राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने विगत दिनों अपनी ही पार्टी के महिला मोर्चे की पदाधिकारियों से तू-तड़ाक की भाषा में बात की ,क्या सार्वजनिक जीवन की मर्यादा की नसीहत देने वाले बीजेपी नेताओं और और उनकी पार्टी पर भाषा और व्यवहार की मर्यादा का पाठ लागू नहीं होता ?