेक द्वारा विसर्जन हो जाएगा और एक बार विसर्जन होने के बाद कोई भी मुर्ती या पत्थर जिसमें प्राण प्रतिष्ठा कि गई हो वो मिट्टी के समान हो जाता है।ऐसे ही नहीं शेष रहा है हमारा पवित्र सनातन धर्म...इसकी रक्षा के लिए आचार्य ब्रह्मभट्ट जैसी लाखों विभूतियों ने अपनी आहुति दी है...हर-हर महादेव..🔱🚩
यदि गैरकानूनी धर्मांतरण जारी रहा तो इस देश की बहुसंख्यक ( Hindus ) आबादी एक दिन अल्पसंख्यक हो जाएगी।
🧑⚖️ भारत के संविधान का अनुच्छेद 25 'विवेक की स्वतंत्रता और धर्म के स्वतंत्र पेशे, अभ्यास और प्रचार' का प्रावधान करता है, लेकिन एक धर्म से दूसरे धर्म(विश्वास) में Conversion के लिए नहीं।
हिन्दू धर्मान्तरण करते हैं क्योंकि धर्मशिक्षा के अभाव के कारण हिन्दुओं में धर्माभिमान नहीं है ।
30A हिँदूओं को अपने धर्म की शिक्षा देने से रोकता है।
मिशनरी संस्था द्वारा बडे पैमाने मे धर्मांतरण होता है. धर्मांतरण याने राष्ट्रांतरण.ईसपे रोक लगाने हेतु धर्मांतरण कायदा आवश्यक है. और पिछडी जनजाती समाज बंधु में धर्मशिक्षा देना जरुरी है.गरीबी धर्मांतरण का कारण नहीं है
बल्की धर्मशिक्षा का अभाव है.
"जब संकल्प अडिग हो और सेवा भाव सर्वोपरि, तो असंभव कुछ भी नहीं! 🚩 बागेश्वर धाम का कैंसर अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि हजारों जरूरतमंदों के लिए आशा की ज्योति है। यह पहल बताती है कि धर्म केवल उपदेश नहीं, बल्कि समाज कल्याण का आधार भी है।
मन्दिरों को दिया दान कभी व्यर्थ नही जाता। अभिनन्दन बाघेश्वर धाम धीरेन्द्र शास्त्री जी का ,जिन्होंने इतनी कम उम्र में ही धर्म पथ पर चलते हुए कैंसर हॉस्पिटल मेडिकल साइंस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट खोल दिया!
"RSS ने मेरे जैसे लाखों लोगों को ,
देश के लिए जीने की प्रेरणा दी है..🚩
पिछले 100 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की महान परंपरा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक संस्कार यज्ञ चला रहा है"
: पीएम नरेंद्र मोदी
बस यही तो सर्जरी थी, जो तुम्हें दिखाया व सुनाया, भ्रम था। दरअसल, सर्जरी चल रही थी।
हालांकि अभी ये तो छोटी हुई है अभी बहुत मेजर होनी है। आख़िर एक देश एक चुनाव जो है।
पीएम मोदी ने आरएसएस को अपना पथ बतलाया है। विज्ञान भवन में आयोजित 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस की प्रशंसा करते हुए कहा।
आज की बहुत ही सुंदर कहानी पढ़िए और आनंद लीजिए ।
भगवान को भेंट
प्रभु हमारे केवल भाव देखते है।
मूर्खो वदति विष्णाय धीरो वदति विष्णवे | उभयस्य फ़लम् तुल्यं भावग्राही जनार्दन:||
मूर्ख कहता है विष्णाय नमः जो व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध है और ज्ञानी कहता है विष्णवे नमः जो शुद्ध है। परंतु दोनों का फल एक ही है क्योंकि भगवान शब्द नहीं भाव देखते हैं।"
ऐसे ही भगवान को हमारे चढावे के पैसे नही, वो तो हमारे भाव से खुश होते है।। भगवान भावग्राही है, दाताओं का भी दाता है, उन्हें आपका धन नहीं सद्धर्म और प्रेम मिश्रित पूर्ण समर्पण का भाव चाहिए ।
पुरानी बात है, एक सेठ के पास एक व्यक्ति काम करता था। सेठ उस व्यक्ति पर बहुत विश्वास करता था। जो भी जरुरी काम हो सेठ हमेशा उसी व्यक्ति से कहता था।
वो व्यक्ति भगवान का बहुत बड़ा भक्त था। वह सदा भगवान के चिंतन भजन कीर्तन स्मरण सत्संग आदि का लाभ लेता रहता था।
एक दिन उस ने सेठ से शिखरजी की यात्रा करने के लिए कुछ दिन की छुट्टी मांगी..
