छत्तीसगढ़ के लगभग 12 हजार मनरेगा कर्मचारी, शासन की उदासीनता के कारण अब करेंगे आंदोलन!
दो दशक से सेवा देने के बाद भी मनरेगा कर्मचारी सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए तरस गए है!
दो साल से आवेदन-निवेदन से कोई रास्ता नही निकला!
कमेटी बनने के 17 महीने बाद भी ठोस नीति नही बनी
20 साल सेवा देने के बाद भी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा के लिए तरस रहे मनरेगा कर्मचारी!
अब VB- G RAM G योजना को फील्ड मे उतारने की जिम्मेदारी भी!
क्या डबल इंजन की सरकार मे, केवल कमेटी बनाकर छोड़ देना है?
आखिर कमेटी बनने के 17 महीने बाद भी कोई ठोस नीति क्यो नही बनी?
राजस्थान और उत्तराखंड मे बिना मोदीजी की गारंटी के भी संविदा कर्मचारियों की नौकरी पक्की हो रही है
छत्तीसगढ़ में मोदीजी की गारंटी और डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद संविदा कर्मचारियो के नियमितीकरण के लिए कोई ठोस पहल नही हो रही!
क्या संविदा मुक्त छत्तीसगढ़ का सपना पूरा हो पाएगा?
झारखंड मे मनरेगा कर्मचारियो के वेतन/मानदेय मे 30% की वृद्धि का प्रस्ताव
झारखंड राज्य ग्रामीण रोजगार गांरटी परिषद की बैठक मे प्रस्ताव पर लगी मुहर!
छत्तीसगढ़ मे डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी मनरेगा कर्मचारियो को अब तक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध नही हो सका!
#MGNREGA
मोदी की गारंटी 2023 पत्र की गई वादा : छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023 पत्र के “वचनबद्ध सुशासन” अंतर्गत बिंदु क्र. 2 में एक कमिटी गठित कर कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए समीक्षात्मक प्रक्रिया प्रारंभ करने का उल्लेख किया है|
NHM स्वास्थ्य कर्मचारियों का वेतन कब मिलेगा स्वास्थ्य मंत्री @ShyamBihariBjp जी?
डबल इंजन सरकार के पास अपने सरकारी कर्मचारियों को भी देने के लिए पैसे नहीं बचे हैं क्या?
छत्तीसगढ़ सरकार ने NHM स्वास्थ्य कर्मचारियों को पिछले दो महीने का वेतन नहीं दे पाई है। छत्तीसगढ़ के अधिकतर NHM स्वास्थ्य कर्मचारी दूसरे जिलों में पदस्थ हैं। कई स्टॉफ नर्स बहनें तो अपने घर-परिवार अंबिकापुर, जशपुर, चिरिमिरी से 600-700 किलोमीटर दूर अकेली बस्तर में कार्यरत हैं। उन्हें मकान किराया देना है, सब्जी-राशन लेना है, गाड़ी पेट्रोल डलाना है, मोबाइल रिचार्ज कराना है, बिजली का बिल भरना है। किसी को स्कूटी का किस्त भरना है, किसी को मोबाइल का किस्त पटाना हैं। इसके बाद उनके पास कुछ पैसे बचे तो घर भेजने का सोचें। पर यहां तो 2 महीने से बिना वेतन के खाली हाथ बैठे हैं।
जब सरकार मरीजों की सेवा करने वाले, आपातकालीन सेवा वाले, स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ NHM स्वास्थ्य कर्मचारियों पर ध्यान नहीं देती तो वो उम्मीद भरी नजरों से हमारी ओर देखते हैं कि हम उनकी आवाज उठायें और सरकार तक उनकी बात पहुँचाएं और सरकार को जगायें।
मंत्री और अधिकारियों की वेतन भत्ते और पेंशन समय पर मिल जाते हैं और मरीजों की सेवा करने वाले NHM स्वास्थ्य कर्मचारियों को उधार लेकर जीवन यापन करना पड़ रहा है। यही फायदा हो रहा है छत्तीसगढ़ को डबल इंजन सरकार का।
#Chhattisgarh #NHM #डबल_इंजन_सरकार_स्वास्थ्य_बेहाल
@vishnudsai@ChhattisgarhCMO@ArunSao3@ShyamBihariBjp@bhupeshbaghel@DeepakBaijINC@TS_SinghDeo@DrCharandas@CGNHM1@SatyaBaat007@cgsvskm@SanvidaMisana@CGRHO11@cgmgnregaunion@cgmgkm@BJP4CGState@INCChhattisgarh
छत्तीसगढ़ मे संविदा कर्मचारियो की कोई सुध लेने वाला नही!
संविदा NHM कर्मचारियो का दो माह से वेतन रूका
आंदोलन समाप्ति के बाद बनी सहमति के बावजूद बर्खास्त कर्मचारियो का बहाली आदेश भी अटका!
संविदा कर्मचारियो के लिए मोदीजी की गांरटी भी फेल साबित हो रही है!
@CGNHM1@cgsvskm
मध्य प्रदेश मे संविदा कर्मचारियो के समस्याओ के निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है!
लेकिन छत्तीसगढ़ मे
मोदी जी की गारंटी के बावजूद भी संविदा कर्मचारियो के समस्याओ का निराकरण नही हो पा रहा है!
शायद, 100 दिन मे संविदा कर्मचारियो की समस्याओ को सुलझाने के वादे को भूल गए है?
जब मध्य प्रदेश मे संविदा कर्मचारियो की वेतन वृद्धि की जा सकती है
तो छत्तीसगढ़ मे क्यो नही?
छत्तीसगढ़ मे डबल इंजन की सरकार की होते हुए भी संविदा कर्मचारियो की ऐसी स्थिति क्यो?
क्या संविदा कर्मचारियो को आर्थिक सुरक्षा पाने का अधिकार नही है?
@PMOIndia@narendramodi@BJP4India
राजस्थान मे मनरेगा(संविदा) कर्मचारियो की नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है
लेकिन छत्तीसगढ़ मे 100 दिन मे संविदा कर्मचारियो के समस्याओ को सुलझाने वाली मोदीजी की गांरटी अभी तक अधूरी ही है!
क्या संविदा कर्मचारियो के लिए मोदीजी की गारंटी अधूरी ही रहेगी?
@narendramodi@vijaybaghelcg