क्या विपक्ष के सांसदों को पैसा देकर खरीद रही भाजपा ?
महुआ मोइत्रा का बड़ा आरोप- ‘ममता के हर एक बागी सांसद को 4 करोड़ एडवांस मिले और फिर अगले 36 महीने तक हर महीने 1 करोड़ रुपये मिलेंगे’
संजय राउत ने भी फोड़ा बम... बोले- ‘उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को प्रति सांसद 50 करोड़ का ऑफर’
@Editor_SanjayS@PandeyShivani_
अभी राममंदिर का हजारों करोड़ का घोटाला किसी दूसरी सरकार में होता
तो अब तक ANI वाले देश के सभी नेताओं से इस घोटाले के बारे में प्रश्न पूछकर उसकी वीडियो डाल चुके होते
गोदी मीडिया विपक्षी नेताओं की तस्वीर के साथ रोज़ाना चार चार डिबेट करती
अब ANI वालों को साँप सूँघ गया?
देश के मतदाताओं ने भाजपा की मंशा भांप कर चार सौ पार के नारे की हवा निकाल दी थी। अब भाजपा नंबर के आधार पर चार सौ पार कर सांसद खरीद कर संविधान बदलने का षड्यंत्र रच रही है। सत्ता, न्यायालय, ईडी, सीबीआई, लोकतंत्र के रखवाले सब गूंगे-बहरे हो गए।
भाजपा के पास नोटों की कमी नहीं है। देश में भ्रष्ट नेताओं, सांसदों की कमी नहीं नहीं है। लोकतंत्र के हत्यारों का एक जगह इकट्ठा होना देश भक्ति का काम है। यह जो जा रहें हैं टूट रहे हैं इनका अंत 2029 में हो जाएगा।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावा चोरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं!
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था। उसी निर्णय के तहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास एवं मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी इस ट्रस्ट को सौंपी गई। का यह केवल एक ट्रस्ट नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विश्वास का प्रतीक है। ट्रस्ट ने लोगों के विश्वास को तोड़कर सर्वोच्च न्यायालय का भी अपमान किया है ।
आज जिस प्रकार से श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं एवं लूट के गंभीर आरोप सामने आए हैं, उसने पूरे देश के श्रद्धालुओं को आहत किया है। अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि है, जहां से पूरी मानवता मर्यादा, त्याग, समर्पण और आदर्श जीवन का संदेश प्राप्त करती है। ऐसे पवित्र स्थान से यदि चढ़ावे की लूट और भ्रष्टाचार जैसी खबरें सामने आती हैं तो यह केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला विषय नहीं, बल्कि देश की आस्था पर भी गंभीर आघात है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। जब प्राथमिकी ही नहीं हुई तो एसआईटी जांच का औचित्य क्या है? जनमानस में यह चर्चा है कि केवल औपचारिक जांच से सत्य सामने नहीं आएगा। करोड़ों रामभक्तों का विश्वास तभी बहाल होगा जब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाएगी।
श्री महिपाल सिंह जी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों तथा प्रस्तुत किए गए तथ्यों पर ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट और ठोस जवाब न आना भी अनेक सवाल खड़े करता है। यदि आरोप निराधार हैं तो उनका तत्काल खंडन होना चाहिए था। लेकिन लगातार बनी हुई चुप्पी जनसामान्य के मन में संदेह को और अधिक गहरा कर रही है।
हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि जिन ट्रस्टियों अथवा पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके और रामभक्तों की आस्था पर लगा यह कलंक मिट सके।
इसके अतिरिक्त अयोध्या में नजूल भूमि को गलत तरीके से क्रय विक्रय किया है । और जिसमें पैसे की भारी लूट हुई है । आरोप लगाए जा रहे हैं कि ऐसी भूमि, जिसके क्रय-विक्रय पर कानूनी प्रतिबंध है, उसे विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से ट्रस्ट की परिसंपत्तियों में शामिल किया गया तथा श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर निर्माण हेतु दिए गए धन का उपयोग इन भूमि सौदों में किया गया। यदि इन आरोपों में सत्यता है यह केवल वित्तीय अनियमितता का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों के विश्वास से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों द्वारा नजूल भूमि के अधिग्रहण और उससे जुड़े भुगतान में भारी अनियमितताएं की गईं तथा अयोध्या के कई सार्वजनिक मार्गों और रास्तों को भी ट्रस्ट क्षेत्र में शामिल कर आम लोगों की आवाजाही प्रभावित की गई। यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो यह न केवल जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है, बल्कि श्रीराम मंदिर और अयोध्या की गौरवशाली छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला विषय है। इसलिए इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायिक निगरानी में जांच कराकर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
