Instead of going after criminals, UP Police is wasting its time going after our volunteer Mohd Junaid who has been serving food and water to people.
Now they’re harassing him and his family in UP. Our team is in touch with him and we will never let them victimize him or his family.
It is no longer shocking how this govt responds to dissent, but we will not be intimidated by these cowards. Every illegal action of the Police will be challenged in courts.
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
तरुणांचा आवाज आणि ताकद आज थेट दिल्लीपर्यंत पोहोचली आहे!
विद्यार्थ्यांचा हा ऐतिहासिक लढा बघून आम्ही सगळे त्यांचे फॉलोअर्स झालो आहोत. या हुकूमशाही सरकारला बॅकफूटवर ढकलण्याची ताकद फक्त आपल्या देशातील तरुणाईमध्ये आहे, आणि याचा मला सार्थ अभिमान आहे!
आम्ही इथे फक्त विद्यार्थ्यांच्या पाठीशी उभे राहायला आलो आहोत. या आंदोलनात विद्यार्थ्यांना कोणी हात लावणार नाही आणि कोणावरही अन्याय होऊ देणार नाही, हा आमचा शब्द आहे.
हा लढा तुमचा आहे आणि ही ताकदही तुमचीच आहे! या संपूर्ण आंदोलनात मुंबई पोलिसांनी दिलेल्या उत्तम सहकार्याबद्दल त्यांचे विशेष आभार!
येणाऱ्या २६ जुलैच्या 'तिरंगा मार्च'मध्ये असाच अभूतपूर्व प्रतिसाद द्या... २६ जुलैला भेटूया!
विद्यार्थ्यांच्या हक्कांचा हा लढा असाच सुरू राहील!
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
This isn’t just about NEET paper leaks. It’s a revolt against feeling generally suppressed in a democracy & the mainstream media’s brainwashing.
As a father of two, I know first hand : suppressing & brainwashing today’s youth will never work.
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
The Brutality Of 20th July By RAF & Delhi Police, Will Not Be Let Go Off By Us!
Every single officer will be held responsible, every officer who attacked protesters, and molested females will be held accountable.
We will put FIR on everyone responsible, these Gundas will not be spared.
Soon we will launch website so everyone can upload photos and videos of such officers.
Sab Yaad Rakha Jayega, Jimmedaron Ko Jail Bhi Daala Jayega
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।
दिल्ली पुलिस ने कहा “पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया।”
सफ़दरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में लिखा है “छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गय।”
ओ “पत्तलकारों” अब डॉक्टर भी देशद्रोही हैं?