सेठ ने उसे छुट्टी देते हुए कहा- भाई ! .. मैं तो हूं संसारी आदमी हमेशा व्यापार के काम में व्यस्त रहता हूं जिसके कारण कभी तीर्थ गमन का लाभ नहीं ले पाता।
तुम जा ही रहे हो तो यह लो 1000 रुपए मेरी ओर से शिखरजी में प्रभु के चरणों में समर्पित कर देना।
भक्त सेठ से हजार रुपए लेकर शिखरजी यात्रा पर निकल गया।
कई दिन की यात्रा करने के बाद वह शिखरजी पहुंचा।
मंदिर की ओर प्रस्थान करते समय उसने रास्ते में देखा कि बहुत सारे भक्तजन संकीर्तन मस्ती में प्रभु का जयकारा कर रहे हैं।
आंखों से अश्रु धारा बह रही है। हर तरफ जोर-जोर से णमोकार मंत्र गूंज रहा है। संकीर्तन में उसे बहुत आनंद आ रहा था। भक्त भी वहीं रुक कर संकीर्तन का आनंद लेने लगा।
फिर उसने देखा कि कुछ गरीब लोग जो भूखे प्रतीत हो रहे थे भोजन पाने की इच्छा में खड़े थे। उसने सोचा क्यों ना सेठ के हजार रुपयों से ऐसे महान तीर्थ पर इन गरीब लोगों को भोजन ही करा दूँ। उसने उन सभी को उन हजार रुपए में भोजन की व्यवस्था करा दी।
सबको भोजन कराने में उसे कुल 900 रुपए खर्च करने पड़े। उसके पास सौ रुपए बच गए उसने सोचा चलो अच्छा हुआ सौ रुपये श्रीजी के चरणों में सेठ के नाम से चढ़ा दूंगा।
जब सेठ पूछेगा तो मैं कहूंगा पैसे चढ़ा दिए। सेठ यह तो नहीं कहेगा 100 रुपए चढ़ाए। सेठ पूछेगा पैसे चढ़ा दिए मैं बोल दूंगा कि, पैसे चढ़ा दिए। झूठ भी नहीं होगा और काम भी हो जाएगा।
भक्त ने श्री जी के दर्शनों के लिए मंदिरों में प्रवेश किया और अपने आप को भाग्यशाली मानते हुये प्रभु की छवि को निहारते हुए अपने हृदय में उनको विराजमान कराया।
अंत में उसने सेठ के सौ रुपए श्री जी के चरणो में चढ़ा दिए। और बोला प्रभु यह सेठजी की तरफ से हैं।
चमत्कार की बात, उसी रात सेठ के पास स्वप्न में प्रभु ने दर्शन दिये और आशीर्वाद दिया और बोले सेठ तुम्हारे 900 रुपए मुझे मिल गए हैं यह कहकर अंतर्ध्यान हो गए।
सेठ जाग गया सोचने लगा मेरा नौकर तौ बड़ा ईमानदार है, पर अचानक उसे क्या जरुरत पड़ गई थी उसने सौ रुपए भगवान को कम चढ़ाए ?