प्रभु श्रीराम किसी व्यक्ति या संस्था के नहीं, पूरे राष्ट्र की आस्था के केंद्र हैं। उनकी आस्था से खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
"सीता मईया हैं नाराज़ ट्रस्टियों के काम से,
करोड़ों रुपये डकार गए प्रभु श्रीराम के नाम से।"
@yadavakhilesh@samajwadiparty
जिस देश में हिन्दूओं से भगवान के दर्शन करवाने के लिए पैसे लेते हो वह आस्था का केंद्र नहीं व्यापारिक केंद्र हो गए। सभी आस्था केन्द्रों पर दलाल सक्रिय है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान चर्चा के केंद्र में आ गया है।
शंकराचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि जब राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के समय संतों और आचार्यों को किनारे कर दिया गया और उनकी जगह "वफादार लोगों" को जिम्मेदारी दी गई, तभी यह आशंका पैदा हो गई थी कि आगे चलकर मनमानी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मस्थलों को धीरे-धीरे आस्था का केंद्र कम और व्यापार का केंद्र ज्यादा बनाया जा रहा है, और जब जवाबदेही कम होती है तो ऐसे विवाद सामने आते हैं
पूरी खबर हमारे यूट्यूब चैनल 4PM UP पर देखें !
@Abdu6Journalist@Editor_SanjayS
अगर सपा सरकार में होती राम मंदिर में चंदा चोरी, तब क्या करती मोदी सरकार?
◆ सुनिए BJP प्रवक्ता @maheshverma05 का जवाब
◆ पूरा शो: https://t.co/GPWoiyACNP
◆ देखिये सबसे बड़ा सवाल, गरिमा सिंह के साथ
#SabseBadaSawal | #SBS | @gforgarima
बुलंदशहर : कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का बयान
➡राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले भूपेंद्र चौधरी
➡इस प्रकार की घटनाएं दुखद हैं, सरकार सज
➡सपा ने राम मंदिर में अड़चन पैदा की
➡सपा ने निहत्थे कार सेवकों पर गोली चलवाई
➡सपा मस्जिदों के चंदे का हिसाब नहीं मांगती
➡मंदिरों के लिए हिसाब मांग रही है
@Bhupendraupbjp
योगी आदित्यनाथ की छवि पर राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना का ऐसी बदनुमा दाग़ है जिसे सदियों तक याद रखा जायेगा।
जब जब इतिहास में राम मंदिर का जिक्र होगा तब तब यह बात पढ़ने को मिलेगा कि भगवा वस्त्र लपेटे एक संत था जिसके कार्यकाल में 200 करोड़ से अधिक रामभक्तो का चंदा चोरी हुआ था।
और उसने SIT गठित करने के बावजूद भी अपने लोगों पर एक FIR तक दर्ज नहीं किया था।
ब्रेकिंग न्यूज़। अयोध्या।
चढ़ावा कांड में टिन्नू यादव का बड़ा दावा “Cash की जिम्मेदारी ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा की, मेरी नहीं”
राम मंदिर चढ़ावा कांड में नया मोड़: टिन्नू ने अनिल मिश्रा पर फोड़ा ठीकरा। “अनिल मिश्रा की SIT जांच करे”
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब बड़ा बयान सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर पूरे मामले की जिम्मेदारी डालते हुए कहा है कि “Cash की जिम्मेदारी ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा की थी, मेरी नहीं। SIT को अनिल मिश्रा की जांच करनी चाहिए।”
अनिल मिश्रा खुलासे के बाद से ही अयोध्या से लापता हैं। किसी से इनका संपर्क नहीं है। करीबी बता रहे हैं आंख खराब हो गई है केरल गए हैं दिखाने। टिन्नू के दावे के बाद मास्टरमाइंड के तौर पर इल्जाम मिश्रा पर घूम गया है।
@CMOfficeUP@LucknowDivision@Igrangelucknow@ayodhya_police@dmayodhya@ShriRamTeerth
हिन्दूओं के पापी सम्राटों के पाप का घड़ा भरने लगा है। सत्ता रहेगी तब तक यह खेल चलता रहेगा। सत्ता जाने पर सभी जेल जाएंगे। अरबों खरबों खाएं है। सारी ऐजेन्सियों के मुंह पर ताला लगा हुआ है।
राम मंदिर दान और संपत्ति विवाद के आरोपों पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ये सब निराधार है। ये फंसाने की साजिश है। कोई ठोस सबूत है तो दिखाएं।
50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है। यह उन्हें फंसाने और छवि खराब करने की साजिश है। पिछले 15 दिनों से परिवार मानसिक तनाव में है।
उन्होंने बताया कि यह घर साल 2008 में खरीदा था, जो 2015 में बना था। राम मंदिर फैसले से पहले ही यह संपत्ति तैयार हो चुकी थी। उनकी सारी संपत्ति पूरी तरह साफ और पारदर्शी है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राम मंदिर के चढ़ावे, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चम्पत राय को लेकर BJP के पूर्व सांसद विनय कटियार ने क्या कहा?
