राणा पूंजा भील का संबंध मेवाड़ के भोमट क्षेत्र से माना जाता है। वे भील समुदाय के प्रमुख योद्धा और नेतृत्वकर्ता थे। अरावली के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों की जानकारी के कारण वे छापामार युद्ध कला में निपुण थे।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
मानगढ़ की हवाओं में आज भी उन 1500 शहीदों की सिसकियाँ गूँजती हैं। हमारी माटी, हमारा स्वाभिमान, हमारा भील प्रदेश! चलो मानगढ़, अपनों को जगाने।
#भीलप्रदेश_संदेश_यात्रा#WeDemandBhilPradesh
सरकार झुकती नहीं, झुकाने वाला चाहिए..
देश के छात्रो के साथ हुए अन्याय अत्याचार के बाद लम्बी लड़ाई के बाद बहुत बड़े आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने झुककर अपना इस्तीफ़ा देना पड़ा!
लड़ेंगे जीतेंगे!!
जय जोहार
दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मोहित ने छात्रों के समर्थन में अपना इस्तीफा दे दिया।
NEET पेपर घोटाले के खिलाफ जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज के आदेश से दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
मोहित जंतर मंतर पहुंचकर बोले, “भाइयों को लाठी नहीं मार सकता।”
We have given our blood for the nation, yet we receive only broken promises.The suffering of the tribal families across our region is immense.We demand BhilPradesh not as a charity,but as justice for our people who have been denied their rights for decades
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
17 नवंबर 1913 को ब्रिटिश शासन की सेना ने मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्रित आदिवासी लोगों पर गोलीबारी की, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी लोग शहीद हुए। इस घटना को आदिवासी इतिहास में मानगढ़ नरसंहार के रूप में याद किया जाता है।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
17 नवंबर 1913 को मानगढ़ पहाड़ी पर अंग्रेजी शासन की गोलीबारी में हजारों आदिवासी वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका संघर्ष आज भी समाज को अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरणा देता है।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
बिरसा मुंडा ने 1899-1900 में "उलगुलान" (महान आंदोलन/महान विद्रोह) का नेतृत्व किया। यह आंदोलन अंग्रेजों, जमींदारों और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ था। उनका मुख्य संदेश था कि आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन पर अधिकार बना रहना चाहिए।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 और 3 आधार पर भीलप्रदेश राज्य गठन किया जा सकता है,फिर किस बात के लिए केंद्र सरकार भीलप्रदेश राज्य पर अमल नहीं कर रही है??
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
👉 जब दुनिया में कोई धर्म नहीं था, जब कोई भगवान नहीं था, तब भारत भूमि पर आदिवासी थे।
वे प्रकृति की पूजा करते थे, जीवन के मूल तत्वों के संरक्षक थे।
हम उन आदिवासियों के गर्वित वंशज हैं।
उनकी पहचान और अधिकार के लिए हमें #हमारी_मांग_भीलप्रदेश चाहिए
👉 जब दुनिया में कोई धर्म नहीं था, जब कोई भगवान नहीं था, तब भारत भूमि पर आदिवासी थे।
वे प्रकृति की पूजा करते थे, जीवन के मूल तत्वों के संरक्षक थे।
हम उन आदिवासियों के गर्वित वंशज हैं।
उनकी पहचान और अधिकार के लिए हमें #हमारी_मांग_भीलप्रदेश चाहिए
आज वही कांग्रेस कह रही है भील प्रदेश राज्य का मुद्दा केंद्र के पाले में है लेकिन कांग्रेस यह भूल रही है कि अलग अलग हिस्सों में आदिवासियो को बांटने वाली भी कांग्रेस ही थी उसी की देन है आदिवासियों को संघर्ष करना पड़ रहा है भीलखंड अंग्रेजों के वक्त सुरक्षित था
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर आज भी विकास से वंचित हैं।
1 साल पहले धरियावद विधायक विधानसभा में "भील प्रदेश" टी-शर्ट पहनकर गए थे।
आज MP के विधायक PM को पत्र लिख रहे हैं।
हमारी बोली एक, संस्कृति एक, तो प्रदेश क्यों नहीं?
@PMOIndia#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
झारखण्ड,छत्तीसगढ़,उत्तराखंड और तेलंगाना की तर्ज पर भीलप्रदेश राज्य का गठन किया जाना चाहिए क्यूंकि भीलप्रदेश राज्य के डिमांड क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है जहाँ विकास नाम की चीज नहीं है!!
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश