@JharkhandCMO@HemantSorenJMM These policemen have done his exceptional good job in the anti naxal operation for the our state since last 7yrs, and these policemen have rights to seeking his actual legitimate demands...now the gov.of Jharkhand must have to decide to fulfill his demands.
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM महोदय,
आज समस्त सहायक पुलिस को आपसे उम्मीद है कि वेतन विसंगति को दूर करते हम सभी के समस्या का निराकरण करें। क्योंकि आज इस मंहगाई के दौर में इतने कम वेतन पर पुलिस का डियुटी कर घर परिवार चलाना असमर्थ हैं। सभी सहायक पुलिस मानसिक तनाव से गुजर रहे है
माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी सहायक पुलिस और सरकार के बीच जो सहमति बनी है उसको आगामी कैबिनेट में लाया जाए। इसके लिए हम सहायक पुलिस आपका हमेशा आभारी रहेंगे।
इस नियमावली की धज्जियां उड़ा दी गई है इस सरकार के द्वारा इसलिए नियमावली का ज्ञान ना दें।
जब नियमावली में अधिकतम सेवा अवधि सिर्फ 5 साल तक थी तो सेवा अवधि 7 साल कैसे हो गए।
नियमावली में मुआवजा का प्रावधान है तो 12 शहीद सहायक पुलिसकर्मी को अभी तक कोई भी मुआवजा क्यों नहीं दिया गया???
👇🏿 ऐ है हटिया Dy sp प्रमोद कुमार मिश्रा जब सहायक पुलिस अपने बातों को रखने के मुख्यमंत्री आवास जा रहें थे तो श्रीमान कायराना पूर्वक अपने जवानों के साथ हम सभी का आशियाना और मैस के त्रिपाल फाड़ने, समान नष्ट करने में लगे थे और साथ ही साथ मैदान में बचें महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता के साथ पेस
आ रहें थे। आप ��ी देख लीजिए माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी ।
@JharkhandPolice
जिस प्रकार से हम सभी निहत्थे जवानों पर लाठी चार्ज किया गया है माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी ये सब हम सभी आदिवासी मूलवासी बच्चें याद रखेंगे। कैसे झारखंड सरकार हमारी शोषण कर रही है अब पुलिस से ही हम सभी को पिटवाया गया।
"मंहगाई" सबके लिए "बराबर" आती है, शासन नियमित कर्मचारियों की "वेतनवृद्धि" तो कर देती है लेकिन अनुबंधकर्मी "झारखण्ड सहायक पुलिस" को अपने'वेतनवृद्धि' के लिए धरना, रैली या हड़ताल का ��हारा आखिर क्यों लेना पड़ता है?
@HemantSorenJMM
@JharkhandCMO
@JMMKalpanaSoren
@MithileshJMM
@aajtak
हम झारखंडी हैं माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी
✓हम आदिवासी है���
✓हम मूलवासी है।
✓हम 100% स्थानीय है।
✓ हम सभी 1932 वाला खतियानी है।
फिर अपने ही राज्य में गिरमिटिया मजदूर की तरह जीवन जिने पर क्यों मजबूर कर रहे हैं।
✓ यदि एक कुशल मजदूर भी 08 घंटा डियूटी करता है तो उसे भी 500 से 600 रू मिलता है हम सब तो 24*7 डियूटी करते हैं तो हमारे साथ अन्याय क्यों।
✓ क्या विगत 7 वर्षों से हमलोगों के लिए महंगाई नहीं बढ़ा?
✓ क्या आज के इस महंगाई के दौर में ₹10000 मासीक मानदेय में पुलिस की ड्��ूटी कर पाना संभव है?
✓ यदि हमारी मांगे गलत है तो हमें पूर्णत: हटा दें , अन्यथा हम सभी को घुट घुट कर जीवन जीने से अच्छा हमारे साथ न्याय करें।
@JharkhandCMO @jhar_governor @JmmJharkhand @INCJharkhand @DipikaPS @IrfanAnsariMLA @ChampaiSoren @sunny_sharad
@jhpolice@BJP4Jharkhand सहायक पुलिस बालूमाथ थाना से जयराम कुमार साहू ड्यूटी के दौरान 8 दिन से लापता हो जाना और लातेहर पुलिस उसे खोजने में नाकाम रहना चिंता का विषय है 10000में 24 घंटा नक्सल इलाकों में ड्यूटी करते हुए गायब हो जाना झारखण्ड पुलिस पर कई सवाल खड़े करते हैं
माननीय मुख्यमंत्री श्री @ChampaiSoren जी, झारखंड सहायक पुलिसकर्मी 7 वर्��ों से लगातार सेवा दे रहे हैं। वे ना सिर्फ उग्रवाद प्रभावित जिलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं बल्कि जिलों के पुलिस कार्यालय का भी कार्यभार संभाल रहे हैं।
ये शत प्रतिशत यहां के आदिवासी मूलवासी युवा है। यह घोर उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों से आते हैं और इनको इसलिए सहायक पुलिसकर्मी के रूप में नियुक्त किया था ताकि यह मुख्य धारा में जुड़ कर रह सके ।
माननीय मुख्यमंत्री जी आपसे आग्रह है कि अपने सरकार द्वारा किए गए वायदे ।के अनुसार इन भूमि पुत्रों को अविलंब नियमित करने की कृपा करें।
@JharkhandCMO @JharkhandPolice
माननीय मुख्यमंत्री @ChampaiSoren आखिर कब तक हमलोग (झारखण्ड सहायक पुलिस) अपनी जान दाव पर लगाकर मात्र 10 हजार मे घोर नक्सली क्षेत्र मे सेवा देते रहेंगे. न हमलोग को TA, DA व अनुकम्पा की सुविधा है. कल ड्यूटी का विरोध किए तो वरीय पदाधिकारी द्वारा रिपोर्ट कर दिया गया
@BJP4India@narendramodi सुई से माचिस तक महँगी,
नमक से लेकर हल्दी तक पर टेक्स,
ईधन के तमाम स्रोत महंगे,
शिक्षा से लेकर नौकरी तक दलाली,
न्याया सिर्फ पुजिपतियो को ही मिलेगा,
विर��ध किया तो जेल जाना पड़ेगा,
मिला क्या दस वर्षों में?
दिलासा ,भाषण ,नोटबन्दी ,कोरोना
और चाँद के पार चलो,
आशाराम से बड़े झासाराम ।