4.6 वर्षों से पंचायत सहायकों से निजी मोबाइल, निजी इंटरनेट और निजी संसाधनों के सहारे काम कराया जा रहा है। संसाधन देने की बात आए तो अधिकारी मौन, लेकिन दबाव और धमकियां जारी हैं...
पंचायत सहायक गुलाम नहीं हैं।
संसाधन दो, सम्मान दो, तभी कार्य लो।
#संसाधन_नहीं_तो_कार्य_नहीं
@Theomendrapal__@DPROPBT123@DoprupPilibhit Dalal hote hai Dpro , Library k saaman me khoob dalai ki, Barabanki k dpro ko maanney mantri ji ne Dhakke mar k Nideshalay bhaga diya
जब हमने पेपर लीक, भर्ती घोटालों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे उठाए थे, तब हमें ही कठघरे में खड़ा किया गया।हम पर आरोप लगे, मज़ाक उड़ाया गया, चरित्र पर सवाल उठाए गए।
हालत यह है कि देश के बाहर से भी मीडिया की खबरों पर सवाल उठ रहे हैं।
हमारी लड़ाई किसी चैनल, पत्रकार या व्यक्ति से नहीं थी, हमारी पूरी लड़ाई हमेशा 'सच्चाई' के लिए थी।
देश की छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए जिम्मेदार मीडिया भी है।
राष्ट्रीय हित का विषय हैं। 🇮🇳
“जब परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याएँ सामने आती हैं, तब ध्यान भटकाकर अंजना ओम कश्यप और खान सर जैसे विवादों पर चर्चा आ जाती है। पहले अंजना शिक्षकों को दो कौड़ी का बोलती हैं, फिर जब सभी शिक्षक प्रतिक्रिया देते हैं, तो मीडिया एक सुनियोजित कथा तैयार करता है, और अंततः खान सर को बदनाम किया जाता है। इस सब में असली समस्या—जैसे पेपर लीक—पीछे रह जाती है।
🚨नोट: यह मेरी निजी राय है। मैं खान सर का स्टूडेंट हूँ, और यह ट्वीट मेरी व्यक्तिगत सोच है, इसका खान सर से कोई संबंध नहीं।”