Mr suresh but many sectors are lagging. Like education,health ,employment, environment extra. Government is doing good in infrastructure, defense sector but other sectors.
Bhagwan malik hai
@ShrutiDhore If she is the Gen Z, God save this country. If her parents are not able to tell her the development that has happened in 22 yrs, as Gen Z she shud know better. Growing fastest at 7%, 4th largest economy at $ 4.3 tn, Defence exports at ₹ 35K cr the list is long.
आजकल जवान भी स्नातक होते हैं, वो भी scc से आते हैं So की तरह। सिपाही से Dg तक पदोन्नती का अवसर मिलना चाहिए। उनको और व्यवहारिक अनुभव होता हैं, ना So,ना Go और ना आईपीएस। ये मांग रखिए आप ।सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।So से ज्यादा अनुभव हैं जवानों के पास।
अमृतकाल में CAPF सिपाहियों को उल्टा फीता
पहले सुलटी फीती पर लांस नायक को 15 रुपए अलाउंस मिलता था
कौन बाबू लोग है ये जिन्होंने प्रमोशन के नाम पर 10 लाख सिपाहियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया
माननीय दिल्ली हाई कोर्ट दुआरा अर्धसैनिक बलों के हक में ११ जनवरी २०२३ के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में लटकाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है
अब काला क़ानून ला कर CAPF के 13 हज़ार कैडर ऑफिसर पद्दौनती पर हथौड़ा मार दिया
काले अंग्रेजों दुवारा अब वीरांगनाओं को चिन्हित कर ऑफ़िसर्स का नार्थ ईस्ट राज्यो में तबादला किया जा रहा है ग़ैरजिम्मेदाराना ओछी हरकत हो रही है
ये सब अपने को सच्चा देशभक्त बताने वालों की नाक के नीचे हो रहा है
कोई सुन नहीं रहा 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार जाएं कहाँ किस को फ़रियाद करे?
UP : पुलिस इतिहास में पहली बार बड़ा कांड हो गया
➡कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को ITBP ने घेरा
➡ITBP के जवानों ने कमिश्नरेट में डेरा डाला
➡कानपुर पुलिस की घिग्घी बंधी
➡कानपुर पुलिस कमिश्नरेट पर ITBP का कब्जा
➡ITBP के हथियार बंद कमांडो ने CP ऑफिस घेरा
➡पुलिस के इतिहास में पहली बार अर्धसैनिक बलों ने कमिश्नरेट घेरा
➡CP ऑफिस में तैनात पुलिस वाले पीछे हटे
➡ITBP कमांडो की मां का हाथ कट गया था
➡इलाज में लापरवाही का वीडियो वायरल हुआ था
➡पुलिस ने मदद नहीं की तो ITBP ने घेर लिया
#Kanpur #ITBP #PoliceCommissionerate @ITBP_official@kanpurnagarpol@Uppolice@dgpup
Salute the ITBP commandant who stood his ground for his jawan knowing well that it might adversely effect his career
A leader with a spine
Hope @ITBP_official appreciate it
🫡
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, सादर प्रणाम।
बीबीसी हिंदी सेवा के माध्यम से मैं आपसे केवल एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ—
जब सर्वोच्च न्यायालय ने CAPF कर्मियों को न्याय दिया था, तो आपकी सरकार ने काला कानून CAPF Act 2026 लाकर उस न्याय को अन्याय में क्यों बदल दिया?
आख़िर ऐसा क्या कारण था कि देश की सीमाओं, आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने वाले लाखों CAPF जवानों को मिला सर्वोच्च न्यायालय का न्याय वापस छीन लिया गया?
बस यही एक प्रश्न।
सादर शुभकामनाओं सहित।
#Bigbreaking
CAPF now seeks PM @narendramodi intervention into what's india's longest service battle over growing concerns of resentment.
Experts from judiciary voices for legal sanctity of Supreme courts; its respect & validation by legislatures.
@ANI@PMOIndia@BharatKeVeer
I left for bombay at 6.30 am like the hard working professional that I am & stopped the car at 7 am to make this reel as I’ve long realised that silence is not a virtue & one must speak up when they are disrespected. Yes if wrong things happen at any workplace that are against basic human rights, me & all of us should speak up. I don’t care about the personal trolling, I’m used to it last 5 years since shark tank but the purpose of this reel is to request all the proud Indians in this country to start speaking up when they see something wrong, out of humanity, out of patriotism. Jai hind. Now off to another joyful & complex day at work !