उसने सौ रुपए का क्या खा लिया ? उसे ऐसी क्या जरूरत पड़ी ? ऐसा विचार सेठ करता रहा।
काफी दिन बीतने के बाद भक्त वापस आया और सेठ के पास पहुंचा। सेठ ने कहा कि मेरे पैसे शिखरजी में चढ़ा दिए थे ?
भक्त बोला हां मैंने पैसे चढ़ा दिए...
सेठ ने कहा पर तुमने 900 रुपए क्यों चढ़ाए सौ रुपए किस काम में प्रयोग किए।
तब भक्त ने सारी बात बताई कि उसने 900 रुपयो से गरीबों को भोजन करा दिया था और श्रीजी को सिर्फ 100 रुपए चढ़ाये थे।
सेठ सारी बात समझ गया व बड़ा खुश हुआ तथा भक्त के चरणों में गिर पड़ा और बोला- आप धन्य हो आपकी वजह से मुझे स्वपन में प्रभु के दर्शन यहीं बैठे-बैठे हो गए।
गुरुवर कहते हैं - भगवान को आपके धन की कोई आवश्यकता नहीं है।भगवान को वह 900 रुपए स्वीकार है जो जीवमात्र की सेवा में खर्च किए गए और उस 100 रुपए का कोई महत्व नहीं जो उनके प्रभु चरणों में नगद चढ़ाए गये..!!
जय श्री कृष्ण 🙏🚩
@acyadav_IND *हमारे बुजुर्गों ने तलवार की धार पर सर रख दिया मगर सर झुका कर सजदा नहीं किया इसलिए हम हिंदू हैं,*
हमारे बुजुर्गों की आँखें तो निकाल ली गई मगर उन्होंने इबादत के लिए अपनी पलकें.. नहीं झुकने दी
*इसलिए हम हिंदू हैं,*
अंधे करके गजनी ले जाते पृथ्वीराज चौहान ।
आग में कूदकर जौहर करती रानी पद्मावती ।
जिंदा खौलते तेल में डाले जाते हरपाल देव यदुवंशी।
हेमू का सर काटकर काबुल भेज दिया गया और धड़ दिल्ली में लटका दिया गया।
गर्म तवे पर बैठाकर गुरू अर्जुनदेव शहीद किए गए।
गुरू गोबिंद सिंह के दो छोटे बच्चे जिंदा दीवार में चिनवाए गए।
40 दिन तक छत्रपति संभाजी को यातनाएं दी गईं।
गोकुल जाट का आगरा कोतवाली पर लटका कर अंग-अंग काटा गया।
पानीपत में घंटों हिन्दू नरसंहार चला, हजारों की तादाद में गुलाम काबुल ले जाए गए।
1857 की हार के बाद बीहड़ में भूखे- प्यासे तात्या टोपे भटकते रहे और अंत में फांसी पर लटका दिए गए।
काला पानी में अपने ही मल-मूत्र में छह-छह महीने Solitary confinement झेलते सावरकर
आजादी के शुभ अवसर तक पर 10 लाख लोगों का नरसंहार, विस्थापन, बलात्कार और एक तिहाई देश सदा के लिए कटकर अलग हो गया।
और जनवरी की एक रात कश्मीर हिन्दू विहीन हो गया।
फिल्म वालों को आपके टिकट के पैसे वसूल कराने हैं वो आपको हार में भी कुछ सकारात्मक अंत दिखाकर ही थिएटर से निकालेंगे लेकिन सच्चाई यह है कि इतिहास का हर पन्ना यातनाओं, चीखों, नरसंहारों और खून से सना है।
हम शायद पहली पीढ़ी होंगे जो तीर्थ जाने के लिए जजिया नहीं दे रहे, देशभक्ति के लिए फांसी पर नही लटकाए जा रहे। मास धर्मांतरण और विस्थापन नहीं झेल रहे। एक स्थिर सरकार में एक बढ़ती इकोनॉमी में कल के लिए बेहतर उम्मीद लिए जीवन जी रहे हैं।
इतिहास बताता है कि हमारा संगठित होकर एक लक्ष्य की तरफ बढ़ना कितना आवश्यक है ताकि जब 100 वर्ष बाद हमारे वर्तमान पर फिल्में बनें तो उनमें केवल बलिदान की कहानियां न हों जीत की भी कहानियां हों।
@acyadav_IND भारत की यह सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस हमेशा वहीं खड़ी क्यों रहती है जहां हमारा दुश्मन खड़ा होता है !?
