भूले तो नहीं हैं ये चेहरा,ये नाम..मुदासिर अहमद शेख़। कश्मीर उन्हें बिंदास भाईजान के नाम से जानता था। 32 साल के नौजवान ने बारामुला में 3 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था।
26 जनवरी को उनकी शहादत को शौर्य चक्र से अलंकृत किया जाएगा। हिंद को अपने शहीद सपूत पर नाज़ है। 🙏🏼