ये विडियो कुवैत की है
जहां एक अरबी के घर बच्चा हुआ
जिसकी खुशी में उसने रोड से जाते दो लोगों को रोका
और कहा आज मेरे घर बच्चा हुआ है मैं बहुत खुश हूं।
मैं तुम्हारे साथ अपनी खुशी बांटना चाहता हूं आओ मेरे साथ कहकर इन लोगों को एक एटीएम पर ले जाता है
सबसे बड़ी बात उस अरबी ने ना तो उनका नाम पूछता है और ना ही धर्म जबकी आप देखकर समझ सकते दोनों हिन्दू भाई हैं
एटीएम मशीन में कार्ड और पासवर्ड डालकर कहता है अपनी मर्ज़ी से जितना तुम्हें चाहिए वो डालो रकम इस पर एक शख़्स कहता है 100 दीनार इंडियन 30000, अरबी शख़्स फैसला उस पर छोड़ता है पहला व्यक्ति सौ 100 दीनार निकालकर रख लेता है
इससे दूसरे को यक़ीन हो जाता है सच में उसने पैसे दे दिए इसलिए वो डबल 200 दीनार यानी तक़रीबन साठ हज़ार 60000 से अधिक डालकर ले लेता है,,और दुआ देता है
इस पर अरबी बोलता है नहीं नहीं रोको अभी आओ मेरे साथ और दोनों को लेकर हाइपर मार्किट जाता है और कहता है जो चाहिए ख़रीद लो चाहे पूरा मार्किट फ़िर दोनों शख़्स खुश होकर वहां शापिंग करते हैं
यही तो अच्छाईयां हैं इस्लाम की और इस्लाम के तालीम की जो सामने आ जातीं हैं ।।
आप किया कहेंगे इस अरबी शख्स को...
दिल्ली : प्रदर्शन में पुलिस ने पिता को हिरासत में लिया, मां की गोद में रोती रही बच्ची
◆ वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
#Delhi | Delhi | #DelhiProtest | Delhi Protest
जंतर मंतर में बीजेपी सपोर्टर पति को लेकर आई महिला. छात्रों के मुद्दे और प्रदर्शन पर पति ने क्या बताया? देखिए विकास और उदित की जंतर मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट.
पूरी रिपोर्ट : https://t.co/FbgSkgNUEF
@vikasvermaindia
''पीएम मोदी ने एक्शन लेने में देर कर दी...''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पीएम मोदी के ट्वीट पर जंतर मंतर पर मौजूद स्टूडेंट्स और लोग क्या कह रहे हैं, यही समझने की बीबीसी ने कोशिश की.
जंतर-मंतर से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के नितिन श्रीवास्तव और संदीप यादव
@Tweetnitins
तूँ ज़िन्दा है तो ज़िंदगी की जीत पर यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
ये ग़म के और चार दिन सितम के और चार दिन
ये दिन भी जाएंगे गुज़र गए हज़ार दिन
कभी तो होगी इस चमन पे भी बहार की नज़र।
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर।
सलाम जिग्ना
ઝિંદાબાદ દીકરી
कल मैंने ऑनलाइन खाना बुक करके जंतर- मंतर भेजने वाली एक महिला से बात की . मुंबई में रहने वाली ऋचा ने क्या कहा सुनिए.
देश भर से लोग प्रोटेस्ट करने वालों के लिए ऐसे ही खाना भेज रहे हैं . न भेजने वाला जानता है कि उसका खाना कौन खा रहा है , न खाने वाला जानता है कि वो किसका भेजा खाना खा रहा है .
कमाल हो रहा है .
इतिहास बन रहा है .
अगर मुसलमान अपनी स्टॉल लगाकर खाना खिलाने लगें तो नफ़रती गिरोह उन्हें पाकिस्तानी कहने लगेगा . अगर कोई सरदार जी लंगर चलाने लगेंगे तो उन्हें खालिस्तानी घोषित कर दिया जाएगा लेकिन इन्हें क्या कहोगे ?