पाकिस्तान और चीन, भारत द्वारा अमेरिका के F-35 स्टील्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान खरीदने को खतरे के रूप में देखते हैं !!
महाकुंभ का सटीक और सिलसिलेवार हर प्रकार के लोगों के मनोभावों को व्यक्त करता विश्लेषण । जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम ही है ।
महाकुंभ में सबको अपने स्वभाव के अनुसार ही दिखाई दिया
🔹 गिद्धों को शव दिखे,
🔹 सूअरों को गंदगी दिखी,
🔹 नास्तिकों को अंधविश्वास दिखा,
🔹 पाखंडियों को मंच दिखा,
🔹 वामपंथियों को कट्टरता दिखी,
🔹 मिशनरियों को ‘भूखा हिंदू’ दिखा,
🔹 मीडिया को सिर्फ़ टीआरपी दिखी,
🔹 दोगलों को सिर्फ़ अव्यवस्था दिखी,
🔹 फेमिनिस्टों को ‘पितृसत्ता’ दिखी,
🔹 बिके हुए बुद्धिजीवियों को नफ़रत दिखी,
🔹 कांग्रेसीयों को ‘धर्मनिरपेक्षता’ ख़तरे में दिखी,
🔹 अर्बन नक्सलों को ‘भगवा आतंक’ दिखा,
🔹 जेहादियों को ‘लव जिjहाद के शिकार’ दिखे,
🔹 पोप के एjजेंटों को ‘बपjतिस्मा के ग्राहक’ दिखे,
🔹 दरबारी पत्रकारों को ‘भक्तों का उन्माद’ दिखा,
🔹 राजनीतिक दलालों को ‘राजनीति का मौक़ा’ दिखा,
🔹 हिंदू विरोधियों को ‘संविधान ख़तरे में’ दिखा,
🔹 टुकड़े-टुकड़े गैंग को ‘संघी साज़िश’ दिखी,
🔹 अल्पसंख्यक प्रेमियों को ‘मुसjलमान डरा हुआ’ दिखा,
🔹 वामपंथी इतिहासकारों को अपनी झूठी किताबें जलती दिखीं,
🔹 अयोध्या को बाबरी कहने वालों को सनातन का प्रतिशोध दिखा,
🔹 राम को मिथक कहने वालों को स्वयं राम का विजय ध्वज दिखा,
🔹 हिंदू विरोधी पार्टियों को उनकी राजनीति का अंत दिखा,
🔹 सनातन को मिटाने का सपना देखने वालों को अपनी क़jब्र खुjदती दिखी,
🔹 वो जो ‘हिंदू आतंjकवाद’ की कहानी लिख रहे थे, उन्हें हिंदू जागृति का महासंग्राम दिखा,
🔹 जो सनातन को जड़ मान बैठे थे, उन्हें उसकी अमर बेल बढ़ती दिखी,
🔹 जो गजवा-ए-हिंद का सपना देख रहे थे, उन्हें सनातन का शस्त्र उठता दिखा,
🔹 जो भारत तोड़ने की साज़िशें रच रहे थे, उन्हें अखंड भारत की गरज सुनाई दी,
🔹 जो राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे, उन्हें रामराज्य का सूर्योदय दिखा,
🔹 जो हिंदू संतों का अपमान कर रहे थे, उन्हें संतों की हुंकार सुनाई दी,
🔹 जो सनातन को 1000 साल में मिटा नहीं सके, उन्हें अपनी औकात याद आई,
और
🔹 🚩🚩सनातनियों को आस्था, अध्यात्म, मोक्ष और भारत की आत्मा दिखी।🚩🚩