प्रिय अमित भाई,गृह मंत्री भारत सरकार l
कल आप संसद में महिलाओं के अधिकारों की बात करते हुए कह रहे थे कि देश की आबादी की ५० % संख्या महिलाओं की है और उन्हें उनका हक मिलना चाहिए l यह बात सही है लेकिन महोदय हाल ही में आपकी सरकार और पार्टी ने द्वारा संसद में सीएपीएफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 को पारित कराते समय जिस प्रकार उत्सव का माहौल बनाया गया, वह इन बलों के हजारों-लाखों सैनिकों के मन में गहरी पीड़ा और आक्रोश पैदा करता है। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जब इन बलों के लगभग 99% कर्मियों को उनके वैध अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, तब इस पर जश्न मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
क्या यह कदम उन सैनिकों के आत्मसम्मान, उनके योगदान और उनके दशकों लंबे संघर्ष की अनदेखी नहीं है? ये वही जवान हैं जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित की, लेकिन जब उनके अधिकारों और सम्मान की बात आई, तो उन्हें उपेक्षित महसूस कराया गया।
यह केवल नीतिगत निर्णय का प्रश्न नहीं है, बल्कि विश्वास और न्याय का भी विषय है। जब निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव के आधार पर लिए जाते हैं और बहुसंख्यक कर्मियों की आवाज़ अनसुनी कर दी जाती है तो इससे न केवल इन बलों के सैनिकों का मनोबल गिरता है, बल्कि संस्थागत विश्वास भी कमजोर होता है।
सबसे अधिक पीड़ादायक दृश्य तब सामने आता है जब इन सैनिकों के परिवार—विशेषकर उनकी महिलाएँ—कड़कती धूप में Rajghat जैसे स्थान पर बैठकर अपने परिजनों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने को विवश होती हैं। यह स्थिति हम सभी के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और आत्ममंथन का विषय है।
महोदय, अभी भी समय है। आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस विषय पर पुनर्विचार करें, इस सी ए पी एफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल २०२६ को वापिस ले और संवाद का रास्ता खोलें, और ऐसा समाधान निकालें जो न्यायसंगत, संतुलित और इन बलों के मनोबल को सुदृढ़ करने वाला हो।
“देर आये दुरुस्त आये”—यदि नीयत स्पष्ट हो और निर्णय न्यायपूर्ण हो, तो सुधार का हर कदम स्वागत योग्यl
@AmitShah@HMOIndia@NarenderModis@PMOIndia@the_hindu@htTweets@thetribunechd@RahulGandhi@kharge@kamalkant1961
Mr Lodhi framing rule for own benfit is not national intrest or coordination. It is just suppression of dream of cader officer's, capf bill demotivating action . Frustration & dissatisfaction are at peak in capf. No personal grudge to any service,want our right declared by Sc.
Sir,
In case of any grievance, there are legal and official ways of correcting it.
I respect the way you put your points. We can always agree to disagree and debate more on points but what is more painful is to see engagement of fake trollers by the CAPF AC Lobby who don’t have any identity or real life credentials and goes to low extent and number of veterans actively promoting them shows that all of them are together in this campaign.
आज वह तारीख है जो भारतीय सैन्य इतिहास में अदम्य साहस, वीरता और स्वाभिमान की प्रतीक है.
आज #CRPF_शौर्य_दिवस है.
यह दिन केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं है, बल्कि उन वीरों की गाथा है जिन्होंने साबित किया था कि संख्या बल से बड़ा जिगरा और संकल्प होता है
बात 9 अप्रैल, 1965 की है. गुजरात के कच्छ के रण में स्थित #सरदार_पोस्ट पर पाकिस्तानी सेना की एक पूरी ब्रिगेड लगभग 3500 सैनिक ने अचानक हमला कर दिया था.उनके सामने खड़े थे CRPF की दूसरी बटालियन के मात्र 150 जांबाज.
एक तरफ अत्याधुनिक हथियार और भारी तादाद, दूसरी तरफ सीमित संसाधन लेकिन असीमित हौसला. उस रात रण की रेतीली जमीन गवाह बनी एक ऐसे चमत्कार की, जिसकी कल्पना दुश्मन ने भी नहीं की थी.
12 घंटे तक चली भीषण गोलाबारी के बीच #सीआरपीएफ के जवानों ने न केवल दुश्मन को रोका, बल्कि उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.
दुश्मन के 34 सैनिकों को ढेर किया और 4 को जीवित बंदी बनाया. इस गौरवमयी युद्ध में हमारे 6 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया.
राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा की 'रीढ़'
#CentralReservePoliceForce आज दुनिया का सबसे बड़ा #अर्धसैनिक_बल है, लेकिन इसकी पहचान सिर्फ इसकी संख्या से नहीं, बल्कि इसके 'बहुआयामी साहस' से है.
#नक्सल मोर्चे पर ढाल बन कर घने जंगलों में छिपे खतरों से देश को बचाना.
#आतंकवाद के विरुद्ध प्रहार करके #कश्मीर की वादियों में शांति बहाल रखना.
पूर्वोत्तर में शांतिदूत बनकर दुर्गम पहाड़ियों में देश की #अखंडता की रक्षा करना.
