दिवस किसका मनाया जाता है ये आप सब जानते हैं।
किसी एक ख़ास दिन के प्रलाप में क्या रखा है,सोचकर देखिए इससे हिंदी का उद्धार होगा क्या?
पहले की तरह ही आज भी हम यही कहेंगे कि हिंदी ख़ूब पढ़ा जाए,लिखा जाए और जम के बोला जाए।इस दिवस की सार्थकता सार्वभौम हो जाएगी।
ज़िन्दाबाद रहिए।
करोड़ों युवाओं के सपने और अरमान रोज़ सुबह मिल्टन के टिफ़िन में बंद होकर ऑफिस पहुँचते हैं और फिर शाम को नल के जल से धुलकर उसी में विसर्जित हो जाते हैं।
ज़िन्दाबाद रहिये।
दिवस किसका मनाया जाता है,आप जानते हैं।
किसी एक ख़ास दिन के प्रलाप में क्या रखा है!सोचकर देखिए इससे हिंदी का उद्धार होगा क्या?
पहले की तरह ही आज भी हम यही कहेंगे कि हिंदी ख़ूब पढ़ा जाए,लिखा जाए और जम के बोला जाए���इस दिवस की सार्थकता सार्वभौम हो जाएगी।
ज़िन्दाबाद रहिए।
समय के साथ सब बदलता है।
वर्तमान भी इतिहास हो जाता है,ठीक वैसे ही जैसे सामने खड़ा आज कल होकर बिता हुआ कल हो जाता है।
सबकुछ गतिमान है,यह काल भी।
पर काल के चाल को कोई भाँप न सका है,न भाँप पाएगा।😊
ज़िन्दाबाद रहिए।
कुछ भी शाश्वत नहीं।
�� रूप,न रंग,न यौवन,न सौंदर्य,न सफलता,न असफलता,न वैभव और ना ही यह हाड़-माँस का देह।
सार्वभौम और शाश्वत बस एक ही है,वह है एक दिन इस लोक को विदा कह जाना।
नमन आपको और आपके नाच सहित आपके घुँघरुओं को रामचंद्र जी।
विनम्र आदरांजलि।🙏@TripathiiPankaj @divyanshisumrav
पूरे देश को अब 'अग्निपथ मॉडल' में झोंका जा रहा है।
जिनको कल तक सेना में अग्निवीर अच्छा लग रहा था, वो लोग अब अपने लिए भी तैयार रहें।
क्योंकि इस सरकार का इरादा है नौकरियों को पूरी तरह नष्ट करके युवाओं के भविष्य को ठेके पर रखने का।
#HallaBolYatra में भी हम इस बात को रख रहे हैं!
@Microtek_UPS
We are suffering like anything.Our business is also getting affected due to your negligence and irresponsible behaviour.please look into the matter as soon as possible.
आपके-हमारे बीच ये लोक जीवित रहे।दिल में सजा के रखना है लोक को और हर लोक कलाओं को।
लोक कलाओं का सामाज के एकीकरण में अतुल्य योगदान होता है।
लोक बचा रह गया फिर आ��� ��र हम न होकर भी सदा आबाद होंगे।
स्वतंत्रता के इस पावन दिन की सबको ख़ूब बधाई और शुभकामनाएँ।
ज़िन्दाबाद रहिए।