@myogioffice@myogiadityanath@JaswantSainiBJP जिला एटा तहसील जलेसर के नगर पालिका परिषद के घंटाघर पर बने शराब का ठेका है उसी के सामने सुभाष चंद्र बोस का समाधि स्थल हैं जो हम महापुरूष का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेगे जुलाई तक ठेका बंद नहीं होता तो शासन प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा
महोदय,मैंने UP Police का फॉर्म भरा था। फॉर्म में गलती से मेरा Gender Maleभर गया है कृपया इसे सुधार कर Femaleकरने कि कृपा करे वंशिका यादव रजिस्ट्रेशन संख्याUPP00512132C रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर 7668980546 गलत जेंडरMale सही जेंडरFemale @dgpup@rangealigarh@Uppolice@Igrangelucknow
बिजली चोरी पर विभागीय मिलीभगत के आरोप, बेरनी उपकेंद्र क्षेत्र में उठे सवाल
ग्रामीण बोले- चेकिंग अभियान केवल औपचारिकता, निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर हो कार्रवाई
एटा। जनपद के जलेसर तहसील क्षेत्र के बेरनी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बिजली चोरी को लेकर ग्रामीणों और ईमानदार उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी कथित मिलीभगत के चलते बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से बिजली चेकिंग अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं देता। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार बेरनी विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में लंबे समय से खुलेआम बिजली चोरी की जा रही है। आरोप है कि कई स्थानों पर कटिया डालकर तथा अन्य अवैध तरीकों से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इससे एक ओर बिजली निगम को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय टीमें समय-समय पर चेकिंग अभियान के लिए गांवों में पहुंचती हैं। अभियान के दौरान कुछ घरों पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन इसके बाद अधिकांश मामलों में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती। ग्रामीणों का आरोप है कि कई मामलों में कार्रवाई को आगे बढ़ाने के बजाय कथित रूप से समझौता कर लिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ईमानदार उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली चोरी के कारण लाइन लॉस बढ़ता है, जिससे क्षेत्र में लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उनका कहना है कि जो उपभोक्ता समय पर बिल जमा करते हैं, उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है, जबकि बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि बेरनी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में बाहरी अधिकारियों की विशेष टीम भेजकर औचक निरीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक होने पर स्थानांतरण भी किया जाए। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच होने से बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा और विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि बिजली चोरी केवल राजस्व का मामला नहीं है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने, लाइन में फाल्ट आने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में बिजली चोरी रोकना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच कराई जाए। साथ ही नियमित और निष्पक्ष चेकिंग अभियान चलाकर बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी राजस्व की सुरक्षा हो सके और ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की भी रक्षा हो।
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जिला शामली तहसील कैराना के गाँव काकोर पानीपत रोड पर बने मदरसे में बच्चे जमीन पर पढ़ते हैं मेरी बहन इकरा हसन जी और dm शामली आपसे निवेदन है कि मदरसे में आप कुछ मदद करे @IqraMunawwar_@dm_shamli