⚡ “जिनकी आत्मा काली हो, उन्हें गंगाजल भी कीचड़ लगेगा! जिनके पूर्वज ग़ुलाम थे, उन्हें सनातन का वैभव नागवार गुज़रेगा!” ⚡
🔥 “महाकुंभ में जिनके भीतर हिंदू रक्त बह रहा था, उन्हें दिव्यता का अनुभव हुआ… और जिनकी नसों में गुलामी का ज़हर था, उन्हें अपनी राजनीति डूबती दिखी!” 🔥
💥 “जो लोग हिंदू धर्म के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे, उन्हें महाकाल का तांडव दिखा! सनातन मरा नहीं था, बस जाग रहा था ...अब यह जागरण प्रलय लेकर आएगा!” 💥
🚩 “महाकुंभ में आस्था के महासागर में जो डूबा, वो पार हो गया… और जो इसकी दिव्यता से जल गया, वो ख़ाक हो गया!” 🚩
आगे केवल सनातन का उत्थान है और अधर्म का संपूर्ण विनाश!” 🚩🔥
हर हर महादेव 🚩
(संकलन/लेखक ~ भूमि)
12वर्ष पहले केजरीवाल एकाएक कहीं से आया और दिल्ली जीत ली. फिर दोबारा और तिबारा जीत लिया, वह भी भयंकर भारी बहुमत से.
साथ ही पंजाब जीता, गोवा और गुजरात में भी थोड़ी बहुत पैठ बनाई. किसी भी दृष्टि से एक राजनीतिक फ्रीलांसर के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होती.
बस एक अंतर है... केजरीवाल राजनीति का फ्रीलांसर नहीं है... फ्रेंचाइजी है.
उसने भारत में वामपंथ की फ्रेंचाइजी ली है. जब खुल्लमखुल्ला कम्युनिज्म की दुकान बन्द हो गई तो दबे छुपे वैश्विक लिबरल वामपंथ को अपना काम पसारने के लिए एक लोकल पार्टनर चाहिए था. इसमें केजरीवाल ने टेंडर भरा और कांग्रेस को पछाड़ते हुए भारत में वामपंथ की दुकान चलाने का कॉन्ट्रैक्ट ले लिया. और इस तरह केजरीवाल का राजनीतिक स्टार्टअप एक एस्टेब्लिश्ड कम्पनी बन गया.
इधर राहुल गाँधी को यह मिस्ड बिजनेस ऑपर्च्युनिटी थोड़ी देर से समझ में आई.
तबतक सारा बिजनेस केजरीवाल लिए जा चुका था. फिर उन्होंने इसकी भरपाई करने में एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. उनकी दिखावे की सेंट्रिस्ट पॉलिटिक्स का स्पेस राइट टू सेंटर खिसक कर भाजपा के पास चला गया था. लेफ्ट वाला स्पेस केजरीवाल खाए जा रहा था. इसको देखकर राहुल गाँधी की भाषा बदल कर बिल्कुल नक्सलियों वाली हो गई. वह संपत्ति के बंटवारे की बात करने लगा, भारत को "नेशन" की जगह "यूनियन ऑफ स्टेट्स" बुलाने लगा, जातिवाद और क्षेत्रीयता के नाम पर देश को तोड़ने वाली भाषा खुलकर बोलने लगा.
