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कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस-वोटिंग ने BJP की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कांग्रेस को अपेक्षा से 11 वोट ज्यादा मिले, जबकि BJP-JDS खेमे में टूट की खबरें सामने आई हैं। अब BJP नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा समेत कई नेताओं को तलब किया है।
क्या यह सिर्फ क्रॉस-वोटिंग है या कर्नाटक BJP में अंदरूनी असंतोष की बड़ी आहट? 🤔
राजनीतिक विश्लेषक आदेश रावल का कहना है कि अगले लोकसभा चुनाव में अभी लगभग तीन साल का समय है, लेकिन विपक्षी राजनीति में राहुल गांधी की भूमिका लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।
उनके अनुसार, जिस दिन ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से बातचीत की, उसी दिन यह संकेत मिल गया था कि विपक्ष में उनकी स्वीकार्यता बढ़ रही है।
आदेश रावल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कई नेता स्वयं को विपक्ष का प्रमुख चेहरा मान रहे थे, लेकिन अब राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्तर पर किसी अन्य नेता की आवश्यकता नहीं दिखती।
उनका मानना है कि कांग्रेस से अलग होकर बनी कई क्षेत्रीय पार्टियों को हाल के चुनावों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और इससे कांग्रेस के प्रति लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि कई बड़े क्षेत्रीय नेताओं को चुनावी झटके लगे हैं, जबकि कांग्रेस लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आदेश रावल के अनुसार, आने वाले समय में परिसीमन (Delimitation) जैसे मुद्दे विपक्ष और इंडिया गठबंधन के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अब देखने वाली बात यह होगी कि विपक्षी दल और इंडिया गठबंधन परिसीमन बिल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को किस तरह संभालते हैं और उस पर अपनी साझा रणनीति कैसे तैयार करते हैं।