जात–व्यवस्थाले निर्माण गरेको परम्परागत सामाजिक दूरीलाई मजबुत गर्न सवर्ण समाज र सत्ताले कोभिड–१९ को सन्दर्भमा ‘सामाजिक दूरी’को भाष्य निर्माण गरेको छ। कोभिड–१९ को सामाजिक दूरीसँग कुनै सम्बन्ध छैन। यो रोग मूलतः रोगसँगको दूरी (डिजिज डिस्टान्सिङ) को विषय हो।
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ब्लू टिक या वेरिफ़िकेशन जनेऊ की तरह है। ये कुछ लोगों के पास है और ज़्यादातर लोगों के पास नहीं है। जिनके पास है, वो कुछ भी बकवास करें, उनकी बात सुनी जाती है। जिनके पास ये जनेऊ नहीं है, उनकी बात भीड़ में खो जाती है। #BlueTickForAll_orNone
@mandalexpress Nepali nationality is as weak as Churiya mountain. Mahato is a stooge and he knows how to tease the so called nationalists.
चमचा का बोली अपना नही होता है। जो सहारा देगा वो इसारा भी करेगा।
ट्विटर गैर-बराबरी के खिलाफ पिछले दो साल से लड़ाई चल रही है। इसी संघर्ष की वजह से कई दलितों-आदिवासियों और पिछड़ों के अकाउंट को ब्लू टिक मिला लेकिन हम कह रहे हैं कि सबको ब्लू टिक दो। भेदभाव बंद करो।@TheShudra लगातार इस मसले पर गंभीरता से काम करता रहा है। #BlueTickForAll_orNone
भोलि शनिबार हामी @Shilapatraका सम्पादक @basantabasnetसँग हल्का रमाइलो गफगाफ गर्दैछौँ। नेपाली मिडिया, इन्टरनेट, feminism र यो f-word देख्योकि laastai ryaaag हान्ने/lyaaang गर्यो भन्ने broहरु बारे हाम्रो कुराकानी सुन्न आउनुहोला। Ticket काटौ र Zoomमा भेटौला!🔗https://t.co/5Qd5pEqlbF
दोहनको चपेटामा छ, कलिलो कान्छो पहाड चुरे । अब बाढी–पहिरो आउनेछ । बाढी–पहिरोले सबैभन्दा विपन्नलाई उठिबास लगाउनेछ । पानीको मुहान सुकेर विपन्नहरूको मुहान हाहाकारमा पर्नेछ । पहिले यो समस्या जनजाति समुदायले भोग्नेछ । त्यसपछि मधेसी समुदायले भोग्नेछ ।
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जसपा के भजन मंडली उसी पागल जैसा काम कर रहा है, जिसके घर में आग लगी हो और वह लट्ठ लेकर दौडते हुए पिछवाडे़ में चोरी की रखवाली करने जाता हो। तराई मरूभूमी मन्त्रिमंडल बन कर घर की रखवली करने का सपत लिला समारोह।
@brahmwani@sohan_sk लोकतन्त्र मनुस्मृती/व्यालट तक सिमीत है। इनके पास कन्टेन्ट नही है। जो भी कन्टेन्ट दिया दुनिया भर में जगहसाई हुआ। मुख और पैर से पैदा होना..। कन्टेन्ट बहुजनो ने दिया है। व्यालेट कोरा राजनीतिक एजेन्डा है। जब जक सामाजिक लोकतन्त्र नही होगा, मनुस्मृती के सामने व्यालेट दम तोडता रहेगा।
जिसमें समता की चाह नहीँ, वह बहनिया इंसान नहीँ,
समता विना समाज नहीँ, विन समाज जनराज नहीँ।
मानववाद की क्या पहचान, ब्राह्मण भंगी एक समान
पुर्नजन्म और भाग्यवाद, इनसे जन्मा ब्राह्मणवाद ।।
-अर्जक संघ संस्थापक तथा मानवतावादी माहामाना रामस्वरूप वर्मा ।
आज महन्थ–महतो गुट कोभिडले आक्रान्त मधेसी जनताको प्राणरक्षार्थ होइन, डगमगाएको ओलीको सत्तामा टेको लगाइदिन सतिसाल भएर खडा छ @NAYA_PATRIKA https://t.co/V3GubHqk3M