दिल्ली चुनावों में यह जो कॉन्ग्रेस ने 6% वोट निकाल कर केजरीवाल का पत्ता काट दिया है, यह उसी लॉस्ट स्पेस और मिस्ड बिजनेस ऑपर्च्युनिटी को वापस पाने की कोशिश है. आने वाले दिनों में कॉन्ग्रेस और आपदा के बीच अपने नक्सली क्रेडेंशियल स्थापित करने में और कड़ा मुकाबला होने की संभावना है... अगर उनके विदेशी आकाओं की ओर से कोई डील न आ जाए. यह भी संभव है कि उनकी टेरिटरी बांट दी जाए कि दोनों में कौन देश के किस हिस्से में पेट्रोल छिड़केगा और कौन कहाँ माचिस मारेगा. यह डील इस दिल्ली चुनाव के पहले भी आ सकती थी, लेकिन क्या है कि उनके मालिकों की अपनी ही हालत पस्त है और वे ट्रम्प और मस्क से अपना ही चेहरा बचाने में उलझे हुए हैं।
इस आदमी को बड़ी तकलीफ है सनातन धर्म और सनातन धर्म के लोगों से...
प्रयागराज में सबसे ज्यादा अफवाह सपाई फैला रहे हैं ।
अखिलेश यादव महाकुंभ में जो हिंदू सनातनी उमड़ रहे हैं उसे देखकर इतना डर गए क्योंकि इनको पता चल गया कि सनातन अपनी जड़ों की ओर वापस लौट रहा है और अगर सनातनी जागृत हो गए तो इनको वोट नहीं देंगे
इसीलिए अखिलेश यादव लगातार कुंभ पर एक के बाद एक झूठ और अफवाह फैला रहे हैं ।
@acyadav_IND India’s got latent जैसे शो को इस सनातन की धरती पर बैन कर देना चाहिए
लाखो लोगो की आस्था से खिलवाड़
लाखो युवाओ को अभद्रता सीखाने का नया तरीका
अनेको माताओ बहनों को नीचे गिराने का नजरिया बन गया है ये शो ।
दुनिया का सबसे घटिया और बेहूदा शो है समय रैना का India's GOT Letent 🤬🤬
@acyadav_IND दुनिया का सबसे घटिया और बेहूदा शो है
आपको पता है अभी तक क्या क्या हुआ है यहां ?
पहले पिता के रिश्ते को अपमानित & शर्मसार किया गया ,
फिर कश्मीरी पंडितों को अपमानित किया गया ,फिर महिलाओं के चरित्र का उपहास बनाया गया ।
#samayraina#indiasgotlatent#ashishchanchlani
India’s got latent जैसे शो को इस सनातन की धरती पर बैन कर देना चाहिए
लाखो लोगो की आस्था से खिलवाड़
लाखो युवाओ को अभद्रता सीखाने का नया तरीका
अनेको माताओ बहनों को नीचे गिराने का नजरिया बन गया है ये शो ।
दुनिया का सबसे घटिया और बेहूदा शो है समय रैना का India's GOT Letent 🤬🤬
आपको पता है अभी तक क्या क्या हुआ है यहां ?
पहले पिता के रिश्ते को अपमानित & शर्मसार किया गया ,फिर कश्मीरी पंडितों को अपमानित किया गया ,फिर महिलाओं के चरित्र का उपहास बनाया गया ।
अब एक यूट्यूबर रणबीर ने मां के बारे में जो बोला शर्मसार करने वाला है मुझे ये नहीं पता क्या ये इंसान ये सब बोलने के बाद अपने मां की नजर से नजर मिलाकर बात कर पाएगा ?
इसके साथ ही साथ संस्कृति सभ्यता की धज्जियां उड़ाई जाती हैं इस शो में 🤬
और वहां पर पैनल में बैठे लोग उसे पर तालियां मार जाते हैं और हंसते हैं खिलखिलाकर जब यह सब होता है ।
@acyadav_IND अगर सभी सनातनी एक हो जाए तो कहीं की भी सरकार हो सनातन विरोधी तुगलकी फतवा जारी करने से पहले 100 बार सोचेगी।
Stop Ridicule of Sanatan Dharma
#सनातन_धर्म_का_उपहास_बंद_करो