चुनाव और आपदा में लोकतंत्र के महापर्व को सुरक्षित संपन्न कराना हो या प्राकृतिक आपदा में फँसे लोगों के लिए देवदूत बनना. यानी कि 'तेजस्वी नवधीतमस्तु' का मंत्र इनके रग-रग में है.
आज का दिन उन परिवारों को नमन करने का है, जिन्होंने अपने लाल, अपने सुहाग और अपने पिता को राष्ट्र की वेदी पर समर्पित कर दिया.सीआरपीएफ का हर जवान एक जलती हुई मशाल है, जो खुद तपकर 147 करोड़ देशवासियों की नींद को सुरक्षित रखता है.
"वीरता, वफादारी और सेवा" के इस उत्सव पर सभी सीआरपीएफ कर्मियों, उनके परिवारों और देशवासियों को शौर्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
जय हिन्द! 🇮🇳
#CRPFValourDay #ShauryaDiwas #SardarPost #IndianHeroes #CRPF #SaluteToBraves
#capfvoicesignored
#capfbill_काला_कानून
#OPS #OGAS
Its’s high time CAPF officers are sent as SPs and SSPs. Since IPS officers are already heading CAPFs, managing their own manpower on ground clearly isn’t their strongest skill. Share your views. #ServingBrigadierAssaulted
Dear Sh Brijlal Sir, you are name in UP in handling Law/Order with iron fist. You were DGP & now MP in Upper House. You also worked as IG in RPF & contributed by coordination liason with SP/DM. It’s surely matter of pride but today RPF is without any IPS/IG and RPFS officers are doing the job. True, in early years minuscule % of IPS served as Coy Cdr, Dy Comdt, Comdt in CAPFs ( because Cader was growing in rank & profile in new Org. No cader Officer was CO or DIG) therefore IPS officers worked as AC,DC,CO as their Seniors were either IPS or State Police Comdt or Army Officers. Contrary to that, CAPFs have currently 118 posts in DIG rank for IPS but approx 80 posts are unfilled. Answer lies 👉🏻Mostly DIG level Hqrs are in very difficult areas & also why a SUPERIOR DIG will work in CAPFs where 50% IsG are fm Cader ? It’s not proper for him to be posted under a Cader IG. Pl look into past ( example of BSF). Cader officers became CO or DIG very late. AC ( DE) Spclly became Comdt in 1990, DIG 1998, IG in 2003 & 1 ADG in 2009. Reg superiority, we select the BEST suited for specific jobs through comparative Exams. All candidates apply for IAS but only few get it. So number of papers can’t determine superior or inferior jobs. A warrior General saviour of the nation may not be academically as brilliant as a Scientist. So he can’t be less SUPERIOR
“If the paramilitary officers are there just for ceremonial purposes, then there is no point in having them,” says Sheoran. “We cannot just be there to lose our limbs in IED blasts.”
https://t.co/NmjOmwOJO1
CRPF शौर्य दिवस पर फोर्स के हमारे साहसी और वीर जवानों को हार्दिक बधाई और सादर नमन।
आपका साहस और बलिदान हर दिन हमारे देश की रक्षा करता है। आप सीमाओं पर तैनात रहकर देश को सुरक्षित रखते हैं, आतंकवाद और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, और लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव, चुनावों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाते हैं।
लेकिन सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं होती। वर्षों के त्याग, तपस्या और सेवा के बावजूद CAPF जवानों को न तो समय पर प्रमोशन मिलता है, न ही अपनी ही फोर्स का नेतृत्व करने का अधिकार - क्योंकि शीर्ष पद फ़ोर्स से बाहर के लोगों के लिए आरक्षित हैं।
CAPF के जवान विशेष प्रशिक्षण, जमीनी अनुभव और गहरी रणनीतिक समझ रखते हैं - इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिये से भी यह जरूरी है कि इन बलों का नेतृत्व उसी सिस्टम से आने वाले लोग करें, जो उनकी चुनौतियों और जरूरतों को सही मायनों में समझते हों।
नेतृत्व के अवसरों से वंचित रखने से लेकर वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों तक - यह संस्थागत अन्याय उन जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, जो अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित कर देते हैं।
यह सिर्फ़ करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है।
मैं और कांग्रेस पार्टी आपका पूरा आदर और आपसे मोहब्बत करते हैं और ये मानते हैं कि अपने फ़ोर्स में आपकी तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका हक है - हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और CAPF जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा।
देश आप वीरों का ऋणी है - अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।
जय हिंद! 🇮🇳
A free wheeling interview with senior journalist Shadab Siddique ji. एमपी कांग्रेस से मेरा जुड़ाव कर्नल मुशरान जी के कारण हुआ १९८० के दशक मे हुआ।एमपी और छत्तीसगढ़ के अधिकतम लीडर्स की जटिल से जटिल समस्याओं को सुलझाने में मदद की।कमलनाथ जी,दिग्विजय जी इसके सबसे नज़दीक साक्षी हैं।