#ATTVReel#Dangal | Vinay Katiyar | @sahiljoshii
राम मंदिर में यह कर्मचारी अप्रशिक्षित थे जो आकाओं के कहने पर चोरी करते थे लेकिन सफाई से नहीं करते थे। अब चोरी खुल गई तो इनको फंसा कर ने प्रशिक्षित चोरों को लगाया जाएगा जो इनसे ज्यादा धन चुरा कर देंगे और पकड़ में भी नहीं आएंगे। अब खेल बड़ा होगा। सरदार वहीं होंगे।
रामजन्म भूमि मंदिर लूट कांड पर मैंने पहले ही लिखा था कि बड़ों को बचाया जाएगा और छोटे कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ा जाएगा। अमर उजाला की खबर देखिए। वही हो रहा है।
ट्रस्ट में बैठे संघी मंदिर लूट का धन ऊपर तक पहुंचाते हैं तो उन पर कार्रवाई कैसे होगी? गांठ बांध लीजिए, किसी बड़े संघी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
संघी जानते हैं कि दशकों से झूठ बोल-बोल कर उन्होंने हिंदुओं को अपने धर्म और धर्मशास्त्रों से दूर कर दिया है। हिंदू मूढ़ हो चुके हैं। मूढ़ भेड़ों की क्या औकात? अतः सबकुछ यथावत चलता रहेगा!
#ayodhya #ayodhyarammandir #ayodhyarammandirnirman #AyodhyaRamTemple #SandeepDeo
"श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा में दान के रुपए, चढ़ावा, आभूषणों को CCTV कैमरे बंद करके प्रबंध कमेटी वाले लोग बंदरबांट करके करोड़ों की गाड़ियों और कोठियों में प्रस्थान कर गए हैं"
मथुरा से यह नया मामला सामने आया है।
विपक्षी राम मंदिर विरोधी नहीं हैं। विपक्षी तो हिन्दूओं के चंदा चोरों के विरोधी हैं। पहले भी थे। राम भक्त बन कर लूटने वाले राम भक्त नहीं मुगलों के असली वंशजों में से हैं।
भाजपा सांसद रवि किशन ने अयोध्या राम मंदिर में भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर कहा, "जिसने भी पाप किया है उसे कड़ी सजा मिलेगी। विपक्षियों, समाजवादी पार्टी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ये राम विरोधी रहे हैं, राम मंदिर के विरोध में रहे हैं, आज ये लोग शुभचिंतक न बने।"
#RaviKishan #RamMandir #Ayodhya #IndianPolitics
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से आया है ये वीडियो.बड़े मंगलवार के अवसर पर आयोजित भंडारे में लवकुश ओझा का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग व्यक्ति को प्रसाद देने से पहले “जय श्रीराम” का नारा लगाने के लिए कहा जा रहा है. ‘जय श्रीराम कहोगे, तभी मिलेगा प्रसाद’ जैसे इस घटनाक्रम को लेकर इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और लोग इस पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं.
#SiddharthNagar | UPNews | ViralVideo
राम मंदिर डोनेशन विवाद की जांच के लिए UP सरकार के 3 मेंबर वाली SIT बनाने पर, शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "भक्तों का पैसा चुराने से बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता। जो भक्त पूरी श्रद्धा, विश्वास के साथ आते हैं। BJP, जिसकी छत्रछाया में वे पूरा क्रेडिट लेते हैं, कि यह राम मंदिर उनकी वजह से बना, उन्होंने इतना बड़ा स्कैम देखा है। अब, जैसे ही SIT फैक्ट्स और जो सामने आ रहा है, उसे सामने लाएगी, एक और बड़ा स्कैम सामने आएगा, क्योंकि वे सिर्फ वोट पाने के लिए पॉलिटिक्स करते हैं।"
#RamMandir #SITInvestigation #PriyankaChaturvedi
#Politics