બાળકોના ચહેરા પરની ખુશી અને તેમની આંખોમાં ઝળહળતા ઉજ્જવળ ભવિષ્યના સપનાઓ એ જ અમારી સાચી મૂડી...
છોટાઉદેપુર જિલ્લાના કવાંટ તાલુકાના આંબાડુંગરની માણુંકલા ફળિયા પ્રાથમિક શાળા તથા હાફેશ્વરની આમલાપાણી પ્રાથમિક શાળા ખાતે અત્યાધુનિક સુવિધાઓથી સજ્જ ‘સંકલ્પ વિદ્યોદય’(1/4)
There is a FAKE RUMOUR spreading that there is a crack in *Madhuban Dam and High Inflow is there in Kolak and Daman Ganga River.*
"The News is FAKE" @CMOGuj@SEOC_Gujarat@InfoValsadGoG
સૌ નાગરિકોને જણાવવાનું કે સોશિયલ મીડિયા પર મધુબન ડેમમાં તિરાડ પડવા અંગે તેમજ કોલક અને દમણગંગા નદીમાં ભારે પૂર અંગે ફેલાઈ રહેલા સમાચારો તદ્દન પાયાવિહોણા અને ખોટા છે.
ડેમ સંપૂર્ણપણે સુરક્ષિત છે, નાગરિકોને વિનંતી છે કે આવી કોઈ પણ અફવાઓ પર વિશ્વાસ ન કરવો અને તેને આગળ શેર ન કરવી.
बॉलीवुड के असली 'खिलाड़ी' संघर्ष, सफलता और सादगी की मिसाल 'अक्षय कुमार'
भारतीय सिनेमा में जब भी अनुशासन, कड़ी मेहनत और बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) की बात आती है, तो एक नाम सबसे ऊपर उभर कर आता है अक्षय कुमार। राजीव हरी ओम भाटिया से बॉलीवुड के 'खिलाड़ी कुमार' बनने का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बिना किसी गॉडफादर के, सिर्फ अपने दम पर इंडस्ट्री में तीन दशकों से राज करना उनकी अटूट लगन को बयां करता है।
अक्षय कुमार का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। पुरानी दिल्ली की तंग गलियों से लेकर बैंकॉक के रेस्तरां में शेफ और वेटर का काम करने तक, उन्होंने जीवन के हर रंग को बेहद करीब से देखा है। मार्शल आर्ट्स में उनकी गहरी रुचि ने उन्हें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि उनके भीतर एक ऐसा अनुशासन पैदा किया जो आज भी उनके काम में झलकता है। जब उन्होंने 90 के दशक में फिल्मों में कदम रखा, तो अपनी एक्शन इमेज और 'खिलाड़ी' सीरीज से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली।
अक्षय कुमार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने खुद को कभी किसी एक दायरे में नहीं बांधा।
'मोहरा', 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी' और 'सूर्यवंशी' जैसी फिल्मों में उन्होंने बिना बॉडी डबल के खतरनाक स्टंट्स करके खुद को एक्शन किंग साबित किया।
हेरा फेरी', 'भूल भुलैया', 'गरम मसाला' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग का कोई मुकाबला नहीं है। आज भी मीम्स की दुनिया में उनकी कॉमेडी फिल्मों के सीन्स राज करते हैं।
पिछले कुछ सालों में उन्होंने 'पैडमैन', 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा', 'मिशन मंगल' और 'एयरलिफ्ट' जैसी फिल्मों के जरिए समाज में जरूरी बदलाव की अलख जगाई और सिनेमा को एक नई दिशा दी।
जहाँ बॉलीवुड में लेट-नाइट पार्टियां और देर से उठना एक आम बात मानी जाती है, वहीं अक्षय कुमार इसके बिल्कुल उलट हैं। वे सुबह 4 बजे उठते हैं, नियमित व्यायाम करते हैं और रात को जल्दी सोते हैं।
वे किसी भी पार्टी या फालतू की गॉसिप से दूर अपने परिवार और काम को प्राथमिकता देते हैं। उनका यही अनुशासन उन्हें साल में 4-5 फिल्में करने की ताकत देता है, जो किसी भी अन्य सुपरस्टार के लिए मुमकिन नहीं है।
अक्षय सिर्फ पर्दे पर ही हीरो नहीं हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी वे एक संवेदनशील इंसान हैं। देश पर जब भी कोई विपत्ति आई हो, चाहे वह कोरोना महामारी हो या बाढ़ का संकट, उन्होंने हमेशा करोड़ों रुपये का दान देकर मदद का हाथ बढ़ाया है।
भारतीय सेना के जवानों के परिवारों की मदद के लिए 'भारत के वीर' ऐप की शुरुआत करना उनकी देशभक्ति और नेकदिली का सबसे बड़ा उदाहरण है।
अक्षय कुमार आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज हैं। वे सिखाते हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर आपके पास अनुशासन, कड़ी मेहनत और सही नीयत है, तो आप दुनिया के किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
सिनेमा की दुनिया में स्टंट्स के लिए खुद को आग लगाने से लेकर, दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की लौ जगाने तक अक्षय कुमार सचमुच बॉलीवुड के एवरग्रीन।
किया आपको अक्षय कुमार की मूवी एक्शन और एक्टिंग ने दिल जीता है देखे विडियो और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं 👇
Noor shaiyrilife ❤️
गुजरात….!!
लगातार पच्चीस साल से…
बिना किसी लाग लपेट के…
बिना किसी if and but के…
भाजपा को चुना…
तेरह साल बिना केंद्र की मदद के…
और बारह साल केंद्र के साथ मिलकर…
बदलाव आपके सामने है…!!!
Customer cancels gold booking for his wife after PM's appeal.
CUSTOMER : I am cancelling my order. PM has said so.
MAN : Are you sure? How will you manage that wedding then?
CUSTOMER : We’ll manage with the old ones kept at home. Nothing is above the Country 🫡🔥